एशियन गेम्स 2026 का समापन: चीन 341 मेडल के साथ शीर्ष पर, भारत ने 85 मेडल जीतकर चौथा स्थान पाया
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 का 4 अक्टूबर 2026 को नागोया के मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में भव्य क्लोज़िंग सेरेमनी के साथ समापन हो गया। अंक तालिका में चीन 341 मेडल — 169 गोल्ड, 89 सिल्वर और 83 ब्रॉन्ज़ — के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि भारत ने 85 मेडल (21 गोल्ड, 27 सिल्वर, 37 ब्रॉन्ज़) जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। भारत की ध्वजवाहक नीरू ढांडा रहीं, जिन्होंने शूटिंग में दो गोल्ड समेत कुल तीन मेडल जीते।
क्लोज़िंग सेरेमनी का आग़ाज़ और ओसीए झंडे का हस्तांतरण
समापन समारोह की शुरुआत जापान के राष्ट्रगान से हुई, जिसके बाद प्रत्येक भाग लेने वाले देश के ध्वजवाहकों की परेड निकली। नीरू ढांडा ने भारतीय तिरंगे को गर्व के साथ थामा। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) का झंडा कतर को सौंपा गया, जो एशियन गेम्स के 21वें संस्करण की मेज़बानी करेगा।
अंक तालिका: चीन शीर्ष, जापान दूसरे, दक्षिण कोरिया तीसरे
मेज़बान जापान 269 मेडल (83 गोल्ड, 95 सिल्वर, 91 ब्रॉन्ज़) के साथ दूसरे स्थान पर रहा। दक्षिण कोरिया ने 150 मेडल (39 गोल्ड, 43 सिल्वर, 68 ब्रॉन्ज़) जीतकर तीसरा स्थान हासिल किया। उज़्बेकिस्तान 70 मेडल के साथ पाँचवें स्थान पर रहा। गौरतलब है कि यह एशियाई खेलों में उज़्बेकिस्तान का उभरता हुआ प्रदर्शन है, जो हर संस्करण में अपनी पकड़ मज़बूत कर रहा है।
भारत का शानदार प्रदर्शन — खेलवार झलकियाँ
भारत के लिए आर्चरी सबसे अधिक फलदायी रही, जहाँ पाँच गोल्ड मेडल मिले। बॉक्सिंग में तीन और रेसलिंग में दो गोल्ड जीते गए। हॉकी और कबड्डी में पुरुष एवं महिला, दोनों टीमों ने गोल्ड मेडल अपने नाम किए। भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीम ने भी गोल्ड मेडल जीते।
गोल्फ में इतिहास रचा गया, जब प्रणवी उर्स ने महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत का पहला एशियन गेम्स गोल्ड मेडल जीता — यह भारतीय गोल्फ के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। शूटिंग भारत के लिए पारंपरिक रूप से मज़बूत रही, जबकि वेटलिफ्टिंग, बैडमिंटन, स्क्वैश, रोइंग, टेबल टेनिस, सेलिंग, वुशु, कुराश, एमएमए और सॉफ्ट टेनिस ने भी मेडल तालिका में योगदान दिया।
ऐतिहासिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय खेल संस्थाएँ 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक की तैयारी में जुटी हैं। 85 मेडल का यह आँकड़ा भारत के पिछले एशियन गेम्स प्रदर्शन के सापेक्ष उसकी बढ़ती खेल शक्ति को दर्शाता है। अगला एशियन गेम्स कतर में आयोजित होगा, और भारत की नज़रें अब उस मंच पर और बेहतर प्रदर्शन पर टिकी हैं।