केपीएससी भर्ती अनियमितताओं पर कुमारस्वामी का राहुल गांधी को चैलेंज — 'बेंगलुरु आकर युवाओं से मिलें'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सोमवार, 31 अगस्त को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सीधी चुनौती दी — कि वे बेंगलुरु आएं और कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से प्रभावित बेरोजगार युवाओं से आमने-सामने बात करें। कुमारस्वामी ने सवाल उठाया कि जब राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता की बात करते हैं, तो कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हो रही कथित गड़बड़ियों पर वे चुप क्यों हैं।
कुमारस्वामी के मुख्य आरोप
जनता दल (सेकुलर) के नेता और केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि केपीएससी के अंतर्गत सहायक कार्यकारी अभियंता (ग्रेड-वन) और पशु चिकित्सा अधिकारी पदों की भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुईं। उन्होंने दावा किया कि उम्मीदवारों को एक रिसॉर्ट में बैठाकर परीक्षा दिलाई गई, जहाँ उन्हें पहले से प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए गए और ओएमआर शीट में भी हेराफेरी की गई।
कुमारस्वामी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि सामान्यतः परीक्षाएं स्कूलों और कॉलेजों में होती हैं, लेकिन इस मामले में परीक्षा केंद्र एक रिसॉर्ट था — जो अपने आप में संदेह पैदा करता है।
प्रियांक खड़गे पर निशाना
कुमारस्वामी ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जब खड़गे ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री के पद पर थे, तब उनके विभाग द्वारा आयोजित सहायक कार्यकारी अभियंता भर्ती में कथित अनियमितताएं हुईं और वे इससे खुद को अलग नहीं कर सकते।
खड़गे ने कुमारस्वामी से अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेज पेश करने की मांग की थी। इस पर कुमारस्वामी ने कहा कि उन्होंने जांच रिपोर्ट, कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई ओएमआर शीट और एक उप-समिति की रिपोर्ट सहित तमाम दस्तावेजों के आधार पर यह मुद्दा बार-बार उठाया है।
राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल
कुमारस्वामी ने राहुल गांधी की तुलना नीट परीक्षा विवाद से करते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने नीट के मुद्दे पर आवाज़ उठाई, उसी तरह उन्हें केपीएससी की कथित अनियमितताओं पर भी बोलना चाहिए। उन्होंने कहा, 'यदि वे देश में हैं, तो उन्हें तुरंत बेंगलुरु आना चाहिए और बेरोजगार युवाओं की शिकायतें सुननी चाहिए।'
कुमारस्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि केपीएससी विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुका है और कर्नाटक की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। उनके अनुसार, यह राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार की प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है।
केपीएससी विवाद की पृष्ठभूमि
कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) पर कथित भर्ती अनियमितताओं के आरोप पिछले कुछ महीनों से राज्य की राजनीति में केंद्रीय मुद्दा बने हुए हैं। आलोचकों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है और इससे हजारों योग्य उम्मीदवार प्रभावित हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पहले से कई मोर्चों पर दबाव में है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब केपीएससी भर्ती विवाद ने केंद्र और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक टकराव को जन्म दिया हो। आगे देखना होगा कि राहुल गांधी इस चुनौती पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या यह मुद्दा संसद तक पहुंचता है।