गन्ने का FRP ₹365 प्रति क्विंटल तय, 5 करोड़ किसानों को मिलेगा फायदा — मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला

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गन्ने का FRP ₹365 प्रति क्विंटल तय, 5 करोड़ किसानों को मिलेगा फायदा — मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला

सारांश

मोदी सरकार ने चीनी सीजन 2026-27 के लिए गन्ने का FRP ₹365 प्रति क्विंटल तय किया — उत्पादन लागत से दोगुना और पिछले सीजन से 2.81% अधिक। 5 करोड़ किसानों और 5 लाख मिल श्रमिकों को सीधा लाभ, साथ ही कम पुनर्प्राप्ति दर वाली मिलों पर कटौती से छूट।

मुख्य बातें

CCEA ने 5 मई 2026 को चीनी सीजन 2026-27 के लिए गन्ने का FRP ₹365 प्रति क्विंटल निर्धारित किया।
यह मूल्य उत्पादन लागत ₹182 प्रति क्विंटल से 100.5% अधिक और पिछले सीजन से 2.81% ज़्यादा है।
जिन मिलों में पुनर्प्राप्ति दर 9.5% से कम, वहाँ किसानों को ₹338.3 प्रति क्विंटल मिलेगा — कोई कटौती नहीं।
सीजन 2024-25 का 99.5% गन्ना बकाया ( ₹1,02,209 करोड़ ) 20 अप्रैल 2026 तक चुकाया जा चुका है।
लगभग 5 करोड़ गन्ना किसान और 5 लाख मिल श्रमिक इस क्षेत्र पर प्रत्यक्ष रूप से निर्भर हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने 5 मई 2026 को चीनी उत्पादन सीजन 2026-27 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) ₹365 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। यह मूल्य 10.25% की न्यूनतम पुनर्प्राप्ति दर पर आधारित है और पिछले सीजन 2025-26 की तुलना में 2.81% की वृद्धि दर्शाता है। इस फैसले से देशभर के लगभग 5 करोड़ गन्ना किसानों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

FRP की संरचना और प्रीमियम प्रावधान

तय किया गया ₹365 प्रति क्विंटल का FRP 10.25% की न्यूनतम चीनी पुनर्प्राप्ति दर पर लागू होगा। सरकार ने एक स्लैब-आधारित प्रणाली भी बरकरार रखी है, जिसके तहत पुनर्प्राप्ति दर में 0.1% की प्रत्येक वृद्धि पर किसानों को ₹3.56 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त प्रीमियम मिलेगा। इसी तरह, पुनर्प्राप्ति दर में 0.1% की कमी पर ₹3.56 प्रति क्विंटल की कटौती का प्रावधान है।

किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय यह भी लिया गया है कि जिन चीनी मिलों में पुनर्प्राप्ति दर 9.5% से कम है, वहाँ किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। ऐसे किसानों को सीजन 2026-27 में ₹338.3 प्रति क्विंटल का भुगतान सुनिश्चित किया गया है।

उत्पादन लागत से कितना अधिक है FRP

कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) के आकलन के अनुसार, चीनी उत्पादन सीजन 2026-27 के लिए गन्ने की उत्पादन लागत (वास्तविक नकद खर्च और पारिवारिक श्रम मूल्य सहित) ₹182 प्रति क्विंटल है। इस आधार पर तय किया गया ₹365 प्रति क्विंटल का FRP उत्पादन लागत से 100.5% अधिक है, जो किसानों को उनकी लागत पर दोगुने से अधिक रिटर्न सुनिश्चित करता है।

यह FRP 1 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ होने वाले चीनी उत्पादन सीजन 2026-27 में चीनी मिलों द्वारा किसानों से गन्ने की खरीद पर लागू होगा। यह निर्धारण CACP की सिफारिशों और राज्य सरकारों तथा अन्य हितधारकों से परामर्श के बाद किया गया है।

गन्ना बकाए का भुगतान — मौजूदा स्थिति

सरकार ने बकाया भुगतान की स्थिति पर भी आँकड़े साझा किए। पिछले चीनी उत्पादन सीजन 2024-25 में कुल देय ₹1,02,687 करोड़ के गन्ना बकाए में से ₹1,02,209 करोड़ का भुगतान 20 अप्रैल 2026 तक किया जा चुका है, जो कुल बकाए का 99.5% है।

मौजूदा सीजन 2025-26 में कुल देय ₹1,12,740 करोड़ के बकाए में से ₹99,961 करोड़ का भुगतान 20 अप्रैल 2026 तक हो चुका है, जो कुल का 88.6% है। शेष राशि का भुगतान सीजन के समापन के साथ होने की उम्मीद है।

चीनी क्षेत्र का आर्थिक महत्व

चीनी उत्पादन क्षेत्र भारत के सबसे बड़े कृषि-आधारित उद्योगों में से एक है। यह लगभग 5 करोड़ गन्ना किसानों और उनके परिवारों के साथ-साथ चीनी मिलों में प्रत्यक्ष रूप से कार्यरत लगभग 5 लाख श्रमिकों की आजीविका का आधार है। इसके अतिरिक्त, कृषि श्रम, परिवहन और अन्य सहायक गतिविधियों में भी बड़ी संख्या में लोग इस क्षेत्र पर निर्भर हैं।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देश में कृषि आय और ग्रामीण खपत को बढ़ावा देने की माँग लगातार उठ रही है। FRP में वृद्धि को इसी दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह वृद्धि महँगाई और इनपुट लागत की वास्तविक दर के अनुरूप है। मौजूदा सीजन 2025-26 में अभी भी ₹12,779 करोड़ से अधिक का बकाया शेष है, जो यह दर्शाता है कि घोषित मूल्य और वास्तविक भुगतान के बीच की खाई अभी पूरी तरह नहीं पटी है। गन्ना किसानों की असली ताकत FRP में नहीं, बल्कि समय पर भुगतान और राज्य परामर्श मूल्य (SAP) की नीति में है — जिस पर यह घोषणा मौन है। बिना बकाया-मुक्त सीजन की गारंटी के, यह वृद्धि चुनावी कैलेंडर से प्रेरित राहत बनकर रह सकती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) क्या होता है?
FRP वह न्यूनतम मूल्य है जो चीनी मिलें सरकार के निर्देशानुसार किसानों को गन्ने के लिए अनिवार्य रूप से चुकाती हैं। इसे केंद्र सरकार CACP की सिफारिशों के आधार पर हर चीनी उत्पादन सीजन से पहले तय करती है।
चीनी सीजन 2026-27 के लिए FRP कितना तय किया गया है?
चीनी उत्पादन सीजन 2026-27 के लिए गन्ने का FRP ₹365 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो 10.25% की न्यूनतम पुनर्प्राप्ति दर पर आधारित है। यह पिछले सीजन 2025-26 की तुलना में 2.81% अधिक है।
कम पुनर्प्राप्ति दर वाली मिलों के किसानों को कितना मिलेगा?
जिन चीनी मिलों में पुनर्प्राप्ति दर 9.5% से कम है, वहाँ किसानों को ₹338.3 प्रति क्विंटल का भुगतान किया जाएगा और कोई कटौती नहीं होगी। यह प्रावधान छोटे और कमज़ोर उत्पादन क्षेत्रों के किसानों की सुरक्षा के लिए किया गया है।
यह FRP कब से लागू होगा?
यह FRP 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले चीनी उत्पादन सीजन 2026-27 में चीनी मिलों द्वारा किसानों से गन्ने की खरीद पर लागू होगा।
गन्ना क्षेत्र कितने लोगों की आजीविका से जुड़ा है?
चीनी उत्पादन क्षेत्र लगभग 5 करोड़ गन्ना किसानों और उनके आश्रितों तथा चीनी मिलों में प्रत्यक्ष रूप से कार्यरत लगभग 5 लाख श्रमिकों की आजीविका प्रदान करता है। इसके अलावा कृषि श्रम और परिवहन जैसी सहायक गतिविधियों में भी बड़ी संख्या में लोग निर्भर हैं।
राष्ट्र प्रेस
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