गन्ने का FRP ₹365 प्रति क्विंटल तय, 5 करोड़ किसानों को सीधा लाभ — अमित शाह
सारांश
मुख्य बातें
केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने 5 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में चीनी उत्पादन सीजन 2026-27 के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) ₹365 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। यह निर्णय देशभर के 5 करोड़ से अधिक गन्ना किसानों और गन्ना खेती से जुड़े 5 लाख से अधिक श्रमिकों को सीधा लाभ पहुँचाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस फैसले को किसान हितैषी बताते हुए इसकी सराहना की है।
FRP में कितनी बढ़ोतरी हुई
चीनी उत्पादन सीजन 2026-27 के लिए निर्धारित ₹365 प्रति क्विंटल का FRP, पिछले सीजन 2025-26 की तुलना में 2.81 प्रतिशत अधिक है। गन्ने की उत्पादन लागत (वास्तविक नकद खर्च और पारिवारिक श्रम मूल्य सहित) ₹182 प्रति क्विंटल आँकी गई है, जबकि निर्धारित FRP उत्पादन लागत से 100.5 प्रतिशत अधिक है। यह मूल्य 10.25 प्रतिशत की न्यूनतम चीनी पुनर्प्राप्ति दर पर आधारित है।
प्रीमियम और कटौती का प्रावधान
नई FRP संरचना के अनुसार, चीनी पुनर्प्राप्ति दर में 0.1 प्रतिशत की प्रत्येक वृद्धि पर किसानों को ₹3.56 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त प्रीमियम मिलेगा। इसी प्रकार, पुनर्प्राप्ति दर में 0.1 प्रतिशत की कमी पर ₹3.56 प्रति क्विंटल की कटौती का प्रावधान है। हालाँकि, जिन चीनी मिलों की पुनर्प्राप्ति दर 9.5 प्रतिशत से कम है, उन्हें किसी भी प्रकार की कटौती से छूट दी गई है — ऐसे किसानों को ₹338.3 प्रति क्विंटल का भुगतान सुनिश्चित किया गया है।
गृह मंत्री अमित शाह की प्रतिक्रिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि किसान हितैषी मोदी सरकार ने आज गन्ना किसानों के हित में अहम निर्णय लेते हुए सीजन 2026-27 के लिए ₹365 प्रति क्विंटल की उचित एवं लाभकारी मूल्य को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि इससे देशभर के 5 करोड़ से अधिक गन्ना किसानों और 5 लाख से अधिक श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
निर्धारण प्रक्रिया और आधार
यह FRP कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर और राज्य सरकारों तथा अन्य हितधारकों से परामर्श के बाद तय किया गया है। स्वीकृत FRP 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले चीनी उत्पादन सीजन में चीनी मिलों द्वारा किसानों से गन्ने की खरीद पर लागू होगा। गौरतलब है कि चीनी उत्पादन क्षेत्र कृषि आधारित उद्योगों में सबसे बड़े रोज़गार प्रदाताओं में से एक है, जो कृषि श्रम और परिवहन सहित अनेक सहायक गतिविधियों को भी आधार देता है।
आगे क्या होगा
नया FRP अक्टूबर 2026 से लागू होगा, जब नया चीनी उत्पादन सीजन शुरू होगा। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पादन लागत से दोगुने से अधिक मूल्य का निर्धारण गन्ना किसानों की आय में सुधार का संकेत है, लेकिन वास्तविक लाभ चीनी मिलों द्वारा समय पर भुगतान पर निर्भर करेगा — जो ऐतिहासिक रूप से एक बड़ी चुनौती रही है।