नवी मुंबई में एसीबी की निर्णायक कार्रवाई, अधिकारी 6.37 लाख की रिश्वत में गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- 6.37 लाख रुपए की रिश्वत लेते अधिकारी गिरफ्तार हुए।
- यह कार्रवाई नवी मुंबई के खारघर में हुई।
- मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त निर्देश दिए हैं।
- रिश्वतखोरी के मामलों में बढ़ती गंभीरता।
- एसीबी की योजना के तहत गोपनीय तरीके से कार्रवाई की गई।
मुंबई, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रविवार को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई हुई है। एंटी-करप्शन ब्यूरो की टीम ने भ्रष्टाचार के एक मामले में अर्थ एवं नियोजन विभाग के कक्ष अधिकारी विलास लाड को 6 लाख 37 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
यह कार्रवाई नवी मुंबई के खारघर इलाके में की गई। एसीबी की इस कार्रवाई के बाद मंत्रालय में हड़कंप मच गया है।
एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा रविवार को दी गई जानकारी के अनुसार, मामला ग्रामविकास विभाग से जुड़े फंड की मंजूरी से संबंधित है। आरोप है कि विलास लाड ने एक शिकायतकर्ता से फंड को मंजूरी दिलाने के बदले मोटी रकम की मांग की थी। जब शिकायतकर्ता ने इस संबंध में एसीबी से संपर्क किया, तो एजेंसी ने प्रारंभिक जांच कर आरोपों को सही पाया। इसके बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार खारघर में कार्रवाई की गई, जहां जैसे ही आरोपी अधिकारी ने 6.37 लाख रुपए की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी ने बताया कि इस कार्रवाई को बेहद सटीक और गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया, जिससे आरोपी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
यह ध्यान देने योग्य है कि मंत्रालय से जुड़े कार्यों में खुलेआम रिश्वत लेने का यह हालिया दूसरा बड़ा मामला है, जिसने सरकारी कार्यों की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। लगातार ऐसे मामले सामने आने से आम जनता का भरोसा भी प्रभावित हो रहा है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही मंत्रालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के निर्देश दे चुके हैं। यह कार्रवाई उसी सख्त नीति और मुहिम का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत भ्रष्ट अधिकारियों पर लगातार शिकंजा कसने का कार्य किया जा रहा है।