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जांजीबार विकास में भारत की भूमिका की तंजानिया के राष्ट्रपति म्विन्यी ने की सराहना, IIT मद्रास दौरे का न्योता

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जांजीबार विकास में भारत की भूमिका की तंजानिया के राष्ट्रपति म्विन्यी ने की सराहना, IIT मद्रास दौरे का न्योता

सारांश

तंजानिया के राष्ट्रपति हुसैन अली म्विन्यी ने जांजीबार में भारत के उच्चायुक्त से मुलाकात कर निवेश, आईसीटी और IIT मद्रास जांजीबार के ज़रिए हो रहे सहयोग की सराहना की। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन के निमंत्रण पर उनकी जुलाई में भारत यात्रा प्रस्तावित है।

मुख्य बातें

तंजानिया के राष्ट्रपति हुसैन अली म्विन्यी ने जांजीबार के स्टेट हाउस में भारतीय उच्चायुक्त बिश्वदीप डे से मुलाकात की।
राष्ट्रपति ने निवेश, कौशल प्रशिक्षण, आईसीटी और आईआईटी मद्रास जांजीबार के माध्यम से भारत के योगदान की प्रशंसा की।
राधाकृष्णन की ओर से राष्ट्रपति म्विन्यी को जुलाई 2026 में भारत आने का आधिकारिक निमंत्रण दिया गया।
जांजीबार के आईसीसीआर स्कॉलरशिप छात्रों के लिए सत्र 2026-27 हेतु ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उच्चायुक्त डे ने डोडोमा में भारत-तंजानिया संसदीय मित्रता समूह के सदस्यों और नेशनल असेंबली के स्पीकर मुस्सा अजान जुंगू से भी मुलाकात की।

तंजानिया के राष्ट्रपति हुसैन अली म्विन्यी ने जांजीबार के स्टेट हाउस में तंजानिया में भारत के उच्चायुक्त बिश्वदीप डे से मुलाकात की और निवेश, कौशल प्रशिक्षण तथा सूचना-संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के क्षेत्र में जांजीबार के विकास में भारत के योगदान की विशेष प्रशंसा की। इस बैठक में उच्चायुक्त डे ने भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन की ओर से राष्ट्रपति म्विन्यी को जुलाई 2026 में भारत आने का आधिकारिक निमंत्रण भी सौंपा।

मुख्य घटनाक्रम

दार एस सलाम स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की। राष्ट्रपति म्विन्यी ने आईआईटी मद्रास जांजीबार के माध्यम से हो रहे तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग को भी रेखांकित किया और इसे दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों का प्रतीक बताया। प्रस्तावित भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति म्विन्यी आईआईटी मद्रास परिसर का दौरा भी करेंगे।

आईसीसीआर छात्रवृत्ति ओरिएंटेशन कार्यक्रम

उच्चायुक्त बिश्वदीप डे ने भारत के कांसुलेट द्वारा आयोजित एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम में भी भाग लिया, जो जांजीबार से आईसीसीआर स्कॉलरशिप पाने वाले छात्रों के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारी के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में उन्होंने भारत-तंजानिया संबंधों, शिक्षा एवं सांस्कृतिक सहयोग पर प्रकाश डाला और छात्रवृत्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं।

उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे भारत में अपने प्रवास का अधिकतम लाभ उठाएँ और अपने अनुभवों से सीखने का कोई अवसर न चूकें। उन्होंने छात्रों के सवालों और चिंताओं का भी समाधान किया।

संसदीय मित्रता समूह से संवाद

इससे पूर्व पिछले सप्ताह उच्चायुक्त डे ने डोडोमा में भारत के साथ संसदीय मित्रता समूह (पीएफजी) के तंजानियाई सांसदों से मुलाकात की। इस बैठक में तंजानिया की नेशनल असेंबली के स्पीकर मुस्सा अजान जुंगू भी उपस्थित थे।

पीएफजी सदस्यों में एंटन अल्बर्ट म्वांटोना, आरिफ सुलेमान प्रेमजी, आशा जुमा कोम्बो, आशा उमर राशिद, डिक्सन नाथन लुटेवेले विला, एडिबिली कजाला किन्योमा, एडिफोंसी जोआकिम कानिनी, एडवर्ड किसौ ओलेलेकाइटा, हाजी अमौर हाजी और केलन रोज रवाकातारे शामिल थे। उच्चायुक्त ने इन सदस्यों को भारत-तंजानिया द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग के विभिन्न आयामों से अवगत कराया।

आगे क्या

राष्ट्रपति म्विन्यी की प्रस्तावित भारत यात्रा जुलाई में होने की संभावना है, जिसमें आईआईटी मद्रास का दौरा एक प्रमुख कार्यक्रम होगा। यह यात्रा शिक्षा, प्रौद्योगिकी और निवेश के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ज़मीन पर खड़ी एक संस्था है। राष्ट्रपति म्विन्यी का निवेश और कौशल प्रशिक्षण का विशेष उल्लेख बताता है कि अफ्रीका में भारत की साख अब केवल ऐतिहासिक संबंधों पर नहीं, बल्कि मापनीय परिणामों पर टिकी है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब चीन पूर्वी अफ्रीका में बुनियादी ढाँचे में भारी निवेश कर रहा है — ऐसे में आईसीसीआर छात्रवृत्ति और तकनीकी शिक्षा के ज़रिए भारत जो दीर्घकालिक संबंध बना रहा है, वह रणनीतिक दृष्टि से कहीं अधिक टिकाऊ साबित हो सकता है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तंजानिया के राष्ट्रपति म्विन्यी ने जांजीबार के विकास में भारत की किन क्षेत्रों में भूमिका की सराहना की?
राष्ट्रपति हुसैन अली म्विन्यी ने निवेश, कौशल प्रशिक्षण और आईसीटी के क्षेत्र में भारत के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से आईआईटी मद्रास जांजीबार के माध्यम से हो रहे तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग को भी रेखांकित किया।
राष्ट्रपति म्विन्यी की भारत यात्रा कब प्रस्तावित है और इसमें क्या शामिल होगा?
राष्ट्रपति म्विन्यी की भारत यात्रा जुलाई 2026 में प्रस्तावित है। इस दौरान वे आईआईटी मद्रास परिसर का दौरा भी करेंगे। यह निमंत्रण भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन की ओर से उच्चायुक्त बिश्वदीप डे के माध्यम से दिया गया।
आईआईटी मद्रास जांजीबार क्या है और यह भारत-तंजानिया संबंधों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
आईआईटी मद्रास जांजीबार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास का एक अंतरराष्ट्रीय परिसर है जो जांजीबार, तंजानिया में स्थित है। यह भारत की तकनीकी शिक्षा को अफ्रीका तक विस्तार देने का प्रतीक है और दोनों देशों के बीच शैक्षणिक एवं तकनीकी सहयोग का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
आईसीसीआर स्कॉलरशिप ओरिएंटेशन कार्यक्रम किसके लिए आयोजित किया गया?
यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम भारत के कांसुलेट द्वारा जांजीबार के उन छात्रों के लिए आयोजित किया गया जिन्हें शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आईसीसीआर छात्रवृत्ति प्राप्त हुई है। उच्चायुक्त बिश्वदीप डे ने इसमें भारत-तंजानिया संबंधों, शिक्षा सहयोग और छात्रवृत्ति से जुड़ी जरूरी जानकारियाँ साझा कीं।
भारत-तंजानिया संसदीय मित्रता समूह की बैठक में कौन शामिल हुए?
डोडोमा में हुई इस बैठक में तंजानिया की नेशनल असेंबली के स्पीकर मुस्सा अजान जुंगू सहित कई सांसद शामिल हुए। उच्चायुक्त बिश्वदीप डे ने पीएफजी सदस्यों को भारत-तंजानिया द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।
राष्ट्र प्रेस
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