आईटी शेयरों में 4.23% की रैली से सेंसेक्स 382 अंक चढ़ा, टीसीएस-इन्फोसिस टॉप गेनर
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स मंगलवार, 2 जून 2026 को 382.50 अंक यानी 0.52% की बढ़त के साथ 74,649.84 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 100.95 अंक या 0.43% मज़बूत होकर 23,483.55 पर बंद हुआ। इस तेज़ी की मुख्य वजह आईटी सेक्टर में आई ज़ोरदार खरीदारी रही, जिसे NVIDIA के संस्थापक जेन्सेन हुआंग के एक अहम बयान ने हवा दी।
आईटी सेक्टर ने की अगुवाई
निफ्टी आईटी इंडेक्स आज के सभी सेक्टोरल सूचकांकों में सबसे आगे रहा और 4.23% की छलांग लगाई। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS), इन्फोसिस, HCL टेक्नोलॉजीज़ और टेक महिंद्रा सेंसेक्स के टॉप गेनर्स में शामिल रहे। इनके अलावा अदाणी पोर्ट्स और टाइटन भी उल्लेखनीय बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए।
अन्य सेक्टरों में निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.30%, निफ्टी FMCG 0.76%, निफ्टी कंजप्शन 0.75%, निफ्टी इंडिया डिफेंस 0.74%, निफ्टी ऑटो 0.72% और निफ्टी रियल्टी 0.67% की बढ़त के साथ बंद हुए।
दबाव में रहे ये सेक्टर
हर तरफ तेज़ी नहीं रही। निफ्टी फार्मा 0.86%, निफ्टी PSE 0.68%, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज़ 0.59% और निफ्टी हेल्थकेयर 0.52% की गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। सेंसेक्स पैक में NTPC, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व टॉप लूज़र्स रहे।
जेन्सेन हुआंग के बयान ने बदला माहौल
बाज़ार में इस तेज़ी की प्रमुख वजह NVIDIA के संस्थापक एवं CEO जेन्सेन हुआंग का वह बयान माना जा रहा है जो उन्होंने सोमवार को GTC ताइपे 2026 इवेंट में दिया। हुआंग ने स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विस्तार से सॉफ्टवेयर कंपनियों की ज़रूरत खत्म नहीं होगी, बल्कि इन कंपनियों को अपनी नियुक्तियाँ और बढ़ानी होंगी।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक निवेशकों में यह आशंका गहरी हो रही थी कि AI के चलते आईटी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर छँटनी होगी और सॉफ्टवेयर कंपनियों की माँग घटेगी। हुआंग के बयान ने इस बहस पर विराम लगाते हुए निवेशकों के सेंटीमेंट को तेज़ी से सुधारा।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी
तेज़ी केवल लार्जकैप तक सीमित नहीं रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 114.05 अंक यानी 0.19% की बढ़त के साथ 60,942.00 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 72.50 अंक यानी 0.40% की मज़बूती के साथ 18,052.30 पर रहा। गौरतलब है कि व्यापक बाज़ार में यह भागीदारी संकेत देती है कि तेज़ी किसी एक सेगमेंट तक नहीं, बल्कि बाज़ार में गहरी थी।
आगे क्या
बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, आईटी सेक्टर की यह रैली टिकाऊ रहेगी या नहीं, यह आने वाले हफ्तों में वैश्विक AI निवेश के रुझान और प्रमुख आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगा। निवेशकों की नज़र अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की अगली बैठक और वैश्विक तकनीकी खर्च के संकेतों पर भी बनी रहेगी।