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राष्ट्रपति मुर्मु ने बुखारेस्ट में रोमानियाई PM बोलोजान से की मुलाकात, व्यापार-तकनीक में सहयोग पर बनी सहमति

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राष्ट्रपति मुर्मु ने बुखारेस्ट में रोमानियाई PM बोलोजान से की मुलाकात, व्यापार-तकनीक में सहयोग पर बनी सहमति

सारांश

तीन दशकों के अंतराल के बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति की रोमानिया यात्रा महज़ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं — यह EU बाज़ार में भारत की रणनीतिक पैठ का प्रयास है। मुर्मु ने बुखारेस्ट में व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा और FTA पर जो संदेश दिया, वह भारत-EU संबंधों की नई इबारत लिखने की कोशिश है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुखारेस्ट के विक्टोरिया पैलेस में रोमानियाई PM इली बोलोजान से द्विपक्षीय वार्ता की।
यह तीन दशकों में किसी भारतीय राष्ट्रपति की रोमानिया की पहली राजकीय यात्रा है।
दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, कनेक्टिविटी और नई तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
राष्ट्रपति ने भारत-EU FTA के शीघ्र क्रियान्वयन पर बल दिया — संयुक्त बाज़ार लगभग 2 अरब लोग , संयुक्त अर्थव्यवस्था करीब 25 ट्रिलियन डॉलर ।
राष्ट्रपति सचिवालय ने एक्स पर पोस्ट कर वार्ता की जानकारी साझा की।
दौरे में राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया और सांसद दिनेश शर्मा व विजय बघेल भी शामिल।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 25 जुलाई 2025 को बुखारेस्ट स्थित विक्टोरिया पैलेस में रोमानिया के प्रधानमंत्री इली बोलोजान से द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, कनेक्टिविटी और नई तकनीक सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊँचाई देने पर विस्तृत चर्चा की। गौरतलब है कि यह तीन दशकों में किसी भारतीय राष्ट्रपति की रोमानिया की पहली राजकीय यात्रा है।

मुख्य घटनाक्रम

विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, बैठक में विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज सहित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु ने प्रधानमंत्री बोलोजान के साथ भारत-रोमानिया द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तृत चर्चा की।

इस दौरे में कंज्यूमर अफेयर्स, फूड और पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया, सांसद दिनेश शर्मा और सांसद विजय बघेल भी राष्ट्रपति के साथ हैं।

भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम में राष्ट्रपति का संबोधन

बैठक से पूर्व राष्ट्रपति मुर्मु ने भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यूरोप के प्रमुख संपर्क बिंदु पर स्थित रोमानिया, अपनी रणनीतिक स्थिति, कुशल मानव संसाधन, उन्नत औद्योगिक क्षमता और यूरोपीय संघ (EU) के साथ सुदृढ़ एकीकरण के कारण भारत का एक स्वाभाविक और महत्त्वपूर्ण साझेदार है।

राष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि रोमानिया केवल निवेश का गंतव्य नहीं, बल्कि वृहत्तर यूरोपीय बाज़ार का प्रवेश द्वार भी है। फोरम में बड़ी संख्या में भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी को उन्होंने रोमानिया में भारतीय उद्योगों के बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताया।

भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते पर जोर

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि लगभग दो अरब लोगों के संयुक्त बाज़ार और करीब 25 ट्रिलियन डॉलर की संयुक्त अर्थव्यवस्था के साथ भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दुनिया की सबसे महत्त्वपूर्ण आर्थिक साझेदारियों में से एक बन सकता है। इसका उद्देश्य व्यापारिक एकीकरण को गहरा करना, निवेश प्रवाह में तेज़ी लाना और सशक्त आपूर्ति शृंखलाएँ बनाना है।

उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि FTA का शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है, ताकि MSME, स्टार्टअप और नवाचारकर्ताओं के लिए नए अवसर सृजित हो सकें और मूल्य शृंखलाओं का एकीकरण सुदृढ़ हो।

आगे क्या

यह यात्रा भारत-रोमानिया संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। यह ऐसे समय में आई है जब भारत और EU के बीच FTA वार्ता निर्णायक दौर में है। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए करार इस यात्रा के दौरान अपेक्षित हैं, जो आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब राष्ट्रपति स्तर की यह भागीदारी राजनीतिक इच्छाशक्ति का संकेत देती है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि बिना ठोस निवेश करारों और क्रियान्वयन रोडमैप के, ऐसी यात्राएँ अक्सर घोषणाओं तक सिमट जाती हैं। असली कसौटी यह होगी कि FTA के बाद MSME और स्टार्टअप स्तर तक लाभ कितनी तेज़ी से पहुँचता है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति मुर्मु की रोमानिया यात्रा का क्या महत्त्व है?
यह तीन दशकों में किसी भारतीय राष्ट्रपति की रोमानिया की पहली राजकीय यात्रा है। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक में द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देना है।
बुखारेस्ट में किन विषयों पर चर्चा हुई?
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, कनेक्टिविटी और नई तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया गया।
भारत-EU FTA का रोमानिया से क्या संबंध है?
रोमानिया EU का सदस्य है, इसलिए भारत-EU FTA लागू होने पर रोमानिया भी उसके दायरे में आएगा। राष्ट्रपति मुर्मु ने इस समझौते को लगभग 2 अरब लोगों के संयुक्त बाज़ार और 25 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाला बताया।
भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम में क्या हुआ?
राष्ट्रपति मुर्मु ने फोरम में बड़ी संख्या में भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल को संबोधित किया। उन्होंने रोमानिया को यूरोपीय बाज़ार का प्रवेश द्वार बताते हुए MSME और स्टार्टअप के लिए नए अवसरों पर बल दिया।
इस दौरे में भारतीय प्रतिनिधिमंडल में कौन शामिल थे?
राष्ट्रपति मुर्मु के साथ कंज्यूमर अफेयर्स राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया, सांसद दिनेश शर्मा, सांसद विजय बघेल और विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
राष्ट्र प्रेस
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