शरद पवार की मोदी-प्रशंसा पर फडणवीस बोले — 'परिपक्व और महत्वपूर्ण', विपक्ष की आलोचना को बताया अनुचित

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शरद पवार की मोदी-प्रशंसा पर फडणवीस बोले — 'परिपक्व और महत्वपूर्ण', विपक्ष की आलोचना को बताया अनुचित

सारांश

विपक्षी खेमे के वरिष्ठ नेता शरद पवार ने पीएम मोदी की वैश्विक कूटनीति की तारीफ की — और सत्तारूढ़ महायुति ने इसे हाथों-हाथ लिया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इसे 'परिपक्व बयान' बताते हुए विपक्ष की आलोचना को सीधे 'अनुचित' कह दिया।

मुख्य बातें

शरद पवार ने मंगलवार, 19 मई को सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि पीएम मोदी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि मज़बूत कर रहे हैं।
पवार ने इंदिरा गांधी , पीवी नरसिम्हा राव और डॉ.
मनमोहन सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि राष्ट्र हित में सभी दलों को मतभेद भुलाने चाहिए।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पवार के बयान को 'बेहद परिपक्व और महत्वपूर्ण' बताया।
फडणवीस ने दावा किया कि मोदी की विदेश यात्राओं से किए गए समझौतों ने अगले 20 वर्षों के लिए देश का भविष्य सुरक्षित किया है।
पवार की एनसीपी (एसपी) विपक्षी महाविकास अघाड़ी का हिस्सा है, जिससे यह बयान राजनीतिक रूप से उल्लेखनीय बना।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार, 20 मई को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार की उन टिप्पणियों को 'बेहद परिपक्व और महत्वपूर्ण' करार दिया, जिनमें पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक मंच पर भारत की छवि मज़बूत करने के प्रयासों की सराहना की थी। साथ ही फडणवीस ने उन विपक्षी दलों पर तीखा निशाना साधा, जो प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं की लगातार आलोचना करते रहे हैं।

शरद पवार ने क्या कहा

मंगलवार की शाम एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शरद पवार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजनीतिक विचारधाराओं में अंतर होने के बावजूद राष्ट्र हित के मामलों में राजनीति को दखल नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा, 'आज हमारा देश एक नए और अलग मोड़ पर खड़ा है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक विचार निश्चित रूप से अलग हो सकते हैं, लेकिन कोई भी इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को मज़बूत कर रहे हैं।'

पवार ने आगे जोड़ा कि जब देश की पहचान और प्रतिष्ठा की बात हो, तो सभी राजनीतिक दलों को अपने मतभेद भुला देने चाहिए। उन्होंने समाज में काम करते हुए पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर जनता के प्रति जवाबदेही निभाने पर भी ज़ोर दिया।

पूर्व प्रधानमंत्रियों का संदर्भ

पवार ने अपनी बात को ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पीवी नरसिम्हा राव और डॉ. मनमोहन सिंह जैसे नेताओं ने हमेशा राष्ट्र हित और भारत की वैश्विक स्थिति को अपनी नीतियों के केंद्र में रखा। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी भी इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष पीएम मोदी की विदेश यात्राओं को लेकर सवाल उठाता रहा है।

फडणवीस की प्रतिक्रिया और विपक्ष पर निशाना

मुख्यमंत्री फडणवीस ने पवार के बयान का स्वागत करते हुए कहा, 'ऐसे समय में जब कई लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना कर रहे थे — यह सवाल उठा रहे थे कि वे विदेश यात्राएं क्यों करते हैं और वहाँ क्या होता है — भारत ने विभिन्न देशों के साथ कई महत्वपूर्ण समझौते किए हैं।' उन्होंने दावा किया कि इन समझौतों की बदौलत अगले 20 वर्षों के लिए देश का भविष्य सुरक्षित हुआ है।

फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के हित में विदेश यात्राएं करते हैं, इसलिए उनकी आलोचना करना अनुचित है। उन्होंने पवार को एक अनुभवी नेता बताते हुए उनके बयान को 'परिपक्व राजनीतिक दृष्टि' का उदाहरण कहा।

राजनीतिक परिप्रेक्ष्य

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में महायुति सरकार और विपक्षी महाविकास अघाड़ी के बीच तनातनी बनी हुई है। शरद पवार की एनसीपी (एसपी) महाविकास अघाड़ी का हिस्सा है, इसलिए उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना है। आलोचकों का कहना है कि इस बयान की व्याख्या भिन्न-भिन्न तरीकों से की जा सकती है — कुछ इसे राष्ट्रीय एकता का संदेश मानते हैं, तो कुछ इसे महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक समीकरणों की पृष्ठभूमि में देख रहे हैं।

आगे क्या

पवार के बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छिड़ने के आसार हैं। विपक्षी दल इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं, जबकि सत्तारूढ़ महायुति इसे प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति की व्यापक स्वीकृति के रूप में पेश कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी राजनीतिक टाइमिंग पर ध्यान देना ज़रूरी है — महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी के भीतर तनाव और एनसीपी (एसपी) की बदलती स्थिति के बीच यह बयान आया है। फडणवीस ने इसे तुरंत विपक्ष पर हमले के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया, जो दर्शाता है कि सत्तारूढ़ महायुति इसे महज़ शिष्टाचार नहीं, बल्कि राजनीतिक पूंजी मान रही है। मुख्यधारा की कवरेज इस बात को अक्सर नज़रअंदाज़ करती है कि पवार ने मोदी की नीतियों का समर्थन नहीं किया — उन्होंने केवल विदेश नीति पर दलगत आलोचना से परहेज़ की अपील की, जो कि एक सूक्ष्म लेकिन महत्वपूर्ण अंतर है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शरद पवार ने पीएम मोदी के बारे में क्या कहा?
शरद पवार ने मंगलवार, 19 मई को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि पीएम मोदी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि मज़बूत करने के लिए काम कर रहे हैं और राष्ट्र हित के मामलों में सभी दलों को मतभेद भुला देने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी की राजनीतिक विचारधारा अलग हो सकती है, लेकिन वैश्विक मंच पर उनके योगदान से इनकार नहीं किया जा सकता।
देवेंद्र फडणवीस ने पवार के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पवार के बयान को 'बेहद परिपक्व और महत्वपूर्ण' बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की विदेश यात्राओं से भारत ने कई महत्वपूर्ण समझौते किए हैं, जिनसे अगले 20 वर्षों के लिए देश का भविष्य सुरक्षित हुआ है।
क्या शरद पवार की पार्टी विपक्ष का हिस्सा है?
हाँ, शरद पवार की एनसीपी (शरदचंद्र पवार) महाराष्ट्र में विपक्षी महाविकास अघाड़ी का हिस्सा है। इसीलिए उनका यह बयान राजनीतिक दृष्टि से उल्लेखनीय माना जा रहा है, क्योंकि वे सत्तारूढ़ गठबंधन के विरोधी खेमे में हैं।
पवार ने किन पूर्व प्रधानमंत्रियों का उदाहरण दिया?
पवार ने इंदिरा गांधी, पीवी नरसिम्हा राव और डॉ. मनमोहन सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी नेताओं ने राष्ट्र हित और भारत की वैश्विक स्थिति को अपनी नीतियों के केंद्र में रखा, और पीएम मोदी भी इसी परंपरा का पालन कर रहे हैं।
फडणवीस ने विपक्ष की आलोचना को क्यों 'अनुचित' कहा?
फडणवीस ने तर्क दिया कि पीएम मोदी की विदेश यात्राएं देश के हित में हैं और उनसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौते हुए हैं। उनके अनुसार, राष्ट्रीय हित से जुड़े मामलों में प्रधानमंत्री की आलोचना करना उचित नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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