नीरू ढांडा बनेंगी एशियन गेम्स 2026 क्लोजिंग सेरेमनी में भारत की ध्वजवाहक, 2 गोल्ड सहित जीते 3 मेडल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय ट्रैप शूटर नीरू ढांडा को 4 अक्टूबर 2026 को नागोया, जापान में होने वाली एशियन गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी में भारतीय दल की ध्वजवाहक चुना गया है। 27 वर्षीय इस शूटर ने आइची-नागोया गेम्स में दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीतकर यह दुर्लभ सम्मान अर्जित किया।
मेडल का सफर: सिल्वर से शुरुआत
नीरू के मेडल-अभियान की शुरुआत महिला ट्रैप टीम इवेंट से हुई, जहाँ उन्होंने आशीमा अहलावत और मनीषा कीर के साथ मिलकर सिल्वर मेडल जीता। तीन दिनों के क्वालिफिकेशन में भारतीय तिकड़ी का कुल स्कोर 328 रहा। टीम गोल्ड जीतने वाले चीन से पीछे रही, जबकि कुवैत ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
ऐतिहासिक व्यक्तिगत गोल्ड: एशियन रिकॉर्ड भी तोड़ा
इसके बाद नीरू ने व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में इतिहास रच दिया — वह एशियन गेम्स में यह गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं। क्वालिफिकेशन राउंड में 118 के स्कोर के साथ शीर्ष पर रहीं और फाइनल में 28 का स्कोर दर्ज कर एशियन रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल पर कब्ज़ा किया।
मिक्स्ड टीम में दूसरा गोल्ड, एक और एशियन रिकॉर्ड
व्यक्तिगत गोल्ड के 24 घंटे से भी कम समय बाद नीरू ने कायन चेनाई के साथ ट्रैप मिक्स्ड टीम इवेंट में भी गोल्ड मेडल जीता। मुश्किल शुरुआत के बावजूद इस भारतीय जोड़ी ने शानदार वापसी करते हुए 34 हिट के साथ जीत दर्ज की और 2026 में ही कतर द्वारा बनाए गए 33 हिट के पिछले एशियन रिकॉर्ड को तोड़ा। गौरतलब है कि यह रिकॉर्ड इसी साल स्थापित हुआ था और नीरू ने उसे भी पीछे छोड़ दिया।
ध्वजवाहक सम्मान: आइची-नागोया में भारत की सबसे चमकदार सितारा
तीन मेडल के इस उल्लेखनीय प्रदर्शन ने नीरू को आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत की प्रमुख खिलाड़ियों में अग्रणी स्थान दिला दिया। क्लोजिंग सेरेमनी 4 अक्टूबर को नागोया सिटी मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित होगी, जहाँ वह राष्ट्रीय ध्वज लेकर भारतीय दल का नेतृत्व करेंगी। शूटिंग में भारत के शानदार सामूहिक प्रदर्शन में नीरू की भूमिका केंद्रीय रही, और उनकी ध्वजवाहकी इस खेल की बढ़ती राष्ट्रीय प्रतिष्ठा का प्रतीक है।