समस्तीपुर नाबालिग छेड़छाड़: जदयू बोली — 'अपराधी बख्शे नहीं जाएंगे', सपा सांसद ने कहा 'जंगल राज कायम'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के समस्तीपुर में एक नाबालिग लड़की से बदसलूकी और दरभंगा में छेड़खानी के मामलों ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर तीखी राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है, जबकि विपक्षी दलों ने बिहार सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।
जदयू का पक्ष: कार्रवाई हो चुकी है, होती रहेगी
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, 'ऐसे गुनाह करने वाले लोगों के साथ क्या होता है, ये हम सबने जमुई में देखा है। जो लोग ऐसे वीडियो वायरल करते हैं, उन पर भी कार्रवाई हुई है।' उन्होंने बताया कि इस मामले में 122 सोशल मीडिया अकाउंट्स के विरुद्ध कार्रवाई की गई है और संबंधित अपराधियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
राजीव रंजन के अनुसार, जिन अपराधियों ने पुलिस पर गोली चलाकर भागने का प्रयास किया, उन्हें मुठभेड़ के दौरान घायल करके गिरफ्तार किया गया — एक अपराधी का पैर टूटा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन घटनाओं में शामिल लोगों को लंबे समय तक जेल में रहना होगा और पुलिस किसी को नहीं बख्शेगी।
जदयू विधायक का बयान: मुख्यमंत्री स्वयं संज्ञान में
जदयू नेता एवं विधायक श्याम रजक ने कहा, 'बिहार में कुछ घटनाएं हो रही हैं, इसको लेकर हम चिंतित हैं। हमारे मुख्यमंत्री इन घटनाओं का संज्ञान ले रहे हैं। सख्ती से गिरफ्तार करके जेल भेजने का काम भी किया जा रहा है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि मुख्यमंत्री ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन के साथ तेज़ी से काम कर रहे हैं।
श्याम रजक ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि विपक्ष के नेता को संवेदनशीलता से कोई सरोकार नहीं है और ऐसे बयान देना उनकी दिनचर्या बन गई है। गौरतलब है कि तेजस्वी यादव ने बिहार की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर पहले ही सवाल उठाए थे।
विपक्ष का हमला: 'जंगल राज कायम हो गया'
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने इस मामले में केंद्र सरकार से दखल की माँग करते हुए कहा, 'सरकार बिहार की कानून-व्यवस्था को संभाल नहीं पा रही है। कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। जंगल राज कायम हो गया है।' उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से अपील की कि वे बिहार की बिगड़ती स्थिति पर तत्काल ध्यान दें।
अवधेश प्रसाद ने कहा कि राज्य में आतंक का माहौल बढ़ता जा रहा है और इसे खत्म करना अनिवार्य है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में 2025 के अंत तक विधानसभा चुनाव की संभावना को देखते हुए कानून-व्यवस्था का मुद्दा राजनीतिक रूप से और संवेदनशील हो गया है।
पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ
बिहार में महिलाओं और नाबालिगों के विरुद्ध अपराध के मामले समय-समय पर राज्य की कानून-व्यवस्था को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला देते हैं। इस बार समस्तीपुर और दरभंगा के मामले एक साथ सामने आए, जिससे विपक्ष को सरकार को घेरने का मौका मिल गया। जदयू की ओर से जमुई की घटना का हवाला देकर पुलिस की तत्परता को रेखांकित करने की कोशिश की गई है।
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो के प्रसार के खिलाफ 122 अकाउंट्स पर कार्रवाई राज्य पुलिस की डिजिटल निगरानी क्षमता का संकेत देती है। आने वाले दिनों में न्यायालय में इन मामलों की सुनवाई और आरोप-पत्र दाखिल होने पर इस राजनीतिक बहस के और तेज़ होने की संभावना है।