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कर्नाटका कांग्रेस में हलचल: शिवकुमार ने विधायकों को दिल्ली जाने से रोका

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कर्नाटका कांग्रेस में हलचल: शिवकुमार ने विधायकों को दिल्ली जाने से रोका

सारांश

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पार्टी विधायकों से अपील की है कि वे उनके नाम पर दिल्ली न जाएं। उनकी यह टिप्पणी तब आई है जब राज्य में नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हैं। क्या यह शक्ति प्रदर्शन का संकेत है? जानिए इस विवाद की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

डीके शिवकुमार ने विधायकों से दिल्ली न जाने का अनुरोध किया।
राज्य में नेतृत्व को लेकर अटकलें चल रही हैं।
कर्नाटक सरकार ने 56,000 पदों की भर्ती की योजना बनाई है।
बेंगलुरु में पेयजल संकट के समाधान के लिए परियोजना को मंजूरी मिली।
विधायकों की बैठकें असामान्य नहीं हैं, यह लोकतंत्र का हिस्सा हैं।

बेंगलुरु, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को पार्टी के विधायकों से निवेदन किया कि वे उनके नाम पर दिल्ली न जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य इकाई में नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों के बीच किसी प्रकार के शक्ति प्रदर्शन का कोई सवाल नहीं उठता।

यह टिप्पणी तब आई है जब उनके कुछ समर्थक पार्टी आलाकमान से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं और कथित तौर पर उन्हें राज्य के शीर्ष पद का अवसर देने की पैरवी कर रहे हैं।

निजी होटल और पैलेस ग्राउंड स्थित गायत्री विहार परिसर में मीडिया से बातचीत में शिवकुमार ने कहा, “मैं निवेदन करता हूं कि मेरे लिए कोई भी दिल्ली न जाए। यदि किसी को अपनी कोई समस्या है, मंत्री बनने की इच्छा है या कोई पद-ज़िम्मेदारी चाहते हैं, तो वे जाकर अपनी बात रख सकते हैं, लेकिन मेरे लिए कोई न जाए।”

जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस विधायक एच.सी. बालकृष्ण के जन्मदिन समारोह के बहाने 40 से अधिक विधायकों के जमावड़े की खबरें शक्ति प्रदर्शन का संकेत हैं या नहीं, तो उन्होंने कहा, “कोई शक्ति प्रदर्शन नहीं है। कुछ लोग आराम या अध्ययन के लिए विदेश जाते हैं, कुछ दिल्ली जाते हैं और कुछ रात के खाने की बैठकों में शामिल होते हैं। यह उनका व्यक्तिगत मामला है, इसका पार्टी से कोई संबंध नहीं है।”

कुछ विधायकों द्वारा उनके मुख्यमंत्री बनने की वकालत किए जाने संबंधी सवाल पर शिवकुमार ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी टिप्पणी की जानकारी नहीं है। किसी ने मुझसे इस बारे में बात नहीं की। कुछ लोगों की आकांक्षाएं होती हैं। नए लोग स्वाभाविक रूप से मंत्री बनने की इच्छा रखते हैं।

उन्होंने कहा कि उनके जैसे नेता, गृह मंत्री जी. परमेश्वर, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री एच.के. पाटिल, समाज कल्याण मंत्री एच.सी. महादेवप्पा और मुख्यमंत्री सिद्दारमैया अब वरिष्ठ हो चुके हैं। हम कम उम्र में मंत्री बने थे, अब नए लोग मंत्री बनने की इच्छा जता रहे हैं। देखेंगे। मैं इस विषय को दिल्ली में पार्टी नेतृत्व के संज्ञान में लाऊंगा।

कैबिनेट द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती के फैसले के संबंध में शिवकुमार ने कहा कि सरकार ने नए आरक्षण प्रावधान लागू किए हैं, लेकिन 2022 के न्यायालय आदेश के अनुपालन में पहले चरण में पुराने आरक्षण सिस्टम के तहत 56,000 पद भरे जाएंगे।

उन्होंने कहा, “हमने युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था और उसे पूरा करेंगे। एक लाख से अधिक पद भरे जाने हैं। यदि सभी भर्तियां एक साथ की गईं तो कुछ लोग अवसर से वंचित रह सकते हैं, इसलिए प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से होगी। कुल 2.84 लाख रिक्त पद चरणों में भरे जाएंगे।”

गर्मी के दौरान पेयजल संकट की आशंका पर उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने कावेरी चरण-6 पेयजल परियोजना को मंजूरी दी है। बेंगलुरु के भविष्य के विकास को ध्यान में रखते हुए 7,000 करोड़ रुपये की लागत से यह परियोजना लागू की जा रही है। जापान की जाईका एजेंसी से सहायता मांगी जा रही है। मंत्री बनने के बाद मैंने बेंगलुरु को 6 टीएमसी कावेरी जल उपलब्ध कराने की स्वीकृति दिलाई।

इस बीच कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने सत्तारूढ़ दल के कुछ विधायकों द्वारा आयोजित रात के खाने की बैठक पर कहा कि ऐसी बैठकें असामान्य नहीं हैं। पहले भी डिनर मीटिंग होती रही हैं। यदि 20 लोग एक साथ आकर स्पष्टता की मांग करते हैं, तो वह उनकी राय है। लोकतंत्र में राय महत्वपूर्ण होती है। विधायक बालकृष्ण ने भी कहा है कि वे आलाकमान के निर्णय का पालन करेंगे। बता दें कि अजय सिंह पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय एन. धरम सिंह के पुत्र हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीके शिवकुमार ने विधायकों से क्या कहा?
डीके शिवकुमार ने विधायकों से अपील की है कि वे उनके नाम पर दिल्ली न जाएं।
क्या विधायकों का दिल्ली जाना शक्ति प्रदर्शन है?
शिवकुमार ने कहा कि यह कोई शक्ति प्रदर्शन नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत मामले हैं।
कर्नाटक सरकार ने भर्ती के लिए क्या किया है?
कर्नाटक सरकार ने नए आरक्षण प्रावधान लागू किए हैं और 56,000 पदों को भरे जाने की योजना बनाई है।
क्या बेंगलुरु में पेयजल संकट का समाधान किया गया है?
हाँ, कैबिनेट ने कावेरी चरण-6 पेयजल परियोजना को मंजूरी दी है।
अजय सिंह का इस मुद्दे पर क्या कहना है?
अजय सिंह ने कहा कि विधायकों की बैठक असामान्य नहीं है और यह उनकी राय है।
राष्ट्र प्रेस
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