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क्या झारखंड में सीसीएल माइंस में चाल धंसने से 4 लोगों की मौत हुई?

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क्या झारखंड में सीसीएल माइंस में चाल धंसने से 4 लोगों की मौत हुई?

सारांश

झारखंड के कुजू ओपी क्षेत्र में सीसीएल करमा प्रोजेक्ट की खदान में चाल धंसने से चार लोगों की मौत हो गई और छह घायल हो गए। ग्रामीणों ने सीसीएल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। क्या मुआवजे की मांग के साथ प्रदर्शन होगा?

मुख्य बातें

चार लोगों की मौत और छह घायल हुए हैं।
घटना सीसीएल करमा प्रोजेक्ट की खदान में हुई।
ग्रामीणों ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
घायलों का इलाज चल रहा है।
मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहा है।

रांची, 5 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के रामगढ़ जिले के कुजू ओपी क्षेत्र में शनिवार को एक भयानक दुर्घटना घटित हुई। सीसीएल करमा प्रोजेक्ट के खुली खदान में चाल धंसने से चार व्यक्तियों की मौत हो गई है, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए हैं।

घायलों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में किया जा रहा है। घायलों में से दो की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिनमें से एक का पैर बुरी तरह चोटिल हुआ है और दूसरी महिला की कमर टूट गई है।

सभी लोग सीसीएल करमा प्रोजेक्ट में अवैध तरीके से कोयला निकालने गए थे। इस घटना के बाद, ग्रामीणों और जेएलकेएम कार्यकर्ताओं ने सीसीएल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह घटना प्रबंधन की लापरवाही के कारण हुई है। यदि लोगों को अवैध खुदाई का मौका नहीं मिलता, तो ऐसी दुर्घटना नहीं होती।

जेएलकेएम के केंद्रीय महासंगठन मंत्री रवि महतो ने कहा, "चाल धंसने की घटना के संबंध में हम धरने पर बैठे हैं। सीसीएल की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हमने देखा है कि खदान में सुरक्षा के कोई उपाय नहीं हैं। खदान के चारों ओर उच्च दीवार होनी चाहिए थी, साथ ही दो फीट की वायर फेंसिंग होनी चाहिए थी, जो नहीं है। यहाँ सुरक्षा के व्यापक इंतजाम भी नहीं हैं।"

घटना की सूचना पाकर पहुंचे लोग घायलों को बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल ले गए। मलबे में दबे एक व्यक्ति को जेसीबी और शॉवेल मशीन से बाहर निकाला गया। घटना के बाद, आक्रोशित ग्रामीणों ने करमा प्रोजेक्ट कार्यालय के गेट के पास शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी मांग है कि सीसीएल द्वारा उचित मुआवजा नहीं मिलने तक शव को नहीं हटाया जाएगा। मौके पर पुलिस बल की बड़ी संख्या तैनात है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि खनन के क्षेत्र में सुरक्षा उपायों की कमी है। सीसीएल प्रबंधन को इस मामले में सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों। यह न केवल एक स्थानीय मुद्दा है, बल्कि पूरे देश के लिए एक चेतावनी भी है कि खनन क्षेत्र में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस घटना में कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
चार लोगों की मौत हुई है और छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
घायलों का इलाज कहाँ चल रहा है?
घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में किया जा रहा है।
क्या ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया?
हाँ, ग्रामीणों ने उचित मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
सीसीएल प्रबंधन पर क्या आरोप है?
ग्रामीणों ने सीसीएल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
क्या सुरक्षा उपाय थे खदान में?
खदान में सुरक्षा के कोई उचित उपाय नहीं थे।
राष्ट्र प्रेस
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