नीरू ढांडा की एशियन गेम्स में मेडल तिकड़ी: मिक्स्ड टीम ट्रैप में भारत को गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
शूटर नीरू ढांडा और कायनन चेनाई ने 30 सितंबर 2026 को नागोया में आयोजित एशियन गेम्स के मिक्स्ड टीम ट्रैप इवेंट में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता। फाइनल में भारतीय जोड़ी ने कतर को पराजित किया और इस जीत के साथ एशियन गेम्स का एक नया रिकॉर्ड भी स्थापित किया। ढांडा के लिए यह इन खेलों में तीसरा मेडल था — इंडिविजुअल गोल्ड, टीम सिल्वर और अब मिक्स्ड टीम गोल्ड।
मुख्य घटनाक्रम: क्वालीफिकेशन से गोल्ड तक का सफर
भारतीय जोड़ी ने क्वालीफिकेशन राउंड में 136 के स्कोर के साथ चौथा स्थान हासिल किया था — चारों फाइनलिस्टों में सबसे निचली रैंक। चीन, कतर और ईरान उनसे ऊपर रहे, जिससे नॉकआउट चरण में भारत के लिए दबाव और भी बढ़ गया था।
नॉकआउट में सबसे पहले ईरान बाहर हुआ। इसके बाद चीन ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर प्रतियोगिता से विदाई ली। गोल्ड मेडल मुकाबला भारत और कतर के बीच हुआ, जिसमें भारतीय जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड अपने नाम किया।
नीरू ढांडा की ऐतिहासिक उपलब्धि
नीरू ढांडा ने इन एशियन गेम्स में अभूतपूर्व प्रदर्शन किया। एक दिन पहले, 29 सितंबर को, उन्होंने इंडिविजुअल महिला ट्रैप इवेंट में गोल्ड जीतकर इस डिसिप्लिन में एशियन गेम्स गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने का गौरव प्राप्त किया था। इससे पहले उन्होंने आशिमा अहलावत और मनीषा कीर के साथ मिलकर टीम इवेंट में सिल्वर मेडल भी जीता था।
मिक्स्ड टीम गोल्ड के साथ ढांडा का एशियन गेम्स 2026 का मेडल खाता तीन पर पहुँच गया — इंडिविजुअल, टीम और मिक्स्ड टीम, तीनों फॉर्मेट में मेडल। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय शूटिंग को अंतरराष्ट्रीय मंच पर और अधिक पहचान दिलाने की ज़रूरत महसूस की जा रही है।
कायनन चेनाई की निरंतरता
कायनन चेनाई ने इस जीत के साथ अपने एशियन गेम्स मेडल संग्रह में एक और गोल्ड जोड़ा। गौरतलब है कि उन्होंने 2023 एशियन गेम्स में पुरुषों की टीम ट्रैप में गोल्ड और इंडिविजुअल इवेंट में ब्रॉन्ज जीता था। नीरू के साथ मिलकर हासिल की गई यह जीत विभिन्न एडिशन और फॉर्मेट में उनकी लगातार श्रेष्ठता को दर्शाती है।
एनआरएआई की प्रतिक्रिया
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने कहा, 'हमारे ट्रैप शूटर्स के लिए यह एक बहुत बढ़िया एशियन गेम्स रहा है। आज का गोल्ड एक परफेक्ट फिनिश है। नीरू के लिए कुछ ही दिनों में मेडलों की तिकड़ी पूरी करना — इंडिविजुअल गोल्ड, टीम सिल्वर और अब मिक्स्ड टीम गोल्ड — एक शानदार उपलब्धि है। क्वालीफिकेशन में चौथे स्थान से शुरू करने के बाद कतर की एक मजबूत जोड़ी को हराकर ऐसा करना खिलाड़ियों के असली कैरेक्टर को दिखाता है। कायनन को भी बहुत बड़ा श्रेय जाता है, जो गेम्स के सभी फॉर्मेट्स और एडिशन्स में भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन करते रहते हैं।'
एनआरएआई के महासचिव पवन कुमार सिंह ने कहा, 'आज जो बात सबसे खास रही, वह थी क्वालीफिकेशन राउंड में मामूली प्रदर्शन के बाद नीरू और कायनन द्वारा दिखाया गया धैर्य। चौथी सीड से वापसी करना और गोल्ड-मेडल मैच में कतर को हराना, साथ ही एशियन गेम्स का रिकॉर्ड बनाना, यह दिखाता है कि हम अपने एथलीटों में कितनी मानसिक ताकत बना रहे हैं। इंडिविजुअल, टीम और मिक्स्ड टीम इवेंट्स में इस तरह का नतीजा दिखाता है कि हमारे ट्रैप शूटिंग प्रोग्राम की गहराई आखिरकार सबसे बड़े स्टेज पर मेडल में बदल रही है।'
आगे की राह
नीरू ढांडा और कायनन चेनाई की इस जीत ने भारतीय ट्रैप शूटिंग को एक नई ऊँचाई पर पहुँचाया है। एशियन गेम्स रिकॉर्ड के साथ आई यह उपलब्धि आने वाले ओलंपिक चक्र में भारतीय शूटिंग दल के लिए मनोबल और प्रतिस्पर्धी आधार दोनों को मज़बूत करती है।