30 सितंबर 2026
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पप्पू यादव का नेताओं पर प्रहार: 'शराब, शबाब, अय्याशी के अलावा कुछ नहीं'; बेगूसराय कांड के बाद महिला सुरक्षा पर उठाए सवाल

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पप्पू यादव का नेताओं पर प्रहार: 'शराब, शबाब, अय्याशी के अलावा कुछ नहीं'; बेगूसराय कांड के बाद महिला सुरक्षा पर उठाए सवाल

सारांश

बेगूसराय के होटल में युवती के साथ कथित दुष्कर्म और मारपीट की घटना के बाद पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने नेताओं की जीवनशैली पर तीखा हमला बोला और बिहार में महिला सुरक्षा की दयनीय स्थिति पर सवाल उठाए। साथ ही बाढ़ प्रबंधन में विफलता के लिए सिंचाई मंत्री की बर्खास्तगी की माँग भी की।

मुख्य बातें

पप्पू यादव ने 30 सितंबर 2026 को पटना में नेताओं को 'शराब, शबाब और अय्याशी' में डूबा बताया।
बेगूसराय होटल में युवती के साथ कथित दुष्कर्म व मारपीट की घटना पर सांसद ने आरोपी के लिए कड़ी सजा की माँग की।
महिलाएं घर, स्कूल, कोचिंग सेंटर, शेल्टर होम और हॉस्टल — कहीं भी सुरक्षित नहीं: पप्पू यादव ।
बाढ़ राहत में लापरवाही पर सांसद ने 20,000 परिवारों को खुद ₹500-500 बाँटे।
बगहा तटबंध के बार-बार टूटने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सिंचाई मंत्री की बर्खास्तगी या इस्तीफे की माँग।

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 30 सितंबर 2026 को पटना में राजनेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नेताओं की जिंदगी में 'शराब, शबाब और अय्याशी' के सिवाय कुछ नहीं है। बेगूसराय में एक होटल के अंदर युवती के साथ हुए कथित दुष्कर्म और मारपीट की घटना के बाद सांसद ने महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने साफ कहा कि महिलाएं आज घर, स्कूल, कोचिंग सेंटर, शेल्टर होम या हॉस्टल — कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं।

बेगूसराय घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया

बेगूसराय में होटल के भीतर हुई कथित घटना पर पप्पू यादव ने कहा, 'कल की घटना को देखा जाना चाहिए। अगर मेरा बस चले तो मैं आरोपी को 100 गोली मरवा दूं। जिस तरीके से बच्ची को बेरहमी से होटल में मारा गया, वह निंदनीय है। अगर कानून इजाजत दे तो उस आरोपी को एक मिनट भी जाने का हक नहीं है।' यह घटना हाल के दिनों में बिहार में महिला सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सामने आई है।

महिला सुरक्षा पर मूल सवाल

सांसद ने कहा, 'अब महिलाएं घर पर भी सुरक्षित नहीं हैं। वे पड़ोसियों, शिक्षकों, सार्जेंट मेजर, पुलिस सब-इंस्पेक्टरों की हिंसा से सुरक्षित नहीं हैं। लड़कियां स्कूलों, कोचिंग सेंटरों, शेल्टर होम या हॉस्टलों में सुरक्षित नहीं हैं। वे कहां सुरक्षित रहेंगी? महिलाओं की सुरक्षा के बारे में बेकार की बातें करना बंद करें।' उन्होंने यह भी कहा कि इस देश में महिलाएं कब सुरक्षित रही हैं — सारी रोकटोक और पाबंदियाँ बेटियों पर ही क्यों थोपी जाती हैं, बेटों पर कोई बात क्यों नहीं होती। पप्पू यादव के अनुसार बेटियों की रक्षा के लिए देश में कोई प्रभावी कानून ही नहीं है।

नेताओं की जीवनशैली पर तीखा आरोप

पप्पू यादव ने राजनीतिक दलों के नेताओं पर सीधा प्रहार करते हुए कहा, 'नेताओं की बात छोड़ देनी चाहिए, क्योंकि जिंदगी में शराब, शबाब और अय्याशी के अलावा कुछ नहीं है। बाकी जात-पात और हिंदू-मियां के मुद्दे होते हैं। इन चार चीजों के अलावा नेताओं की डिक्शनरी में कुछ नहीं है।' गौरतलब है कि पप्पू यादव निर्दलीय सांसद के रूप में अक्सर सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों दलों पर एक साथ निशाना साधते रहे हैं।

बिहार बाढ़ पर सरकार को घेरा

बिहार में जारी बाढ़ की स्थिति पर पप्पू यादव ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में दवाइयाँ उपलब्ध नहीं थीं और कम्युनिटी किचन बहुत कम संख्या में खोले गए। उन्होंने बताया कि उन्हें मंगलवार को कम से कम 20,000 गरीब परिवारों को ₹500-500 प्रति परिवार देकर मदद करनी पड़ी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 2024 में बगहा में तटबंध टूटने के बाद भी वही हाल क्यों दोहराया गया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

सिंचाई मंत्री की बर्खास्तगी की माँग

सांसद ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि या तो सिंचाई मंत्री को बर्खास्त किया जाए या उनसे इस्तीफा माँगा जाए। उन्होंने कहा, 'आप आज बेतिया जा रहे हैं, तो जाने से पहले मंत्री को बर्खास्त करें या उनका इस्तीफा साथ ले जाएं।' यह बयान बिहार में बाढ़ प्रबंधन की विफलता को लेकर बढ़ते राजनीतिक दबाव को दर्शाता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विधानसभा में भी गूँज सुनाई दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बिहार में महिला सुरक्षा की उस व्यापक विफलता का प्रतिबिंब है जो शेल्टर होम कांड से लेकर कोचिंग सेंटर तक की घटनाओं में बार-बार सामने आ चुकी है। विडंबना यह है कि जो नेता सड़क पर सबसे तीखे बयान देते हैं, वे विधानसभा में जवाबदेही तंत्र बनाने में उतने ही निष्क्रिय रहते हैं। बगहा तटबंध का दूसरी बार टूटना यह भी बताता है कि बिहार में बाढ़ प्रबंधन संरचनागत रूप से ध्वस्त है — और इसकी कीमत हर बार वही 20,000 गरीब परिवार चुकाते हैं जिन्हें सांसद को खुद ₹500-500 देने पड़े।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पप्पू यादव ने बेगूसराय घटना पर क्या कहा?
पप्पू यादव ने बेगूसराय के होटल में युवती के साथ कथित दुष्कर्म और मारपीट की घटना को निंदनीय बताया और कहा कि अगर कानून इजाजत दे तो आरोपी को एक मिनट भी जाने का हक नहीं है। उन्होंने आरोपी के लिए अत्यंत कड़ी सजा की माँग की।
पप्पू यादव ने महिला सुरक्षा पर क्या सवाल उठाए?
सांसद ने कहा कि महिलाएं घर, स्कूल, कोचिंग सेंटर, शेल्टर होम, हॉस्टल — किसी भी जगह सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने यह भी सवाल किया कि सारी पाबंदियाँ बेटियों पर ही क्यों थोपी जाती हैं और बेटियों की सुरक्षा के लिए कोई प्रभावी कानून क्यों नहीं है।
पप्पू यादव ने नेताओं पर क्या आरोप लगाए?
पप्पू यादव ने कहा कि नेताओं की जिंदगी में 'शराब, शबाब और अय्याशी' के अलावा कुछ नहीं है और उनकी राजनीति केवल जात-पात तथा साम्प्रदायिक मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती है। यह बयान उन्होंने सभी दलों के नेताओं को लक्ष्य करके दिया।
बिहार बाढ़ पर पप्पू यादव ने क्या माँग की?
पप्पू यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सिंचाई मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने या उनसे इस्तीफा लेने की माँग की। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित 20,000 गरीब परिवारों को उन्हें खुद ₹500-500 देने पड़े क्योंकि दवाइयाँ और राहत पर्याप्त नहीं थी।
बगहा तटबंध टूटने पर पप्पू यादव ने क्या कहा?
सांसद ने सवाल उठाया कि 2024 में बगहा का तटबंध टूटने के बाद भी वही स्थिति क्यों दोहराई गई और इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाए। उन्होंने इसे सरकारी लापरवाही करार दिया और जवाबदेही की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
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