उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और गुयाना के उपराष्ट्रपति की बैठक: द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में कदम

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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और गुयाना के उपराष्ट्रपति की बैठक: द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में कदम

सारांश

नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और गुयाना के उपराष्ट्रपति डॉ. भरत जगदेव के बीच हुई मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की गई। यह बैठक दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण सहयोग को दर्शाती है।

Key Takeaways

  • उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और गुयाना के उपराष्ट्रपति की महत्वपूर्ण मुलाकात।
  • द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा।
  • भारत की डिजिटल गवर्नेंस में प्रगति की सराहना।
  • गुयाना के राष्ट्रपति की भारत की लोकतांत्रिक भूमिका की प्रशंसा।
  • दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत की स्थिति।

नई दिल्ली, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को नई दिल्ली में गुयाना के उपराष्ट्रपति डॉ. भरत जगदेव के साथ एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ बनाने के उपायों पर गहन चर्चा की।

उन्होंने यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (यूएनएससी) और इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने के प्रति अपने संकल्प को दोहराया।

बैठक के बाद उपराष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर पोस्ट किया, “गुयाना के उपराष्ट्रपति डॉ. भरत जगदेव ने नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से शिष्टाचार भेंट की। दोनों नेताओं ने भारत-गुयाना संबंधों को विभिन्न क्षेत्रों में और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। डॉ. जगदेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व तथा यूपीआई के माध्यम से डिजिटल शासन और वित्तीय समावेशन में भारत की तीव्र प्रगति की सराहना की। दोनों पक्षों ने गुयाना में इन मॉडलों को लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार किया। गुयाना के प्रतिनिधिमंडल ने भारत के ई-माइग्रेट प्लेटफॉर्म और आईटीईसी कार्यक्रम में भी रुचि व्यक्त की।”

पिछले महीने, गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी लोकतंत्र के रूप में भारत वैश्विक मंच पर विकासशील देशों के हितों को आगे बढ़ाता है।

इरफान अली ने 26 जनवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर पोस्ट किया, "भारत गणराज्य के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर हम भारत सरकार और जनता को उनकी संविधान अंगीकरण की स्मृति और उसमें निहित स्थायी आदर्शों के सम्मान में हार्दिक बधाई देते हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "भारत का स्वतंत्रता संग्राम और औपनिवेशिक शासन से शांतिपूर्ण परिवर्तन ने विकासशील विश्व में आशा की किरण जगाई, जिससे कई राष्ट्रों को अपनी संप्रभुता प्राप्त करने और अपना भविष्य निर्धारित करने की प्रेरणा मिली। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत वैश्विक मंच पर विकासशील देशों के हितों और आकांक्षाओं का समर्थन करता है।"

राष्ट्रपति अली ने कहा कि गुयाना भारत के साथ अपने रिश्ते को महत्व देता है और यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध आपसी सम्मान और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर आधारित एक मजबूत साझेदारी में बदल गए हैं।

उन्होंने कहा, "गुयाना भारत के साथ अपने गहरे और ऐतिहासिक रिश्तों को गर्व से महत्व देता है, जो इतिहास, खून के रिश्तों और लोकतंत्र और विकास के प्रति एक जैसी प्रतिबद्धता से बने हैं। ये रिश्ते विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सम्मान और सहयोग पर आधारित एक मजबूत साझेदारी में बदल गए हैं।"

Point of View

जो कि भारत-गुयाना संबंधों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
NationPress
23/02/2026

Frequently Asked Questions

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किससे मुलाकात की?
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गुयाना के उपराष्ट्रपति डॉ. भरत जगदेव से मुलाकात की।
बैठक में किस विषय पर चर्चा की गई?
बैठक में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की गई।
डॉ. भरत जगदेव ने भारत की किस प्रगति की सराहना की?
डॉ. भरत जगदेव ने भारत की डिजिटल गवर्नेंस और वित्तीय समावेशन में प्रगति की सराहना की।
गुयाना के राष्ट्रपति ने भारत के लिए क्या कहा?
गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली ने भारत को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और भारत के विकासशील देशों के हितों का समर्थन करने की प्रशंसा की।
गुयाना और भारत के बीच सहयोग का क्या महत्व है?
गुयाना और भारत के बीच सहयोग आपसी सम्मान और विभिन्न क्षेत्रों में समर्थन पर आधारित एक मजबूत साझेदारी का निर्माण करता है।
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