भारत-साइप्रस शिखर वार्ता: IMEC की वैश्विक व्यापार क्षमता पर मोदी और क्रिस्टोडौलिडेस की सहमति
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने 22 मई 2026 को नई दिल्ली में हुई द्विपक्षीय बैठक में भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) की रणनीतिक संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। दोनों नेताओं ने माना कि IMEC में वैश्विक व्यापार, कनेक्टिविटी और समृद्धि को नया आकार देने की असाधारण क्षमता है।
बैठक का मुख्य घटनाक्रम
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस के भारत दौरे पर आयोजित विशेष ब्रीफिंग में बताया कि दोनों देशों ने एक द्विपक्षीय कनेक्टिविटी डायलॉग की शुरुआत की है। उन्होंने कनेक्टिविटी को यूरोपीय संघ (EU) और साइप्रस के साथ भारत के जुड़ाव का 'अत्यंत आवश्यक पहलू' बताया।
जॉर्ज ने कहा, 'आईएमईसी हमारे लिए एक बेहद अहम परियोजना है। दोनों नेताओं ने माना कि इसमें वैश्विक व्यापार, कनेक्टिविटी और खुशहाली को नया आकार देने और बढ़ावा देने की काबिलियत है। उन्होंने पूर्वी भूमध्यसागर और व्यापक मध्य पूर्व में स्थिरता को बढ़ावा देने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई।'
IMEC की संरचना और उद्देश्य
2023 में नई दिल्ली में आयोजित जी20 लीडर्स समिट के दौरान भारत, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, इटली, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका के नेताओं ने IMEC के विकास के लिए एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे। इस गलियारे में दो प्रमुख खंड होंगे — ईस्ट कॉरिडोर जो भारत को खाड़ी देशों से जोड़ेगा, और नॉर्दर्न कॉरिडोर जो खाड़ी देशों को यूरोप से जोड़ेगा।
IMEC का मकसद कनेक्टिविटी और दक्षता बढ़ाना, लागत घटाना, क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करना, व्यापार सुलभता में सुधार करना और रोज़गार सृजन करना है। यह एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व के बीच एक परिवर्तनकारी एकीकरण का मार्ग प्रशस्त करेगा।
भारत-साइप्रस संबंधों में नई ऊँचाई
सिबी जॉर्ज ने राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस के इस दौरे को द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर करार दिया। दोनों देश 2027 में राजनयिक संबंधों की स्थापना के 65 वर्ष पूरे करेंगे, जिसे दोनों देशों में विशेष आयोजनों के साथ मनाया जाएगा।
जॉर्ज ने बताया, 'यह दौरा भारत-साइप्रस संबंधों में एक अहम पड़ाव है क्योंकि दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत करने का निर्णय लिया है।' बैठक के बाद दोनों पक्षों ने कई सरकारी एमओयू और समझौतों का आदान-प्रदान किया।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब भारत मध्य पूर्व और यूरोप के साथ अपनी कनेक्टिविटी को रणनीतिक प्राथमिकता के रूप में आगे बढ़ा रहा है। गौरतलब है कि IMEC पर व्यापक बातचीत जारी है और द्विपक्षीय कनेक्टिविटी डायलॉग के ज़रिये भारत-साइप्रस सहयोग के नए आयाम खुलने की संभावना है। आने वाले महीनों में इस गलियारे के क्रियान्वयन पर ठोस प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है।