जंजीबार राष्ट्रपति म्वियनी की उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन से मुलाकात, भारत-जंजीबार साझेदारी को नई दिशा
सारांश
मुख्य बातें
जंजीबार के राष्ट्रपति एवं रिवोल्यूशनरी काउंसिल के चेयरमैन डॉ. हुसैन अली म्वियनी ने 20 जुलाई 2025 को नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से भेंट की। 17 से 20 जुलाई तक चल रही इस आधिकारिक भारत यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच व्यापार, शिक्षा, ब्लू इकोनॉमी और बहुपक्षीय सहयोग सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में क्या हुई बातचीत
उपराष्ट्रपति कार्यालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए बयान में बताया कि दोनों नेताओं ने भारत और तंजानिया के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक संबंधों को और सुदृढ़ करने पर सहमति जताई। बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने स्वीकार किया कि यह रिश्ता महज कूटनीतिक दायरे तक सीमित नहीं है — इसकी जड़ें हिंद महासागर के प्राचीन समुद्री मार्गों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जन-से-जन जुड़ाव में गहराई से समाई हैं।
बैठक में व्यापार, निवेश, विकास सहयोग, पर्यटन, ब्लू इकोनॉमी, शिक्षा, तकनीक और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग विस्तार के तरीकों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने साझा विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
IIT मद्रास जंजीबार कैंपस — शिक्षा सहयोग की ऐतिहासिक पहल
बैठक के दौरान राष्ट्रपति म्वियनी ने चेन्नई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT मद्रास) परिसर के अपने दौरे पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने भारत के सहयोग से स्थापित हो रहे IIT मद्रास जंजीबार कैंपस को द्विपक्षीय शैक्षणिक सहयोग की एक मील का पत्थर पहल बताया। यह कैंपस भारत और अफ्रीका के बीच उच्च-गुणवत्ता शिक्षा एवं आधुनिक तकनीकी ज्ञान के हस्तांतरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है।
भारतीय सहयोग कार्यक्रमों की सराहना
राष्ट्रपति म्वियनी ने जल परियोजनाओं, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) की छात्रवृत्तियों तथा भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रमों के ज़रिये भारत द्वारा दिए जा रहे सहयोग की विशेष सराहना की। ये कार्यक्रम जंजीबार में क्षमता निर्माण और मानव संसाधन विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
उपराष्ट्रपति का संदेश
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने बैठक में स्पष्ट कहा, 'तंजानिया और जंजीबार के साथ भारत अपनी साझेदारी को और मज़बूत करने को लेकर प्रतिबद्ध है। दोनों देश प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर साझा विकास और समृद्धि के लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं।'
आगे की राह
यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का हिस्सा है। गौरतलब है कि भारत और तंजानिया के संबंध इस क्षेत्र में स्थिरता, विकास और आपसी सहयोग के प्रमुख स्तंभों में गिने जाते हैं। IIT मद्रास जंजीबार कैंपस जैसी पहलें भविष्य में दोनों देशों के बीच ज्ञान-आधारित साझेदारी को और गहरा करने की नींव रख रही हैं।