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केंद्र सरकार ने कच्चे जूट के एमएसपी में 275 रुपए की वृद्धि की घोषणा की

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केंद्र सरकार ने कच्चे जूट के एमएसपी में 275 रुपए की वृद्धि की घोषणा की

सारांश

केंद्र सरकार ने कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की घोषणा की है, जिससे किसानों को अधिक लाभ होगा। जानिए इस निर्णय का प्रभाव और भारत में जूट का उत्पादन कैसे होता है।

मुख्य बातें

कच्चे जूट का एमएसपी 5,925 रुपए प्रति क्विंटल है।
275 रुपए की वृद्धि पिछले सत्र की तुलना में की गई है।
सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रयासरत है।

नई दिल्ली, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने मंगलवार को कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इस कदम से जूट से जुड़े किसानों को अपनी फसल पर पहले की तुलना में अधिक लाभ प्राप्त होगा।

विपणन सत्र 2026-27 के लिए कच्चे जूट का एमएसपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बनाई गई आर्थिक कार्य मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा स्वीकृत किया गया है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 2026-27 के लिए कच्चे जूट (टीडी-3 ग्रेड) का एमएसपी 5,925 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो जूट के अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत पर 61.8 प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करता है। यह मूल्य 2018-19 में घोषित औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना के सिद्धांत के अनुरूप है।

बयान में उल्लेख किया गया कि विपणन सत्र 2026-27 के लिए कच्चे जूट का एमएसपी पिछले वर्ष 2025-26 की तुलना में 275 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा है। 2014-15 में कच्चे जूट का एमएसपी 2,400 रुपए प्रति क्विंटल था, जिसे अब बढ़ाकर 2026-27 में 5,925 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो कि 3,525 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि को दर्शाता है।

वर्ष 2014-15 से 2025-26 के बीच जूट उत्पादक किसानों को दी गई एमएसपी राशि 1342 करोड़ रुपए थी, जबकि 2004-05 से 2013-14 के बीच यह राशि 441 करोड़ रुपए रही।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय जूट निगम (जेसीआई) मूल्य समर्थन संचालन के लिए केंद्र सरकार की नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता रहेगा और किसी भी प्रकार के नुकसान की भरपाई पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा जूट उत्पादक देश है, जिसमें 99 प्रतिशत से अधिक उत्पादन पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में केंद्रित है। पश्चिम बंगाल में अनुकूल जलोढ़ मिट्टी और जलवायु के कारण कुल उत्पादन का 80 प्रतिशत से अधिक होता है, इसके बाद बिहार और असम का स्थान है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जूट उत्पादन में भी वृद्धि की उम्मीद है। यह कदम किसानों के हित में उठाया गया है, जिससे कृषि क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कच्चे जूट के लिए एमएसपी में कितनी वृद्धि हुई है?
कच्चे जूट के लिए एमएसपी में 275 रुपए की वृद्धि की गई है।
2026-27 के लिए कच्चे जूट का एमएसपी क्या है?
2026-27 के लिए कच्चे जूट का एमएसपी 5,925 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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