समस्तीपुर छेड़खानी पर पप्पू यादव का बिहार सरकार पर हमला: 'राज्य में कोई बेटी सुरक्षित नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 24 सितंबर 2026 को समस्तीपुर में एक नाबालिग किशोरी से हुई कथित छेड़खानी की घटना को लेकर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य में लड़कियों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई और नीतीश सरकार को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर 'पूरी तरह विफल' करार दिया।
मुख्य आरोप: 'बिहार में कोई बेटी सुरक्षित नहीं'
पप्पू यादव ने कहा, 'मधेपुरा, समस्तीपुर और दरभंगा के स्कूलों को देखिए। जो सोशल मीडिया पर आ रहा है, उसे देखिए। बिहार में कोई भी बेटी सुरक्षित नहीं है क्योंकि कानून व्यवस्था की हालत बेहद खराब है। आम लोगों से लेकर विभिन्न दलों के नेता भी नशाखोरी में लिप्त हैं।'
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और हॉस्टलों में कोई सुरक्षित नहीं है। उनके अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर भी सुरक्षा का अभाव है और 'पूरे राज्य में सिर्फ माफिया, नेता और अधिकारी ही सुरक्षित हैं।'
'2005 के बाद महा जंगलराज' — पप्पू यादव का तंज
सांसद यादव ने 2005 से पहले के तथाकथित 'जंगल राज' और मौजूदा सरकार पर तुलनात्मक निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'एक व्यक्ति कहता है कि 2005 से पहले 'जंगल राज' था, तो दूसरा कहता है कि 2005 के बाद 'महा जंगलराज' है। जब जंगल राज था तो जनता ने उन्हें हटा दिया, लेकिन 2005 के बाद जब आप सत्ता में आए, तो अब हालात उससे भी बदतर हैं।' उन्होंने विशेष रूप से जोर देकर कहा कि गरीब परिवारों की बेटियाँ 'बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं।'
दलित और कमज़ोर वर्ग सबसे ज़्यादा प्रभावित
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों और बदमाशों द्वारा बलात्कार और छेड़खानी की घटनाओं में दलित, ईबीसी, एसटी और एससी समुदाय के लोग सर्वाधिक पीड़ित हैं। उनका दावा है कि कथित तौर पर 60 से 70 प्रतिशत मामले तो पुलिस में दर्ज ही नहीं होते। यह आँकड़ा उन्होंने अपने दावे के आधार पर प्रस्तुत किया; इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्टों में भी बिहार में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की कम रिपोर्टिंग की प्रवृत्ति को रेखांकित किया गया है, हालाँकि 60-70% के दावे की अधिकृत पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
चुनाव आयोग पर विस्फोटक बयान
समस्तीपुर की घटना के अलावा चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चल रहे विवाद पर भी पप्पू यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'मुख्य चुनाव आयुक्त को एक मिनट भी पद पर रहने का अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री को तुरंत सदन बुलाकर महाभियोग की कार्यवाही शुरू करनी चाहिए। यह देशद्रोह और लोकतंत्र की हत्या है।'
उन्होंने यह भी माँग की कि बिहार, बंगाल, हरियाणा और असम के चुनाव रद्द होने चाहिए और विपक्ष को तब तक यह लड़ाई जारी रखनी चाहिए जब तक चुनाव आयोग को भंग न कर दिया जाए। बिहार सरकार की तरफ से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या
समस्तीपुर छेड़खानी मामले में पुलिस की कार्रवाई और यादव के आरोपों के मद्देनज़र विपक्ष का बिहार सरकार पर दबाव और बढ़ने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में आगामी चुनावी तैयारियों को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से ही गरमाया हुआ है।