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वाइब्रेंट गुजरात 2027: मांडविया का आह्वान — हरित हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और डाटा सेंटर में करें निवेश

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वाइब्रेंट गुजरात 2027: मांडविया का आह्वान — हरित हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और डाटा सेंटर में करें निवेश

सारांश

भारत मंडपम में वाइब्रेंट गुजरात 2027 के कर्टेन रेजर पर मनसुख मांडविया का संदेश साफ था — पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़ो। हरित हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और डाटा सेंटर को गुजरात के अगले निवेश स्तंभ बताते हुए उन्होंने 10-12 जनवरी 2027 की समिट को वैश्विक निवेशकों के लिए एक निर्णायक मंच करार दिया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने 31 अगस्त 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में VGGS 2027 के कर्टेन रेजर को संबोधित किया।
निवेशकों से हरित हाइड्रोजन , हाइड्रोजन स्टोरेज , डाटा सेंटर और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में गुजरात को निवेश आधार बनाने का आग्रह।
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 का आयोजन 10 से 12 जनवरी 2027 तक निर्धारित।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल , उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी और केंद्रीय राज्य मंत्री नीमूबेन बंभानिया उपस्थित रहे।
मांडविया ने वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की आर्थिक वृद्धि को गुजरात में निवेश के पक्ष में मजबूत तर्क बताया।

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने 31 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट (VGGS) 2027 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम में निवेशकों से गुजरात में हरित हाइड्रोजन, हाइड्रोजन स्टोरेज, डाटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएँ तलाशने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुजरात की सुदृढ़ कारोबारी संस्कृति और बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप ढलने की क्षमता उसे निवेश के लिए एक विशिष्ट गंतव्य बनाती है।

मुख्य घटनाक्रम

मांडविया ने इस अवसर पर गुजरात की ऐतिहासिक व्यापारिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि लोथल सभ्यता के काल से ही राज्य का वैश्विक वाणिज्य से गहरा नाता रहा है। उन्होंने कहा, 'गुजरात का औद्योगिक इकोसिस्टम अब भारतीय उद्यमियों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों दोनों के लिए व्यापक अवसर प्रदान करता है।' उनके अनुसार, उद्यमिता और व्यापार यहाँ की संस्कृति में गहराई से रचे-बसे हैं, जिसने राज्य को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश केंद्रों में स्थान दिलाया है।

नए निवेश क्षेत्रों पर जोर

मंत्री ने विशेष रूप से निवेशकों से पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर नई तकनीकों, ऊर्जा प्रणालियों और डिजिटल बुनियादी ढाँचे से उभरते अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने हरित हाइड्रोजन, हाइड्रोजन स्टोरेज, डाटा सेंटर और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों को गुजरात में निवेश के प्रमुख स्तंभ बताया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और भारत की स्थिति

मांडविया ने कोविड-19 महामारी के बाद उत्पन्न वैश्विक चुनौतियों — रूस-यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया में अस्थिरता — का उल्लेख करते हुए कहा कि इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था लगातार आगे बढ़ रही है। उनके अनुसार, यही वह संदर्भ है जिसमें आगामी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट निवेशकों के लिए भविष्य के अवसरों की पहचान करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगी।

समिट में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

इस कर्टेन रेजर कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी, केंद्रीय राज्य मंत्री नीमूबेन बंभानिया, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। गौरतलब है कि वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 का आयोजन 10 से 12 जनवरी 2027 तक किया जाएगा।

आगे की राह

मांडविया ने उद्योग जगत के नेताओं से VGGS-2027 में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया और कहा कि वाइब्रेंट गुजरात समिट के पिछले संस्करणों ने न केवल निवेश के नए अवसर पैदा किए, बल्कि निवेशकों का विश्वास भी मजबूत किया है। आने वाले महीनों में गुजरात सरकार इन क्षेत्रों में नीतिगत रूपरेखा और प्रोत्साहन पैकेज की विस्तृत जानकारी सामने रखने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि हरित हाइड्रोजन और सेमीकंडक्टर जैसे पूँजी-गहन क्षेत्रों में घोषित इरादे ज़मीन पर कितनी तेज़ी से उतरते हैं। भारत की सेमीकंडक्टर नीति अभी भी क्रियान्वयन की शुरुआती अवस्था में है, और हरित हाइड्रोजन की लागत-प्रतिस्पर्धात्मकता अभी वैश्विक स्तर पर एक खुला प्रश्न है। ऐसे में मांडविया का यह संबोधन निवेशकों के लिए दिशा-संकेत तो देता है, पर नीतिगत ठोस रूपरेखा के बिना यह महत्वाकांक्षा और व्यावहारिकता के बीच की खाई को पाटने में कितना सफल होगा, यह जनवरी 2027 की समिट में स्पष्ट होगा।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 कब और कहाँ होगी?
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 का आयोजन 10 से 12 जनवरी 2027 तक गुजरात में किया जाएगा। इसका कर्टेन रेजर कार्यक्रम 31 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हुआ।
मनसुख मांडविया ने गुजरात में किन क्षेत्रों में निवेश का आह्वान किया?
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने निवेशकों से हरित हाइड्रोजन, हाइड्रोजन स्टोरेज, डाटा सेंटर और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में गुजरात को निवेश का आधार बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने इन्हें भविष्य के औद्योगिक विकास की दिशा तय करने वाले क्षेत्र बताया।
गुजरात को निवेश के लिए आकर्षक क्यों बताया जा रहा है?
मांडविया के अनुसार, गुजरात की मजबूत कारोबारी संस्कृति, लोथल सभ्यता से चली आ रही व्यापारिक विरासत और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप ढलने की क्षमता इसे निवेश का एक विशिष्ट गंतव्य बनाती है। राज्य का औद्योगिक इकोसिस्टम भारतीय उद्यमियों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों दोनों के लिए अवसर प्रदान करता है।
VGGS 2027 के कर्टेन रेजर में कौन-कौन से प्रमुख नेता उपस्थित थे?
31 अगस्त 2026 को भारत मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी, केंद्रीय राज्य मंत्री नीमूबेन बंभानिया, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की आर्थिक स्थिति पर मांडविया ने क्या कहा?
मांडविया ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद रूस-यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया में अस्थिरता जैसी अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने इसे गुजरात में निवेश के पक्ष में एक सकारात्मक संकेत बताया।
राष्ट्र प्रेस
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