नीरू ढांडा का एशियन गेम्स 2026 में ऐतिहासिक गोल्ड, ट्रैप इवेंट में 28 के एशियन रिकॉर्ड के साथ रचा इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
ट्रैप शूटर नीरू ढांडा ने 29 सितंबर 2026 को नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 की महिला ट्रैप इंडिविजुअल स्पर्धा के फाइनल में 28 के एशियन रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह भारत का एशियन गेम्स 2026 में पाँचवाँ गोल्ड मेडल था और नीरू एशियन गेम्स के इतिहास में ट्रैप इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं।
ऐतिहासिक प्रदर्शन का विवरण
यह नीरू ढांडा का पहला एशियन गेम्स था और उन्होंने अपने पदार्पण को यादगार बनाते हुए एशियन रिकॉर्ड के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। 28 के स्कोर के साथ उन्होंने प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ा और भारतीय निशानेबाज़ी के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा। गौरतलब है कि ट्रैप शूटिंग में एशियन गेम्स स्तर पर भारतीय महिलाओं का यह पहला स्वर्ण है, जो इस उपलब्धि को और भी विशेष बनाता है।
नीरू ढांडा की प्रतिक्रिया
गोल्ड मेडल जीतने के बाद भावुक नीरू ने कहा, 'इस मेडल की अहमियत को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। यह एक एहसास है। कुछ चीजें शब्दों में बताने के बजाय महसूस करने के लिए होती हैं।' उन्होंने यह पदक भारत, अपने परिवार, कोच मनशेर सिंह और दिवंगत राजा रणधीर सिंह को समर्पित किया, जिन्होंने 1978 में गोल्ड मेडल जीता था और इस वर्ष उनका निधन हो गया था।
युवा एथलीटों को संदेश देते हुए नीरू ने कहा कि सभी को उनसे आगे जाना है और जहाँ भी हों, वहाँ से आगे बढ़ने तथा बेहतर मनोदशा से काम करने की कोशिश करें।
ट्रैप टीम इवेंट में सिल्वर की दोहरी खुशी
नीरू ढांडा ने व्यक्तिगत स्वर्ण के अलावा ट्रैप टीम इवेंट में रजत पदक भी अपने नाम किया। इस टीम में उनके साथ आशिमा अहलावत और मनीषा कीर भी शामिल थीं।
आशिमा अहलावत ने टीम के प्रदर्शन पर कहा, 'यह प्रदर्शन करना आसान नहीं था। पिछले एक-दो दिन से कतर और कुवैत के साथ बहुत करीबी मुकाबला चल रहा था। आज के मौसम ने हमारी बहुत मदद की। दूसरे देश इससे बच नहीं पाए, लेकिन हम इस मौसम में बच गए और ब्रॉन्ज से सिल्वर मेडल पर आ गए।' उन्होंने जोड़ा कि भारत में बारिश में शूटिंग करने की आदत और ट्रेनिंग के कठिन हालात ने टीम को इस चुनौती के लिए तैयार किया।
हरियाणा के जींद में जश्न का माहौल
हरियाणा के जींद ज़िले के संगतपुरा गाँव से ताल्लुक रखने वाली नीरू की इस ऐतिहासिक जीत के बाद उनके गाँव में उत्सव का माहौल छा गया। नीरू की माँ सुदेश देवी ने कहा, 'हम बहुत खुश हैं। पूरा देश हमारी बेटी की कामयाबी का जश्न मना रहा है। उसने बड़ी उम्मीदों के साथ गोल्ड मेडल जीता है। हमें उससे बहुत उम्मीद थी।'
आगे की राह
नीरू ढांडा की यह उपलब्धि भारतीय निशानेबाज़ी में महिला खिलाड़ियों के बढ़ते दबदबे का प्रमाण है। एशियन रिकॉर्ड के साथ मिला यह स्वर्ण उन्हें आगामी विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक क्वालीफिकेशन के लिए एक मज़बूत दावेदार के रूप में स्थापित करता है।