आईटी शेयरों की अगुवाई में सेंसेक्स 193 अंक उछला, निफ्टी 24,124 पर; जैक्सन होल पर टिकी नज़रें
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स शुक्रवार, 28 अगस्त को शुरुआती कारोबार में 193.02 अंक यानी 0.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,126.61 पर कारोबार करता दिखा, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 33.80 अंक यानी 0.14 प्रतिशत चढ़कर 24,124.65 पर पहुँच गया। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र की मज़बूत खरीदारी ने इस बढ़त की नींव रखी, हालाँकि निवेशक अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के जैक्सन होल संगोष्ठी में संभावित वक्तव्य से पहले सतर्क बने रहे।
आईटी सेक्टर की अगुवाई
निफ्टी आईटी इंडेक्स 1 प्रतिशत से अधिक की छलाँग के साथ सेक्टोरल सूचकांकों में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला रहा। टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और इंफोसिस प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। निफ्टी मेटल और निफ्टी मीडिया सूचकांकों में भी सकारात्मक रुख देखा गया। इसके विपरीत, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सूचकांक अपेक्षाकृत दबाव में रहे।
व्यापक बाज़ार का रुख
व्यापक बाज़ार में भी सीमित सकारात्मकता बनी रही। निफ्टी मिडकैप सूचकांक 0.03 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, यह सतर्क खरीदारी वैश्विक संकेतों की प्रतीक्षा में की जा रही है।
विशेषज्ञों की राय: समर्थन और प्रतिरोध स्तर
बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी में अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट 24,000 और 23,800 के स्ट्राइक स्तर पर केंद्रित है, जो इन स्तरों पर खरीदारी के समर्थन का संकेत देता है। विशेषज्ञों ने कहा, "ऊपरी स्तर पर अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट 24,200 और 24,300 स्ट्राइक पर मौजूद है, जिससे संकेत मिलता है कि इस दायरे में बिकवाली का दबाव बना हुआ है और तेजी पर अंकुश लग सकता है।"
एक अन्य विश्लेषक ने कहा, "यदि निफ्टी 24,025 के पिछले स्विंग लो के नीचे निर्णायक रूप से फिसलता है, तो यह मध्यम अवधि के रुझान में बदलाव की पुष्टि करेगा। वहीं, 24,378 का हालिया स्विंग हाई निकटतम प्रतिरोध स्तर के रूप में काम कर सकता है।"
जैक्सन होल और कच्चे तेल का असर
बाज़ार प्रतिभागियों की नज़रें जैक्सन होल संगोष्ठी पर टिकी हैं, जहाँ अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के ब्याज दरों और मौद्रिक नीति पर संभावित संकेतों का वैश्विक बाज़ारों पर व्यापक असर पड़ सकता है। एक विश्लेषक ने बताया, "ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत फिर 89 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुँच गई है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर कोई कूटनीतिक समाधान नज़र नहीं आ रहा। यह अनिश्चितता बाज़ार की धारणा को प्रभावित कर रही है।" यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल बाज़ार पहले से ही भू-राजनीतिक तनावों के कारण संवेदनशील बना हुआ है।
आगे क्या
विशेषज्ञों का मानना है कि जैक्सन होल से आने वाले संकेत और कच्चे तेल की कीमतों की दिशा मिलकर अगले कुछ सत्रों में बाज़ार का रुख तय करेंगे। घरेलू स्तर पर आईटी क्षेत्र की मज़बूती एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन वित्तीय और बैंकिंग शेयरों में कमज़ोरी बनी रही तो व्यापक रैली सीमित रह सकती है।