गन्ने का FRP ₹365 प्रति क्विंटल तय, 5 करोड़ किसानों को सीधा लाभ — अमित शाह

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गन्ने का FRP ₹365 प्रति क्विंटल तय, 5 करोड़ किसानों को सीधा लाभ — अमित शाह

सारांश

केन्द्र सरकार ने गन्ना किसानों के लिए 2026-27 सीजन का FRP ₹365 प्रति क्विंटल तय किया — उत्पादन लागत से 100.5% अधिक और पिछले सीजन से 2.81% ज़्यादा। इससे 5 करोड़ किसानों और 5 लाख श्रमिकों को सीधा लाभ मिलने का दावा है। गृह मंत्री अमित शाह ने इसे किसान हितैषी फैसला बताया।

मुख्य बातें

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने चीनी सीजन 2026-27 के लिए गन्ने का FRP ₹365 प्रति क्विंटल निर्धारित किया।
यह मूल्य उत्पादन लागत ₹182 प्रति क्विंटल से 100.5% अधिक और पिछले सीजन से 2.81% ज़्यादा है।
देशभर के 5 करोड़ से अधिक गन्ना किसानों और 5 लाख से अधिक श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
9.5% से कम पुनर्प्राप्ति दर वाली मिलों में कोई कटौती नहीं; ऐसे किसानों को ₹338.3 प्रति क्विंटल मिलेंगे।
नया FRP 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा; CACP की सिफारिशों और राज्यों से परामर्श के बाद तय।

केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने 5 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में चीनी उत्पादन सीजन 2026-27 के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) ₹365 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। यह निर्णय देशभर के 5 करोड़ से अधिक गन्ना किसानों और गन्ना खेती से जुड़े 5 लाख से अधिक श्रमिकों को सीधा लाभ पहुँचाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस फैसले को किसान हितैषी बताते हुए इसकी सराहना की है।

FRP में कितनी बढ़ोतरी हुई

चीनी उत्पादन सीजन 2026-27 के लिए निर्धारित ₹365 प्रति क्विंटल का FRP, पिछले सीजन 2025-26 की तुलना में 2.81 प्रतिशत अधिक है। गन्ने की उत्पादन लागत (वास्तविक नकद खर्च और पारिवारिक श्रम मूल्य सहित) ₹182 प्रति क्विंटल आँकी गई है, जबकि निर्धारित FRP उत्पादन लागत से 100.5 प्रतिशत अधिक है। यह मूल्य 10.25 प्रतिशत की न्यूनतम चीनी पुनर्प्राप्ति दर पर आधारित है।

प्रीमियम और कटौती का प्रावधान

नई FRP संरचना के अनुसार, चीनी पुनर्प्राप्ति दर में 0.1 प्रतिशत की प्रत्येक वृद्धि पर किसानों को ₹3.56 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त प्रीमियम मिलेगा। इसी प्रकार, पुनर्प्राप्ति दर में 0.1 प्रतिशत की कमी पर ₹3.56 प्रति क्विंटल की कटौती का प्रावधान है। हालाँकि, जिन चीनी मिलों की पुनर्प्राप्ति दर 9.5 प्रतिशत से कम है, उन्हें किसी भी प्रकार की कटौती से छूट दी गई है — ऐसे किसानों को ₹338.3 प्रति क्विंटल का भुगतान सुनिश्चित किया गया है।

गृह मंत्री अमित शाह की प्रतिक्रिया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि किसान हितैषी मोदी सरकार ने आज गन्ना किसानों के हित में अहम निर्णय लेते हुए सीजन 2026-27 के लिए ₹365 प्रति क्विंटल की उचित एवं लाभकारी मूल्य को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि इससे देशभर के 5 करोड़ से अधिक गन्ना किसानों और 5 लाख से अधिक श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

निर्धारण प्रक्रिया और आधार

यह FRP कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर और राज्य सरकारों तथा अन्य हितधारकों से परामर्श के बाद तय किया गया है। स्वीकृत FRP 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले चीनी उत्पादन सीजन में चीनी मिलों द्वारा किसानों से गन्ने की खरीद पर लागू होगा। गौरतलब है कि चीनी उत्पादन क्षेत्र कृषि आधारित उद्योगों में सबसे बड़े रोज़गार प्रदाताओं में से एक है, जो कृषि श्रम और परिवहन सहित अनेक सहायक गतिविधियों को भी आधार देता है।

आगे क्या होगा

नया FRP अक्टूबर 2026 से लागू होगा, जब नया चीनी उत्पादन सीजन शुरू होगा। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पादन लागत से दोगुने से अधिक मूल्य का निर्धारण गन्ना किसानों की आय में सुधार का संकेत है, लेकिन वास्तविक लाभ चीनी मिलों द्वारा समय पर भुगतान पर निर्भर करेगा — जो ऐतिहासिक रूप से एक बड़ी चुनौती रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि चीनी मिलें किसानों को समय पर भुगतान करती हैं या नहीं। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में बकाया भुगतान की समस्या वर्षों से बनी हुई है। FRP बढ़ाना एक नीतिगत संकेत है, लेकिन जब तक मिल-स्तरीय अनुपालन और भुगतान प्रवर्तन तंत्र मजबूत नहीं होता, यह लाभ कागज़ पर ही रहने का जोखिम है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) क्या होता है?
FRP वह न्यूनतम मूल्य है जो चीनी मिलें किसानों को गन्ने की खरीद पर देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य हैं। इसे केन्द्र सरकार CACP की सिफारिशों के आधार पर प्रत्येक सीजन के लिए निर्धारित करती है।
2026-27 सीजन के लिए गन्ने का FRP कितना तय हुआ है?
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 2026-27 सीजन के लिए गन्ने का FRP ₹365 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जो 10.25% की न्यूनतम पुनर्प्राप्ति दर पर आधारित है। यह पिछले सीजन 2025-26 की तुलना में 2.81% अधिक है।
इस FRP से कितने किसानों को फायदा मिलेगा?
सरकार के अनुसार देशभर के 5 करोड़ से अधिक गन्ना किसानों और उनके आश्रितों के साथ-साथ चीनी मिलों में कार्यरत 5 लाख से अधिक श्रमिकों को इस फैसले का सीधा लाभ मिलेगा।
जिन मिलों की पुनर्प्राप्ति दर 9.5% से कम है, वहाँ किसानों को क्या मिलेगा?
जिन चीनी मिलों की पुनर्प्राप्ति दर 9.5% से कम है, वहाँ किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। ऐसे किसानों को सीजन 2026-27 में ₹338.3 प्रति क्विंटल का भुगतान सुनिश्चित किया गया है।
नया FRP कब से लागू होगा?
स्वीकृत FRP 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले चीनी उत्पादन सीजन 2026-27 में चीनी मिलों द्वारा किसानों से गन्ने की खरीद पर लागू होगा।
राष्ट्र प्रेस
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