जयशंकर-सुगिओनो की 8वीं संयुक्त आयोग बैठक, भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगिओनो ने 7 जून 2026 को नई दिल्ली में 8वीं भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक की संयुक्त रूप से अध्यक्षता की, जिसमें दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर केंद्रित विमर्श हुआ। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा निकट भविष्य में प्रस्तावित है।
बैठक में किन क्षेत्रों पर हुई चर्चा
दोनों विदेश मंत्रियों ने व्यापार, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, अवसंरचना, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स, उर्वरक, महत्वपूर्ण खनिज, पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे विविध क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को विस्तार देने पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में भारत-आसियान संबंधों को आगे बढ़ाने और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर बहुपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने पर भी विशेष ज़ोर दिया गया।
दोनों विदेश मंत्रियों की प्रतिक्रिया
इंडोनेशियाई विदेश मंत्री सुगिओनो ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी इंडोनेशिया यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।" उन्होंने इस यात्रा को दोनों देशों के बीच सहयोग को ठोस परिणामों तक ले जाने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया।
विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक के बाद एक्स पर लिखा, "भारत-इंडोनेशिया साझेदारी हाल के वर्षों में मजबूत और बहुआयामी हुई है। दोनों देशों ने राजनीतिक, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, फिनटेक, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में ठोस प्रगति पर चर्चा की है।"
संयुक्त आयोग तंत्र की पृष्ठभूमि
भारत और इंडोनेशिया के बीच यह संयुक्त आयोग तंत्र 2001 में एक समझौता ज्ञापन के तहत स्थापित किया गया था, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय संवाद को संस्थागत स्वरूप देना है। गौरतलब है कि दोनों देशों ने 2018 में अपनी साझेदारी को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा दिया था, जिसके बाद रक्षा, समुद्री सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा दृष्टिकोण को नई मज़बूती मिली।
हालिया राजनयिक सक्रियता
इससे पूर्व मई 2025 में दोनों विदेश मंत्री ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान मिले थे, जहाँ द्विपक्षीय साझेदारी और आसियान सहयोग की प्रगति की समीक्षा की गई थी। जनवरी 2025 में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भारत की राजकीय यात्रा पर आए थे और गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि भी बने थे — उस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ भी मनाई थी।
आगे की राह
प्रधानमंत्री मोदी की प्रस्तावित इंडोनेशिया यात्रा इस बैठक में तय की गई प्राथमिकताओं को ठोस समझौतों में बदलने की दृष्टि से निर्णायक मानी जा रही है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक हलचल के बीच दोनों देशों की यह सक्रिय कूटनीतिक व्यस्तता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी अहम संकेत देती है।