एशियन गेम्स 2026: चीन 132 गोल्ड के साथ शीर्ष पर, भारत 45 मेडल लेकर 12वें स्थान पर
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 में चीन ने पदक तालिका पर अपना एकछत्र वर्चस्व बनाए रखा है। 28 सितंबर 2026 तक के आँकड़ों के अनुसार चीन 132 गोल्ड, 53 सिल्वर और 45 ब्रॉन्ज सहित कुल 230 मेडल के साथ पहले स्थान पर काबिज है, जबकि मेजबान जापान और दक्षिण कोरिया क्रमशः दूसरे और तीसरे पायदान पर हैं। भारत कुल 45 मेडल के साथ 12वें स्थान पर है।
चीन का दबदबा — तैराकी और एथलेटिक्स में परचम
चीन ने तैराकी में सर्वाधिक 30 गोल्ड मेडल जीतकर अपनी पारंपरिक श्रेष्ठता एक बार फिर साबित की है। एथलेटिक्स में भी इस देश ने कुल 32 मेडल अपने नाम किए हैं। चीन और दूसरे स्थान पर काबिज जापान के बीच 91 गोल्ड मेडल का विशाल अंतर इस प्रतियोगिता में चीन की बेमिसाल बढ़त को रेखांकित करता है।
मेजबान जापान दूसरे, दक्षिण कोरिया तीसरे स्थान पर
मेजबान जापान 41 गोल्ड, 68 सिल्वर और 63 ब्रॉन्ज सहित कुल 172 मेडल के साथ दूसरे पायदान पर है। एथलेटिक्स में जापान के खाते में 8 गोल्ड समेत कुल 28 मेडल हैं। दक्षिण कोरिया 21 गोल्ड, 26 सिल्वर और 44 ब्रॉन्ज सहित कुल 91 मेडल के साथ तीसरे स्थान पर है और फेंसिंग में 4 गोल्ड जीतना उसकी खास उपलब्धि रही।
उज्बेकिस्तान और कजाकिस्तान भी टॉप-5 में
उज्बेकिस्तान 12 गोल्ड, 17 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज सहित 42 मेडल के साथ चौथे स्थान पर है। कुराश में इस देश ने 4 गोल्ड जीते हैं, जबकि रोइंग और कैनो स्प्रिंट में 9-9 मेडल हासिल किए हैं। कजाकिस्तान 9 गोल्ड, 13 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज सहित 45 मेडल के साथ पाँचवें स्थान पर है। साइकिलिंग रोड में कजाकिस्तान ने 3 गोल्ड जीते हैं।
भारत का प्रदर्शन — एथलेटिक्स में सर्वाधिक 19 मेडल
भारत कुल 45 मेडल — 4 गोल्ड, 20 सिल्वर और 21 ब्रॉन्ज — के साथ 12वें स्थान पर है। भारत के 4 गोल्ड मेडल में महिला क्रिकेट टीम, पुरुष कबड्डी टीम, महिला कबड्डी टीम और निशानेबाजी की 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम का योगदान रहा। एथलेटिक्स में भारत ने सर्वाधिक 19 मेडल जीते हैं, जबकि शूटिंग में 12 मेडल हासिल हुए हैं।
आगे क्या — खेलों के अंतिम चरण में भारत की नज़रें
गौरतलब है कि एशियन गेम्स 2026 के अभी कुछ खेल और बचे हैं, जिनमें भारतीय दल अपनी पदक संख्या बढ़ाने का प्रयास करेगा। एथलेटिक्स और शूटिंग जैसे पारंपरिक मज़बूत क्षेत्रों में भारत की उम्मीदें अभी भी कायम हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत अपनी कुल मेडल संख्या में और इज़ाफा कर पाता है।