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जयशंकर-सुगिओनो की 8वीं संयुक्त आयोग बैठक, भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति

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जयशंकर-सुगिओनो की 8वीं संयुक्त आयोग बैठक, भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति

सारांश

नई दिल्ली में 8वीं भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक में जयशंकर और सुगिओनो ने व्यापार से लेकर समुद्री सुरक्षा तक दर्जनभर क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी की प्रस्तावित इंडोनेशिया यात्रा इस साझेदारी को ठोस परिणामों तक ले जाने का अगला पड़ाव होगी।

मुख्य बातें

जयशंकर और इंडोनेशियाई विदेश मंत्री सुगिओनो ने 7 जून 2026 को नई दिल्ली में 8वीं भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक की सह-अध्यक्षता की।
बैठक में व्यापार, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, महत्वपूर्ण खनिज, फार्मास्यूटिकल्स समेत दर्जन भर क्षेत्रों पर चर्चा हुई।
सुगिओनो ने प्रधानमंत्री मोदी की आगामी इंडोनेशिया यात्रा को साझेदारी के ठोस परिणामों के लिए 'महत्वपूर्ण अवसर' बताया।
भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग तंत्र 2001 में स्थापित; दोनों देशों को 2018 में 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा मिला।
इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो जनवरी 2025 में गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि रहे; दोनों देशों ने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाई।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगिओनो ने 7 जून 2026 को नई दिल्ली में 8वीं भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक की संयुक्त रूप से अध्यक्षता की, जिसमें दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर केंद्रित विमर्श हुआ। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा निकट भविष्य में प्रस्तावित है।

बैठक में किन क्षेत्रों पर हुई चर्चा

दोनों विदेश मंत्रियों ने व्यापार, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, अवसंरचना, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स, उर्वरक, महत्वपूर्ण खनिज, पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे विविध क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को विस्तार देने पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में भारत-आसियान संबंधों को आगे बढ़ाने और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर बहुपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने पर भी विशेष ज़ोर दिया गया।

दोनों विदेश मंत्रियों की प्रतिक्रिया

इंडोनेशियाई विदेश मंत्री सुगिओनो ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी इंडोनेशिया यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।" उन्होंने इस यात्रा को दोनों देशों के बीच सहयोग को ठोस परिणामों तक ले जाने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया।

विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक के बाद एक्स पर लिखा, "भारत-इंडोनेशिया साझेदारी हाल के वर्षों में मजबूत और बहुआयामी हुई है। दोनों देशों ने राजनीतिक, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, फिनटेक, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में ठोस प्रगति पर चर्चा की है।"

संयुक्त आयोग तंत्र की पृष्ठभूमि

भारत और इंडोनेशिया के बीच यह संयुक्त आयोग तंत्र 2001 में एक समझौता ज्ञापन के तहत स्थापित किया गया था, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय संवाद को संस्थागत स्वरूप देना है। गौरतलब है कि दोनों देशों ने 2018 में अपनी साझेदारी को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा दिया था, जिसके बाद रक्षा, समुद्री सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा दृष्टिकोण को नई मज़बूती मिली।

हालिया राजनयिक सक्रियता

इससे पूर्व मई 2025 में दोनों विदेश मंत्री ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान मिले थे, जहाँ द्विपक्षीय साझेदारी और आसियान सहयोग की प्रगति की समीक्षा की गई थी। जनवरी 2025 में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भारत की राजकीय यात्रा पर आए थे और गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि भी बने थे — उस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ भी मनाई थी।

आगे की राह

प्रधानमंत्री मोदी की प्रस्तावित इंडोनेशिया यात्रा इस बैठक में तय की गई प्राथमिकताओं को ठोस समझौतों में बदलने की दृष्टि से निर्णायक मानी जा रही है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक हलचल के बीच दोनों देशों की यह सक्रिय कूटनीतिक व्यस्तता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी अहम संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के दर्जे को 2018 में मिले सात वर्ष बीत चुके हैं और द्विपक्षीय व्यापार की वास्तविक वृद्धि अभी भी उस संभावना से पीछे है जो दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं का आकार दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी की प्रस्तावित इंडोनेशिया यात्रा इस साझेदारी को घोषणाओं से आगे ले जाने की असली कसौटी होगी — विशेष रूप से महत्वपूर्ण खनिजों और रक्षा सहयोग के मोर्चे पर।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

8वीं भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक क्या है और यह कब हुई?
यह बैठक 7 जून 2026 को नई दिल्ली में हुई, जिसमें भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और इंडोनेशियाई विदेश मंत्री सुगिओनो ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। यह 2001 में स्थापित संयुक्त आयोग तंत्र के तहत नियमित उच्चस्तरीय संवाद की एक कड़ी है।
बैठक में किन प्रमुख क्षेत्रों पर सहमति बनी?
बैठक में व्यापार, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, अवसंरचना, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स, उर्वरक, महत्वपूर्ण खनिज, पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई। भारत-आसियान संबंधों और बहुपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने पर भी विशेष ज़ोर दिया गया।
भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी क्या है?
भारत और इंडोनेशिया ने 2018 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा दिया था। इसके अंतर्गत रक्षा, समुद्री सहयोग, व्यापार और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा दृष्टिकोण को संस्थागत रूप दिया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया यात्रा कब प्रस्तावित है?
इंडोनेशियाई विदेश मंत्री सुगिओनो ने प्रधानमंत्री मोदी की आगामी इंडोनेशिया यात्रा का उल्लेख किया और इसे साझेदारी को ठोस परिणामों तक ले जाने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। यात्रा की सटीक तारीख अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गई है।
हाल के वर्षों में भारत-इंडोनेशिया राजनयिक संबंध कैसे रहे हैं?
जनवरी 2025 में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भारत की राजकीय यात्रा पर आए और गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि बने, जब दोनों देशों ने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाई। मई 2025 में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान भी दोनों विदेश मंत्रियों ने द्विपक्षीय प्रगति की समीक्षा की थी।
राष्ट्र प्रेस
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