23 जुलाई 2026
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बुखारेस्ट पहुंचीं, तीन देशों की यात्रा के अंतिम पड़ाव में रोमानिया से द्विपक्षीय वार्ता

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बुखारेस्ट पहुंचीं, तीन देशों की यात्रा के अंतिम पड़ाव में रोमानिया से द्विपक्षीय वार्ता

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की तीन देशों की यूरोप यात्रा का अंतिम पड़ाव रोमानिया है — जहाँ वह राष्ट्रपति, कार्यवाहक PM और संसद नेताओं से मिलेंगी। यह यात्रा भारत-EU FTA की पृष्ठभूमि में पूर्वी यूरोप के साथ भारत के कूटनीतिक और आर्थिक जुड़ाव को नई दिशा देने का प्रयास है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 23 जुलाई को तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में बुखारेस्ट, रोमानिया पहुंचीं।
हवाई अड्डे पर रोमानिया की विदेश मंत्री ओआना-सिल्विया तोइउ ने उनका स्वागत किया।
राष्ट्रपति मुर्मु रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशोर डैन और कार्यवाहक प्रधानमंत्री इलिए बोलोजान से वार्ता करेंगी।
वह भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगी और प्रवासी भारतीय समुदाय से भी मिलेंगी।
इस यात्रा में मोल्दोवा , उत्तर मैसेडोनिया और रोमानिया — तीनों पूर्वी यूरोपीय देश शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत-EU FTA के बाद रोमानिया के साथ आर्थिक साझेदारी और गहरी होगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 23 जुलाई, गुरुवार को अपनी तीन देशों की राजकीय यात्रा के अंतिम चरण में रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट पहुंचीं। पूर्वी यूरोप के साथ भारत के कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई गहराई देने की दृष्टि से यह यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

आगमन और स्वागत

राष्ट्रपति सचिवालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए लिखा, "राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपनी तीन देशों की राजकीय यात्रा के आखिरी पड़ाव के तहत रोमानिया के बुखारेस्ट पहुंचीं। हवाई अड्डे पर रोमानिया की विदेश मंत्री ओआना-सिल्विया तोइउ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।" राष्ट्रपति मुर्मु रविवार को भारत से रवाना हुई थीं और इस यात्रा में मोल्दोवा, उत्तर मैसेडोनिया तथा रोमानिया तीनों देशों का दौरा शामिल है।

मुख्य द्विपक्षीय बैठकें

रोमानिया प्रवास के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु, रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशोर डैन और कार्यवाहक प्रधानमंत्री इलिए बोलोजान के साथ उच्च स्तरीय वार्ता करेंगी। इसके साथ ही वह रोमानिया की सीनेट के अध्यक्ष मिर्सेआ अब्रुडेन, प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष सोरिन ग्रिंडियानु और भारत-रोमानिया संसदीय मित्रता समूह के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगी।

इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगी और रोमानिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी संवाद करेंगी — जो इस यात्रा के जन-कूटनीति आयाम को रेखांकित करता है।

विदेश मंत्रालय का नज़रिया

विदेश मंत्रालय (MEA) ने पिछले सप्ताह स्पष्ट किया था, "रोमानिया यूरोपीय संघ का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के पूरा होने के बाद आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी और मजबूत होगी।" मंत्रालय ने यह भी कहा कि यह यात्रा पूरे पूर्वी यूरोपीय क्षेत्र के साथ भारत के जुड़ाव को विस्तार देने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

उत्तर मैसेडोनिया में राष्ट्रपति का संदेश

मंगलवार को उत्तर मैसेडोनिया की संसद में अपने ऐतिहासिक संबोधन के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा, "हम मानव इतिहास के एक महत्वपूर्ण दौर में मिल रहे हैं। दुनिया में राजनीतिक और आर्थिक ताकतों का संतुलन बदल रहा है। इस नए दौर में भारत दक्षिण-पूर्वी यूरोप को हाशिए का क्षेत्र नहीं, बल्कि विकास और नवाचार के एक गतिशील केंद्र के रूप में देखता है।" यह बयान भारत की व्यापक विदेश नीति में पूर्वी यूरोप को दी जा रही प्राथमिकता को स्पष्ट करता है।

आगे की राह

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत-EU FTA वार्ता निर्णायक दौर में है और भारत अपनी वैश्विक कूटनीतिक उपस्थिति को यूरोप के उन देशों तक विस्तारित कर रहा है जो पारंपरिक रूप से भारतीय राष्ट्राध्यक्षों की यात्रा सूची में कम रहे हैं। बुखारेस्ट में होने वाली बैठकों के परिणाम द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक सहयोग की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

उत्तर मैसेडोनिया और रोमानिया तीनों इसी श्रेणी में आते हैं। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत-EU FTA वार्ता अपने निर्णायक दौर में है और रोमानिया जैसे EU सदस्य देश इस समझौते के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, बिजनेस फोरम और संसदीय मित्रता समूह की बैठकें तब तक प्रतीकात्मक रहेंगी जब तक ठोस व्यापार और निवेश लक्ष्य तय नहीं होते। असली कसौटी यह होगी कि इस यात्रा के बाद द्विपक्षीय व्यापार के आँकड़ों और निवेश प्रतिबद्धताओं में कितना बदलाव आता है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की रोमानिया यात्रा का उद्देश्य क्या है?
यह यात्रा भारत और रोमानिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, व्यापारिक सहयोग बढ़ाने और पूर्वी यूरोप के साथ भारत के कूटनीतिक जुड़ाव को विस्तार देने के लिए है। यह तीन देशों की राजकीय यात्रा का अंतिम पड़ाव है, जिसमें मोल्दोवा और उत्तर मैसेडोनिया भी शामिल थे।
राष्ट्रपति मुर्मु रोमानिया में किन नेताओं से मिलेंगी?
राष्ट्रपति मुर्मु रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशोर डैन, कार्यवाहक प्रधानमंत्री इलिए बोलोजान, सीनेट अध्यक्ष मिर्सेआ अब्रुडेन और प्रतिनिधि सभा अध्यक्ष सोरिन ग्रिंडियानु से मुलाकात करेंगी। वह भारत-रोमानिया संसदीय मित्रता समूह के सदस्यों से भी मिलेंगी।
भारत के लिए रोमानिया कूटनीतिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है?
रोमानिया यूरोपीय संघ का सदस्य है और भारत-EU FTA के पूरा होने के बाद एक प्रमुख आर्थिक साझेदार बन सकता है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा पूरे पूर्वी यूरोपीय क्षेत्र के साथ भारत के जुड़ाव को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
राष्ट्रपति मुर्मु की तीन देशों की यात्रा में कौन-से देश शामिल हैं?
इस यात्रा में मोल्दोवा, उत्तर मैसेडोनिया और रोमानिया — तीनों पूर्वी यूरोपीय देश शामिल हैं। राष्ट्रपति मुर्मु रविवार को भारत से रवाना हुई थीं और रोमानिया इस दौरे का अंतिम पड़ाव है।
उत्तर मैसेडोनिया की संसद में राष्ट्रपति मुर्मु ने क्या कहा?
उत्तर मैसेडोनिया की संसद में राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत दक्षिण-पूर्वी यूरोप को हाशिए का क्षेत्र नहीं, बल्कि विकास और नवाचार का एक गतिशील केंद्र मानता है। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया में राजनीतिक और आर्थिक ताकतों का संतुलन बदल रहा है और यह क्षेत्र उस बदलाव में अहम भूमिका निभा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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