सेंसेक्स 773 अंक टूटा, निफ्टी आईटी में 6% से ज्यादा की गिरावट; एक्सेंचर के गाइडेंस कट का असर
सारांश
मुख्य बातें
बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार, 19 जून को लगातार पाँच सत्रों की बढ़त के बाद तेज गिरावट के साथ खुला और सुबह करीब 9:25 बजे IST तक 773 अंक यानी 1.01 प्रतिशत टूटकर 76,635 पर कारोबार कर रहा था। एनएसई निफ्टी 50 भी 214.85 अंक यानी 0.89 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,953.15 पर था। वैश्विक आईटी दिग्गज एक्सेंचर द्वारा अपने राजस्व गाइडेंस में कटौती किए जाने के बाद भारतीय आईटी शेयरों पर भारी बिकवाली का दबाव बना।
बाजार का शुरुआती हाल
सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 77,409.98 से 557.12 अंक नीचे 76,852.86 पर खुला। निफ्टी 50 भी पिछले बंद 24,168 से 176.8 अंक फिसलकर 23,991.20 पर खुला। व्यापक बाजार में भी दबाव रहा — निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.41 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.22 प्रतिशत गिरा।
निफ्टी आईटी में सबसे बड़ी चोट
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर को छोड़कर सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में रहे। सबसे ज्यादा नुकसान निफ्टी आईटी को हुआ, जो 6 प्रतिशत से अधिक गिर गया। इंफोसिस के शेयर 7.7 प्रतिशत, टीसीएस 5.6 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 5.08 प्रतिशत, एचसीएल टेक 4.9 प्रतिशत और विप्रो 3.5 प्रतिशत टूटे — ये सभी निफ्टी 50 के टॉप लूजर्स रहे।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, एक्सेंचर के एडीआर में बिकवाली के बाद भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दबाव आना स्वाभाविक था। हालाँकि, आकर्षक वैल्यूएशन के चलते निचले स्तरों पर खरीदारी भी संभव है।
किन शेयरों में रही बढ़त
गिरावट के बीच एनटीपीसी, अदाणी इंटरप्राइजेज, अपोलो हॉस्पिटल, ग्रासिम, भारती एयरटेल, ट्रेंट और टाइटन के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। इसके अलावा, निफ्टी रियल्टी में 1.01 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.62 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.50 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 0.42 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 0.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वैश्विक संकेत और कच्चे तेल की स्थिति
वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत मिले। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत गिरा, जबकि जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग सपाट रहे। दूसरी तरफ, वॉल स्ट्रीट बढ़त के साथ बंद हुआ — नैस्डैक में करीब 2 प्रतिशत और एसएंडपी 500 में लगभग 1 प्रतिशत की तेजी रही।
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत से अधिक गिरकर $78.83 प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 1 प्रतिशत टूटकर $75.78 प्रति बैरल पर आ गया।
विशेषज्ञों का नजरिया और आगे की राह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर होते व्यापक आर्थिक संकेतकों और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट से बाजार को मध्यम अवधि में समर्थन मिलने की उम्मीद है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की शॉर्ट कवरिंग के कारण बैंकिंग शेयरों में रिकवरी देखी गई है और आगे भी इस सेक्टर में बढ़त की संभावना बताई जा रही है। हालाँकि, आईटी सेक्टर पर दबाव तब तक बना रह सकता है जब तक वैश्विक तकनीकी माँग के बारे में स्पष्टता नहीं आती।