एशियन गेम्स 2026: नेत्रा कुमानन ने महिला डिंगी सेलिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता, भारत का सेलिंग में तीसरा पदक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेलर नेत्रा कुमानन ने एशियन गेम्स 2026 में गामागोरी के काइयोह यॉट हार्बर पर आयोजित महिलाओं की डिंगी स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया। दो रेस की फाइनल सीरीज के बाद नेत्रा ने कुल 14 नेट पॉइंट्स के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। यह एशियन गेम्स 2026 में भारत का सेलिंग में तीसरा पदक है।
फाइनल का रोमांचक घटनाक्रम
थाईलैंड की सोफिया मोंटगोमरी ने मात्र पाँच पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि सिंगापुर की जानिया एंग ने 13 पॉइंट्स के साथ सिल्वर अपने नाम किया। नेत्रा ने क्वालीफिकेशन सीरीज से सात रीकैलकुलेटेड पॉइंट्स के साथ फाइनल में प्रवेश किया था।
फाइनल 1 में नेत्रा छठे स्थान पर रहीं, लेकिन फाइनल 2 जीतकर उन्होंने शानदार वापसी की और ओवरऑल तीसरे पायदान पर पहुँच गईं। नेत्रा 14 नेट पॉइंट्स (क्वालीफिकेशन और फाइनल से सात-सात पॉइंट्स) पर हांगकांग की स्टेफनी नॉर्टन के बराबर रहीं, किंतु पूरी सीरीज में बेहतर हेड-टू-हेड रिकॉर्ड के आधार पर टाई-ब्रेक में ब्रॉन्ज पदक उनकी झोली में आया।
नेत्रा कुमानन की ऐतिहासिक यात्रा
नेत्रा ने 2021 में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला सेलर बनकर इतिहास रचा था। इसके बाद उन्होंने पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए भी क्वालीफाई किया। गौरतलब है कि एशियन गेम्स 2026 में यह पदक उनके करियर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गया है।
भारत का सेलिंग में पदकों का सफर
इन खेलों में भारत का सेलिंग अभियान उल्लेखनीय रहा है। इससे पहले मनु फ्रांसिस और प्रिंस कुरिसिंकल नोबल की जोड़ी ने पुरुषों की स्किफ स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता था, जबकि हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा ने महिलाओं की स्किफ में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था।
विष्णु सरवनन चौथे स्थान पर, पदक से चूके
पुरुषों की डिंगी स्पर्धा में दो बार के ओलंपियन विष्णु सरवनन 21 पॉइंट्स के साथ चौथे स्थान पर रहे और पदक से चूक गए। कोरिया गणराज्य के हा जी-मिन ने नौ नेट पॉइंट्स के साथ गोल्ड जीता, जबकि मलेशिया के खैरुलनिजाम मोहम्मद अफेंडी 14 नेट पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज पर रहे। उल्लेखनीय है कि सरवनन ने हांगझोऊ एशियन गेम्स 2023 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
कैनो स्लैलम: भारत का अभियान खाली हाथ समाप्त
भारत का कैनो स्लैलम अभियान बिना किसी पदक के समाप्त हो गया। कुल पाँच भारतीयों ने पाँच मेडल इवेंट्स — पुरुषों का कयाक एकल, पुरुषों का कयाक क्रॉस, महिलाओं का कैनो एकल, महिलाओं का कयाक एकल और महिलाओं का कयाक क्रॉस — में हिस्सा लिया। भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पुरुषों के कयाक एकल में प्रद्युम्न सिंह राठौड़ का रहा, जो 10 फाइनलिस्ट में 125.21 के स्कोर (छह सेकंड की टाइम पेनल्टी सहित) के साथ छठे स्थान पर रहे। सेलिंग में मिली सफलता इस बात का संकेत है कि भारत इस खेल में तेज़ी से प्रगति कर रहा है।