संग्राम सिंह ने 80 सेकंड में पाकिस्तानी फाइटर को हराया, एशियन MMA चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय बने
सारांश
मुख्य बातें
संग्राम सिंह ने कुआलालंपुर में 19 जुलाई को एशियन एमएमए चैंपियनशिप का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया — वे यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय फाइटर बन गए। रेसलिंग से मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में कदम रखने वाले संग्राम ने पाकिस्तानी फाइटर मोहम्मद आबिद अली को महज 1 मिनट 20 सेकंड में सबमिशन से पराजित किया। यह किसी पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ उनकी दूसरी और MMA करियर की कुल चौथी जीत थी।
मुकाबले का घटनाक्रम
फाइट के 30वें सेकंड में ही संग्राम ने निर्णायक दांव खेला — एक तेज लेग अटैक से उन्होंने आबिद को जमीन पर ला पटका और पलक झपकते एंकल होल्ड बना लिया। आबिद ने केज की दीवार का सहारा लेकर इस पकड़ से बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन संग्राम ने उन्हें वापस अंदर खींचा और उसी स्थिति से गले पर चोक (सबमिशन) लगा दिया। आबिद के पास इस दोहरे दांव का कोई जवाब नहीं था और उन्हें हार स्वीकार करनी पड़ी।
कोच की नज़र से: रणनीति कैसे काम आई
संग्राम के कोच भूपेश कुमार ने बताया कि आबिद की लंबाई और पंचिंग की रफ्तार शुरुआत में चिंता का कारण थी। आबिद ने आक्रामक तरीके से पंच लगाए और उनका एक पंच संग्राम की आँख के पास भी लगा, लेकिन संग्राम ने संयम बनाए रखा और जल्दबाजी में कोई जोखिम नहीं उठाया। कोच के अनुसार, अंततः संग्राम का रेसलिंग का वर्षों का अनुभव निर्णायक साबित हुआ।
गौरतलब है कि आबिद भी रेसलिंग पृष्ठभूमि से MMA में आए हैं, फिर भी संग्राम ने अपनी तकनीकी श्रेष्ठता से उन्हें पूरी तरह पछाड़ दिया।
अजेय रिकॉर्ड और पिछली जीतें
संग्राम सिंह ने MMA में अपना अजेय रिकॉर्ड बरकरार रखा है। इससे पहले वे पाकिस्तान के अली रजा नासिर, ट्यूनीशिया के हकीम त्राबेसी और फ्रांस के फ्लोरियन कॉडियर को हरा चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अर्जेंटीना में उनके पिछले मुकाबले में भी लेग अटैक की यही तकनीक निर्णायक रही थी — जो दर्शाता है कि यह उनकी हस्ताक्षर रणनीति बन चुकी है।
संग्राम की प्रतिक्रिया
जीत के बाद संग्राम सिंह ने यह खिताब 1.4 अरब भारतीयों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि हर फाइट में उनका एकमात्र मकसद भारत के तिरंगे का मान बढ़ाना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आबिद ने केज की स्थिति का फायदा उठाकर उनके हमले को नाकाम करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें वापस अंदर खींचकर उन्होंने प्रतिद्वंद्वी की उस रणनीति को विफल कर दिया।
आगे की राह
एशियन चैंपियनशिप के इस ऐतिहासिक खिताब के साथ संग्राम सिंह ने भारतीय MMA को वैश्विक मानचित्र पर एक नई पहचान दी है। उनका अजेय रिकॉर्ड और तकनीकी दक्षता यह संकेत देती है कि आने वाले समय में वे और बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की स्थिति में हैं।