वाइब्रेंट गुजरात का अमेरिकी प्रमोशन: सीएम भूपेंद्र पटेल ने न्यू जर्सी में निवेश और संस्कृति दोनों का पेश किया विजन
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 23 अगस्त को न्यू जर्सी, अमेरिका में 'वाइब्रेंट गुजरात' समिट के प्रचार के लिए दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया — एक जो राज्य की औद्योगिक महत्वाकांक्षाओं को रेखांकित करता था और दूसरा जो भारतीय सांस्कृतिक विरासत की जीवंतता को दर्शाता था। उन्होंने भारतीय-अमेरिकी गुजराती समुदाय के सामने गुजरात के 2047 तक के विकास रोडमैप का खाका रखा और निवेशकों को राज्य की ओर आकर्षित करने का आह्वान किया।
वाइब्रेंट गुजरात की पृष्ठभूमि और विजन
कार्टरेट परफॉर्मिंग आर्ट्स एंड इवेंट्स सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पटेल ने दो दशक पुरानी उस दूरदर्शिता का उल्लेख किया जब 2003 में 'वाइब्रेंट गुजरात' की परिकल्पना की गई थी। उन्होंने गुजराती में कहा, 'उस समय किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि 'वाइब्रेंट गुजरात' निवेश का एक मंच बन सकता है। गुजरात ने तब इसके बारे में सोचा था, और आज हमें इसका लाभ मिल रहा है।' यह टिप्पणी इस बात का संकेत थी कि राज्य ने आर्थिक अवसरों को समय से पहले भाँप कर उन पर काम किया।
गिफ्ट सिटी से 2047 तक का रोडमैप
सीएम पटेल ने गिफ्ट सिटी को एक ऐसे विचार के रूप में प्रस्तुत किया जिसे उसकी पूरी क्षमता समझे जाने से पहले ही आगे बढ़ाया गया। उन्होंने कहा, 'उसी तरह, गुजरात गिफ्ट सिटी को एक ग्लोबल फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी सिटी के रूप में सोच सका।' उन्होंने बताया कि राज्य ने 2047 तक के विकास का रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत गुजरात को छह जोन में बाँटा गया है और हर जोन के लिए फोकस सेक्टर एवं भविष्य के योगदान के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने नीति, पारदर्शिता और बुनियादी ढाँचे को निवेश आकर्षण की बुनियाद बताते हुए कहा, 'अगर विकास करना है तो इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है।' उन्होंने राज्य की विकास की मजबूत नींव रखने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया।
प्रवासी गुजरातियों से अपील
मुख्यमंत्री पटेल ने अमेरिका में बसे गुजराती समुदाय से आग्रह किया कि वे गुजरात में निवेश, ज्ञान और अनुभव लेकर आएँ। उन्होंने कहा, 'हम जहाँ भी रहते हैं, हमें उस देश में मजबूती से योगदान देना चाहिए।' साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रवासी गुजरातियों की सफलता से अमेरिका मजबूत होना चाहिए, लेकिन भारत से उनका जुड़ाव भी बना रहना चाहिए — यह प्रधानमंत्री मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप है।
बीएपीएस अक्षरधाम: संस्कृति की वाइब्रेंसी
दिन का दूसरा पड़ाव रॉबिंसविले स्थित बीएपीएस स्वामीनारायण अक्षरधाम रहा, जो जटिल नक्काशीदार पत्थरों और आध्यात्मिक शांति का प्रतीक है। बीएपीएस के वरिष्ठ नेता ब्रह्मविहारी स्वामी ने बताया कि सीएम पटेल मंदिर के विशाल आकार, नक्काशी की बारीकियों और परिसर की शांति से गहरे प्रभावित हुए। ब्रह्मविहारी स्वामी के अनुसार, सीएम पटेल ने कहा कि 'दुनिया में कहीं से भी आने वाले किसी भी व्यक्ति को यहाँ शांति मिलेगी।'
मुख्यमंत्री ने 1,00,000 वर्ग फुट में निर्माणाधीन स्वामीनारायण अक्षरधाम म्यूजियम का भी अवलोकन किया। इस शैक्षिक परिसर में 85 इमर्सिव डायोरामा, 40 मल्टीमीडिया प्रेजेंटेशन और 200 मूर्तियाँ होंगी, जो हिंदू सभ्यता, आध्यात्म, विज्ञान, वास्तुकला और मूल्यों को दर्शाएंगी। प्रदर्शनी में धोलावीरा, रानी की वाव, गुजरात की हवेली और कोणार्क चक्र जैसी झलकियाँ शामिल हैं।
स्वयंसेवकों की मेहनत और आगे की राह
ब्रह्मविहारी स्वामी ने बताया कि सीएम पटेल के मुँह से पहला शब्द निकला — 'आपने भारत की संस्कृति को फिर से जीवंत कर दिया।' अक्षरधाम परिसर का औपचारिक उद्घाटन अक्टूबर 2023 में 12,500 से अधिक स्वयंसेवकों के योगदान के बाद किया गया था। छात्र, इंजीनियर, ठेकेदार और व्यापारी — सभी ने अपनी पेशेवर और पारिवारिक जिम्मेदारियाँ परे रखकर इस परियोजना को पूरा करने में भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री पटेल के इस दौरे ने स्पष्ट किया कि 'वाइब्रेंट गुजरात' का अर्थ अब केवल आर्थिक निवेश तक सीमित नहीं, बल्कि यह सांस्कृतिक जीवंतता का भी प्रतीक बन चुका है।