जांजीबार राष्ट्रपति म्विनयी की भारत यात्रा 17 जुलाई से, IIT मद्रास दीक्षांत समारोह में होंगे मुख्य अतिथि
सारांश
मुख्य बातें
जांजीबार के राष्ट्रपति और रिवोल्यूशनरी काउंसिल के चेयरमैन डॉ. हुसैन अली म्विनयी 17 से 20 जुलाई 2025 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के निमंत्रण पर आयोजित इस यात्रा में राष्ट्रपति म्विनयी की पत्नी, कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी साथ होगा। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब आईआईटी मद्रास के जांजीबार परिसर ने अपनी स्थापना के दो वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं।
यात्रा का कार्यक्रम
राष्ट्रपति म्विनयी 17 जुलाई को चेन्नई पहुँचेंगे, जहाँ वे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के 63वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके बाद 18 जुलाई की रात वे नई दिल्ली पहुँचेंगे। 19 जुलाई को उनकी विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन से अलग-अलग मुलाकात निर्धारित है। वे राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे।
IIT मद्रास जांजीबार परिसर की भूमिका
आईआईटी मद्रास का जांजीबार परिसर अक्टूबर 2023 में स्थापित हुआ था और यह भारत के किसी प्रमुख तकनीकी संस्थान का पहला विदेशी परिसर है। विशेषज्ञ इसे भारत की वैश्विक शैक्षणिक पहुँच और अफ्रीका के साथ बढ़ते सहयोग का एक ठोस उदाहरण मानते हैं। गौरतलब है कि इसी परिसर की सफलता इस यात्रा को विशेष महत्व देती है और दोनों पक्षों के बीच शैक्षणिक सहयोग की मज़बूत नींव को रेखांकित करती है।
भारत-तंजानिया संबंधों की समीक्षा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यात्रा के दौरान भारत और तंजानिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। दोनों देश ग्लोबल साउथ के साझेदार के रूप में व्यापार, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण और विकास सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी।
आम जनता और शिक्षा जगत पर असर
यह यात्रा भारत-अफ्रीका शैक्षणिक साझेदारी को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आईआईटी मद्रास के जांजीबार परिसर में पढ़ रहे अफ्रीकी छात्रों के लिए यह यात्रा उनके संस्थान को मिलने वाली राजनयिक मान्यता का प्रतीक है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस यात्रा से भारत-जांजीबार और व्यापक भारत-तंजानिया संबंधों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
आगे क्या होगा
राष्ट्रपति म्विनयी की यह यात्रा 20 जुलाई को समाप्त होगी। दोनों पक्षों के बीच होने वाली वार्ता से आपसी हितों पर आधारित साझेदारी को और मज़बूत करने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत की 'अफ्रीका फर्स्ट' नीति के तहत महाद्वीप के साथ गहरे जुड़ाव की दिशा में एक और कदम है।