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जयशंकर ने मंगोलिया के राष्ट्रपति खुरेलसुख से की मुलाकात, 'आध्यात्मिक मित्रता' पर जताई सहमति

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जयशंकर ने मंगोलिया के राष्ट्रपति खुरेलसुख से की मुलाकात, 'आध्यात्मिक मित्रता' पर जताई सहमति

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर का मंगोलिया दौरा महज़ शिष्टाचार भेंट नहीं था — राष्ट्रपति खुरेलसुख की 'आध्यात्मिक मित्रता' वाली टिप्पणी पर सहमति और रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा ने भारत-मंगोलिया संबंधों को नई परिभाषा दी। अगला पड़ाव दक्षिण कोरिया है।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 22 जून 2026 को उलानबातर में मंगोलिया के राष्ट्रपति उखना खुरेलसुख से मुलाकात की।
जयशंकर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
मंगोलियाई विदेश मंत्री बी.
बत्सेत्सेग के साथ बैठक में विकास, शिक्षा, सुरक्षा और बहुपक्षीय सहयोग की समीक्षा हुई।
भारत-मंगोलिया राजनयिक संबंध 1955 में स्थापित हुए; भारत ने संयुक्त राष्ट्र और NAM में मंगोलिया का समर्थन किया था।
जयशंकर 24-25 जून को दक्षिण कोरिया जाएंगे, जहाँ जेजू फोरम में मुख्य भाषण देंगे।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 22 जून 2026 को अपने दो दिवसीय मंगोलिया दौरे के दौरान राजधानी उलानबातर में राष्ट्रपति उखना खुरेलसुख से मुलाकात की और भारत-मंगोलिया रणनीतिक साझेदारी को और प्रगाढ़ करने पर विस्तृत चर्चा की। जयशंकर ने इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं भी राष्ट्रपति खुरेलसुख को प्रेषित कीं।

राष्ट्रपति से मुलाकात का सार

जयशंकर ने इस भेंट को 'गौरवमयी और महत्वपूर्ण' बताया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'राष्ट्रपति उखना की पिछले वर्ष की भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई गति दी है।' जयशंकर ने राष्ट्रपति खुरेलसुख के इस कथन से पूर्ण सहमति जताई कि 'सबसे गहरी मित्रता आध्यात्मिक मित्रता होती है' और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग आगे बढ़ाने के उनके सुझाव को 'सराहनीय' करार दिया।

मंगोलियाई विदेश मंत्री से द्विपक्षीय वार्ता

राष्ट्रपति से मुलाकात से पूर्व जयशंकर ने अपनी मंगोलियाई समकक्ष बी. बत्सेत्सेग के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की। इस वार्ता में विकास परियोजनाओं, क्षमता निर्माण, शिक्षा, संस्कृति, सुरक्षा और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग की प्रगति की समीक्षा की गई। जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के संबंधों में 'आत्मीयता, मजबूती और संभावनाएं' स्पष्ट दिखती हैं।

भारत-मंगोलिया संबंधों की पृष्ठभूमि

भारत और मंगोलिया के बीच राजनयिक संबंध 1955 में स्थापित हुए थे। भारत उन शुरुआती देशों में शामिल था जिन्होंने मंगोलिया के साथ कूटनीतिक संबंध बनाए और संयुक्त राष्ट्र तथा गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) में उसकी सदस्यता का समर्थन किया। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत अपनी 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत एशियाई देशों के साथ संबंधों को सक्रिय रूप से सुदृढ़ कर रहा है।

आगे का कार्यक्रम

मंगोलिया दौरे के बाद जयशंकर 24 और 25 जून को दक्षिण कोरिया की यात्रा पर जाएंगे। वहाँ वे अपने समकक्ष चू ह्यून के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और जेजू फोरम फॉर पीस एंड प्रॉस्पेरिटी में मुख्य भाषण देंगे। यह दौरा भारत की बहुआयामी विदेश नीति को और व्यापक आधार देने की कोशिश का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो चीन के बढ़ते प्रभाव के मद्देनज़र मंगोलिया जैसे देशों के साथ संबंध मज़बूत करने का एक सॉफ्ट-पावर उपकरण भी है। असली परीक्षा यह है कि विकास परियोजनाओं और क्षमता निर्माण की यह 'समीक्षा' ज़मीनी नतीजों में कब तब्दील होती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर ने मंगोलिया में किन नेताओं से मुलाकात की?
जयशंकर ने 22 जून 2026 को उलानबातर में मंगोलिया के राष्ट्रपति उखना खुरेलसुख और विदेश मंत्री बी. बत्सेत्सेग से अलग-अलग मुलाकात की। दोनों बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा और भविष्य के सहयोग पर चर्चा हुई।
'आध्यात्मिक मित्रता' से जयशंकर का क्या आशय था?
जयशंकर ने राष्ट्रपति खुरेलसुख के इस विचार से सहमति जताई कि 'सबसे गहरी मित्रता आध्यात्मिक मित्रता होती है।' यह कथन भारत और मंगोलिया के बीच बौद्ध धर्म और साझी सांस्कृतिक विरासत पर आधारित संबंधों को रेखांकित करता है।
भारत और मंगोलिया के बीच किन क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई?
दोनों देशों के बीच विकास परियोजनाओं, क्षमता निर्माण, शिक्षा, संस्कृति, सुरक्षा और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग की समीक्षा की गई। जयशंकर ने कहा कि रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।
भारत-मंगोलिया राजनयिक संबंध कब से हैं?
भारत और मंगोलिया के बीच राजनयिक संबंध 1955 में स्थापित हुए थे। भारत उन शुरुआती देशों में था जिन्होंने मंगोलिया की संयुक्त राष्ट्र और गुटनिरपेक्ष आंदोलन की सदस्यता का समर्थन किया।
मंगोलिया के बाद जयशंकर कहाँ जाएंगे?
मंगोलिया दौरे के बाद जयशंकर 24 और 25 जून 2026 को दक्षिण कोरिया की यात्रा पर जाएंगे। वहाँ वे अपने समकक्ष चू ह्यून के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और जेजू फोरम फॉर पीस एंड प्रॉस्पेरिटी में मुख्य भाषण देंगे।
राष्ट्र प्रेस
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