20 जुलाई 2026
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जंजीबार राष्ट्रपति म्वियनी की उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन से मुलाकात, भारत-जंजीबार साझेदारी को नई दिशा

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जंजीबार राष्ट्रपति म्वियनी की उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन से मुलाकात, भारत-जंजीबार साझेदारी को नई दिशा

सारांश

जंजीबार के राष्ट्रपति म्वियनी की भारत यात्रा महज शिष्टाचार भेंट नहीं थी — IIT मद्रास जंजीबार कैंपस, ब्लू इकोनॉमी और ITEC सहयोग पर ठोस चर्चा ने इसे एक कार्यसूची-संचालित दौरे में बदल दिया, जो हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को रेखांकित करता है।

मुख्य बातें

जंजीबार के राष्ट्रपति डॉ.
हुसैन अली म्वियनी ने 20 जुलाई 2025 को उपराष्ट्रपति सी.
राधाकृष्णन से उपराष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में मुलाकात की।
दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, ब्लू इकोनॉमी, पर्यटन, शिक्षा और तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।
IIT मद्रास जंजीबार कैंपस को भारत-अफ्रीका शैक्षणिक सहयोग की ऐतिहासिक पहल बताया गया।
राष्ट्रपति म्वियनी ने ICCR छात्रवृत्तियों और ITEC कार्यक्रमों के ज़रिये भारतीय सहयोग की सराहना की।
म्वियनी की यह आधिकारिक भारत यात्रा 17 से 20 जुलाई 2025 तक चली।

जंजीबार के राष्ट्रपति एवं रिवोल्यूशनरी काउंसिल के चेयरमैन डॉ. हुसैन अली म्वियनी ने 20 जुलाई 2025 को नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से भेंट की। 17 से 20 जुलाई तक चल रही इस आधिकारिक भारत यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच व्यापार, शिक्षा, ब्लू इकोनॉमी और बहुपक्षीय सहयोग सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में क्या हुई बातचीत

उपराष्ट्रपति कार्यालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए बयान में बताया कि दोनों नेताओं ने भारत और तंजानिया के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक संबंधों को और सुदृढ़ करने पर सहमति जताई। बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने स्वीकार किया कि यह रिश्ता महज कूटनीतिक दायरे तक सीमित नहीं है — इसकी जड़ें हिंद महासागर के प्राचीन समुद्री मार्गों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जन-से-जन जुड़ाव में गहराई से समाई हैं।

बैठक में व्यापार, निवेश, विकास सहयोग, पर्यटन, ब्लू इकोनॉमी, शिक्षा, तकनीक और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग विस्तार के तरीकों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने साझा विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

IIT मद्रास जंजीबार कैंपस — शिक्षा सहयोग की ऐतिहासिक पहल

बैठक के दौरान राष्ट्रपति म्वियनी ने चेन्नई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT मद्रास) परिसर के अपने दौरे पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने भारत के सहयोग से स्थापित हो रहे IIT मद्रास जंजीबार कैंपस को द्विपक्षीय शैक्षणिक सहयोग की एक मील का पत्थर पहल बताया। यह कैंपस भारत और अफ्रीका के बीच उच्च-गुणवत्ता शिक्षा एवं आधुनिक तकनीकी ज्ञान के हस्तांतरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है।

भारतीय सहयोग कार्यक्रमों की सराहना

राष्ट्रपति म्वियनी ने जल परियोजनाओं, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) की छात्रवृत्तियों तथा भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रमों के ज़रिये भारत द्वारा दिए जा रहे सहयोग की विशेष सराहना की। ये कार्यक्रम जंजीबार में क्षमता निर्माण और मानव संसाधन विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

उपराष्ट्रपति का संदेश

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने बैठक में स्पष्ट कहा, 'तंजानिया और जंजीबार के साथ भारत अपनी साझेदारी को और मज़बूत करने को लेकर प्रतिबद्ध है। दोनों देश प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर साझा विकास और समृद्धि के लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं।'

आगे की राह

यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का हिस्सा है। गौरतलब है कि भारत और तंजानिया के संबंध इस क्षेत्र में स्थिरता, विकास और आपसी सहयोग के प्रमुख स्तंभों में गिने जाते हैं। IIT मद्रास जंजीबार कैंपस जैसी पहलें भविष्य में दोनों देशों के बीच ज्ञान-आधारित साझेदारी को और गहरा करने की नींव रख रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो चीन की अफ्रीका में बढ़ती उपस्थिति के बरक्स भारत को एक विश्वसनीय ज्ञान-साझेदार के रूप में स्थापित करती है। हालांकि, ब्लू इकोनॉमी और व्यापार पर हुई चर्चा अभी भी घोषणाओं के स्तर पर है — बाध्यकारी समझौतों और समयबद्ध लक्ष्यों का अभाव इस यात्रा की सबसे बड़ी सीमा है। हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक सक्रियता तभी प्रभावशाली होगी जब कूटनीतिक संवाद परियोजनाओं में तब्दील हो।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जंजीबार के राष्ट्रपति म्वियनी ने भारत में किससे मुलाकात की?
डॉ. हुसैन अली म्वियनी ने 20 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से मुलाकात की। यह बैठक उपराष्ट्रपति भवन में हुई और 17-20 जुलाई की आधिकारिक भारत यात्रा का हिस्सा थी।
IIT मद्रास जंजीबार कैंपस क्या है?
IIT मद्रास जंजीबार कैंपस भारत के सहयोग से जंजीबार में स्थापित हो रहा एक उच्च शिक्षा संस्थान है। यह भारत और अफ्रीका के बीच तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग का एक प्रमुख उदाहरण माना जा रहा है।
भारत और जंजीबार के बीच किन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी?
दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, विकास सहयोग, पर्यटन, ब्लू इकोनॉमी, शिक्षा, तकनीक और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग विस्तार पर सहमति जताई। साझा विकास लक्ष्यों के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
ITEC और ICCR कार्यक्रम जंजीबार के लिए क्यों अहम हैं?
भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) की छात्रवृत्तियाँ जंजीबार में क्षमता निर्माण और मानव संसाधन विकास में योगदान देती हैं। राष्ट्रपति म्वियनी ने इन कार्यक्रमों की विशेष सराहना की।
भारत-तंजानिया संबंधों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि क्या है?
भारत और तंजानिया के संबंध सदियों पुराने समुद्री संपर्क, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जन-से-जन जुड़ाव पर आधारित हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में ये संबंध स्थिरता और विकास के महत्वपूर्ण स्तंभ माने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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