सीमा कुमारी ने एशियन गेम्स 2026 में जीता ब्रॉन्ज, 10,000 मीटर में भारत का 16 साल का इंतजार खत्म
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय लॉन्ग-डिस्टेंस धावक सीमा कुमारी ने 24 सितंबर 2026 को नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 की महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ के फाइनल में 32:50.05 सेकंड का समय निकालते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस जीत के साथ सीमा ने इस इवेंट में भारत का 16 साल का मेडल-सूखा समाप्त किया।
मुख्य घटनाक्रम
गोल्ड मेडल बहरीन की विनफ्रेड यावी ने 32:39.18 सेकंड के समय के साथ जीता, जबकि जापान की नोजोमी तनाका 32:41.54 सेकंड के साथ सिल्वर पर रहीं। सीमा गोल्ड विजेता यावी से 10.87 सेकंड पीछे रहीं, और कज़ाकिस्तान की डेजी जेपकेमेई (33:03.21 सेकंड) को चौथे स्थान पर छोड़ते हुए पोडियम पर जगह बनाई।
दौड़ का रोमांचक सफर
सीमा ने शुरुआती 2,000 मीटर में बढ़त लेते हुए पहला 1,000 मीटर 3:18.12 सेकंड में और 2,000 मीटर का मार्क 6:36.13 सेकंड में पार किया। मध्य चरण में वह धीरे-धीरे चौथे स्थान पर खिसक गईं, लेकिन अग्रणी धावकों के काफी करीब बनी रहीं। जब 1,000 मीटर शेष बचे, तब उन्होंने तीसरे स्थान पर वापसी की और फाइनल स्टेज में अपनी पोज़ीशन मजबूत बनाए रखते हुए ब्रॉन्ज पक्का किया।
ऐतिहासिक संदर्भ
सीमा एशियन गेम्स में 10,000 मीटर में मेडल जीतने वाली तीसरी भारतीय महिला बन गई हैं। इससे पहले 2010 के एशियन गेम्स में प्रीजा श्रीधरन ने इसी इवेंट में गोल्ड और कविता राउत ने सिल्वर मेडल जीता था। यानी 16 वर्षों के अंतराल के बाद भारत को इस इवेंट में पोडियम की खुशी मिली है।
सीमा कुमारी का सफर
10 जनवरी 2001 को हिमाचल प्रदेश में जन्मीं सीमा ने 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दौड़ को अपनी विशेषज्ञता बनाई है। मार्च 2026 में कैलिफोर्निया में 'द टेन' इवेंट में उन्होंने 10,000 मीटर में 32:02.43 सेकंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज किया और कड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में पाँचवाँ स्थान हासिल किया था। अप्रैल 2026 में उन्होंने 5,000 मीटर में भी अपना सर्वश्रेष्ठ समय सुधारकर 15:16.20 सेकंड कर लिया।
पिछली उपलब्धियाँ
सीमा ने एफआईएसयू वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 में 5,000 मीटर में सिल्वर मेडल जीता। इसके अलावा, 2024 एशियन क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप (हांगकांग) में सीनियर महिला रेस में गोल्ड और 2026 की 65वीं नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 10,000 मीटर में गोल्ड उनके नाम है। लगातार बेहतर होते प्रदर्शन की यह कड़ी इशारा करती है कि सीमा भारतीय ट्रैक एंड फील्ड की अगली पीढ़ी की अगुआ बन सकती हैं।