वाइब्रेंट गुजरात समिट 2027: सीएम भूपेंद्र पटेल बोले — नीतिगत स्थिरता और पारदर्शिता से बना गुजरात निवेश का केंद्र
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 31 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट (VGGS) 2027 के कर्टेन-रेज़र कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नीतिगत स्थिरता, पारदर्शी निर्णय-प्रक्रिया और तीव्र क्रियान्वयन ने गुजरात को वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है। उन्होंने दुनियाभर के निवेशकों को 2047 तक 'विकसित भारत' के स्वप्न को साकार करने के लिए 'विकसित गुजरात' की यात्रा में भागीदार बनने का आमंत्रण दिया।
समिट की पृष्ठभूमि और महत्व
मुख्यमंत्री पटेल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2003 में शुरू हुआ यह समिट अब वैश्विक निवेशकों के विश्वास का प्रतीक बन चुका है। 25 वर्षों की निरंतर यात्रा में यह आयोजन ज्ञान साझा करने और अनुभव के आदान-प्रदान का एक विश्वसनीय मंच बनकर उभरा है। मुख्य समिट 10 से 12 जनवरी 2027 के बीच गुजरात में आयोजित होगी।
गौरतलब है कि यह समिट गुजरात के उस विकास-मॉडल की परिणति है जिसे 'जो कहा, सो किया' के सिद्धांत पर खड़ा किया गया है — एक ऐसा दृष्टिकोण जो वादों को मापनीय परिणामों से जोड़ता है।
गुजरात का निवेश-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र
सीएम पटेल ने स्पष्ट किया कि राज्य का निवेश-माहौल केवल भूमि और बुनियादी ढाँचे तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, 'पॉलिसी में स्थिरता, पारदर्शिता और तेज़ी से निवेश आकर्षित होता है।' उनके अनुसार कुशल मानव संसाधन, संस्थागत भरोसा और सुरक्षित कारोबारी परिवेश इस इकोसिस्टम की असली नींव हैं।
उन्होंने 'विकास के साथ डिलीवरी' को गुजरात मॉडल की धुरी बताया और कहा कि सड़कें, बिजली, पानी और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर इस मॉडल के बाहरी आयाम मात्र हैं — असली ताकत नीतिगत निरंतरता में है।
VGGS-2027 के फोकस क्षेत्र
'विकसित गुजरात – वैश्विक भविष्य को आकार देना' थीम के तहत आयोजित होने वाला यह समिट भविष्योन्मुखी क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा। इनमें सेमीकंडक्टर, फिनटेक, ग्रीन हाइड्रोजन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सॉफ्ट पावर और ग्रीन ग्रोथ प्रमुख हैं। पटेल ने कहा कि पारंपरिक उद्योगों में सफलता के बाद गुजरात अब इन उभरते क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
उन्होंने VGGS-2027 को प्रधानमंत्री द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर घोषित विकास की सात धाराओं — 'सप्तधारा' — से भी जोड़ा। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, हीरा उद्योग, कृषि, प्रौद्योगिकी, गति शक्ति, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एवं ब्लू इकोनॉमी और सांस्कृतिक सॉफ्ट पावर शामिल हैं।
निवेशकों से आह्वान
मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों और व्यापार जगत के नेताओं से अपील की कि वे अपने निवेश को विकास का वाहक बनाएं, उद्योग के ज़रिये रोज़गार सृजित करें और भारत की नवाचार क्षमताओं को सुदृढ़ करें। उन्होंने कहा, 'वाइब्रेंट गुजरात पहल 25 वर्षों के निरंतर विकास को दर्शाती है और इसने गुजरात को न केवल निवेश के केंद्र, बल्कि देश के विकास के इंजन के रूप में स्थापित किया है।'
यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और गुजरात इस प्रतिस्पर्धा में सबसे आगे खड़ा दिखता है। जनवरी 2027 का समिट इस महत्वाकांक्षा की अगली बड़ी परीक्षा होगी।