अहमदाबाद हवाई अड्डे पर 20.366 किलो गांजा जब्त, बैंकॉक से आया सहारनपुर निवासी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (SVPIA), अहमदाबाद पर एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने 20-21 मई 2025 की दरमियानी रात एक भारतीय नागरिक को 20.366 किलोग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का निवासी है और थाई एयरवेज की फ्लाइट TG-343 से बैंकॉक से आया था। यह कार्रवाई राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) से मिली विशिष्ट सूचना और यात्री प्रोफाइलिंग के आधार पर की गई।
कैसे हुई बरामदगी
अधिकारियों ने आरोपी के ट्रॉली बैग की विस्तृत जाँच के दौरान उसके चेक किए गए सामान के भीतर 19 वैक्यूम-सील्ड पैकेट बरामद किए, जिनमें हरे रंग के सूखे पौधे जैसा पदार्थ भरा था। प्रारंभिक फील्ड परीक्षण में इस पदार्थ की पहचान गांजे के रूप में हुई। कुल जब्त मात्रा 20.366 किलोग्राम रही।
जब्ती नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (NDPS) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत की गई और आरोपी को उसी कानून के तहत गिरफ्तार किया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जब्त गांजे का अनुमानित अवैध बाज़ार मूल्य लगभग ₹20 करोड़ है।
DRI को सौंपी गई जाँच
अधिकारियों ने बताया कि मामले को व्यापक तस्करी नेटवर्क और संभावित सीमा पार संबंधों की जाँच के लिए राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) को सौंप दिया गया है। जाँच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस खेप का अंतिम गंतव्य और आपूर्ति श्रृंखला क्या थी।
बैंकॉक मार्ग पर बढ़ती तस्करी की प्रवृत्ति
अधिकारियों के अनुसार, यह मामला बैंकॉक से आने वाले यात्रियों से जुड़े हाल के मामलों में देखी जाने वाली एक नियमित प्रवृत्ति का हिस्सा है, जहाँ उच्च गुणवत्ता वाला गांजा वैक्यूम-सील्ड पैकेजिंग में छिपाकर लाया जाता है।
इसी क्रम में, 17 मई 2025 को AIU ने इसी हवाई अड्डे पर बैंकॉक से उसी उड़ान मार्ग से आए एक अन्य यात्री के ट्रॉली बैग से 6.54 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। इससे पहले, 2 जनवरी 2025 को सीमा शुल्क अधिकारियों ने बैंकॉक से आए एक यात्री से 7.7 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक भांग जब्त की थी — वह कार्रवाई भी DRI की सूचना पर हुई थी।
दिसंबर 2024 में भी इसी हवाई अड्डे पर बैंकॉक से आए यात्रियों से लगभग 6.2 किलोग्राम मारिजुआना जब्त किया गया था। ये आँकड़े दक्षिण-पूर्व एशियाई मार्गों — विशेषकर थाईलैंड — से नशीले पदार्थों की तस्करी के एक संगठित प्रयास की ओर इशारा करते हैं।
आगे क्या होगा
DRI की जाँच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि क्या यह खेप किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह से जुड़ी है। NDPS अधिनियम के तहत इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की तस्करी पर कठोर दंड का प्रावधान है, और अभियोजन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने की संभावना है।