UP 2027: माधवी लता का दावा — सपा के अत्याचार याद हैं, योगी फिर बनेंगे CM
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता माधवी लता ने 25 सितंबर 2026 को हैदराबाद में कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी (सपा) के शासनकाल में हुए अत्याचारों को नहीं भूली है और 2027 के विधानसभा चुनावों में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे और उनके जैसे 'सनातनी' मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दोबारा सत्ता में लाने के लिए उत्तर प्रदेश में सक्रिय प्रचार करेंगी।
सपा शासन पर माधवी लता के आरोप
माधवी लता ने सपा के पूर्व नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, 'बात सिर्फ कार सेवकों पर हुए अत्याचारों की नहीं है। क्या हम सब भूल गए हैं कि मुलायम सिंह यादव ने डकैतों का कैसे साथ दिया था? कई जगहों पर आदिवासियों पर अत्याचार किए गए और जबरदस्ती वोट मांगे गए।' उन्होंने आगे कहा कि सपा ने पिछड़े वर्गों और महिलाओं पर भी जुल्म ढाए।
माधवी लता ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में अपराधियों को इतनी खुली छूट दी गई थी कि 'आप सोच भी नहीं सकते कि उन्होंने कितनी महिलाओं के साथ अन्याय और अत्याचार किए।' यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की सरगर्मी धीरे-धीरे तेज होने लगी है।
योगी की वापसी का दावा
माधवी लता ने दावा किया, '2027 में एक बार फिर भाजपा जीतेगी और योगी आदित्यनाथ फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे। अखिलेश यादव सिर्फ देखते रह जाएंगे।' उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से उत्तर प्रदेश में प्रचार करेंगी और सनातन समाज को भाजपा के पक्ष में एकजुट करेंगी।
गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 403 में से 255 सीटें जीती थीं और योगी आदित्यनाथ दूसरी बार मुख्यमंत्री बने थे। 2027 की जंग में दोनों प्रमुख दलों के बीच जमीनी तैयारियाँ अभी से शुरू हो चुकी हैं।
ओवैसी-रेवंत रेड्डी पर तंज
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की कथित करीबी पर माधवी लता ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा, 'एआईएमआईएम के नेता एक पार्टी के लिए भतीजे, दूसरी के लिए दामाद और तीसरी के लिए भाई बन जाते हैं। ऐसे रिश्ते सिर्फ बिरयानी के लिए बनते हैं।'
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे राजनीतिक गठजोड़ चुनावी नतीजों को प्रभावित नहीं कर पाएंगे। यह टिप्पणी तेलंगाना की राजनीतिक स्थिति के संदर्भ में की गई है जहाँ कांग्रेस और एआईएमआईएम के बीच संबंधों को लेकर भाजपा लगातार सवाल उठाती रही है।
राहुल गांधी पर भाजपा नेता का हमला
भाजपा नेता बूरा नरसैया गौड़ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। गौड़ ने कहा, 'यह छात्रों की गूंज नहीं बल्कि गधे की गूंज बन गई है। राहुल गांधी ने मंच पर जोकर जैसे कैरिकेचर को लाकर खुद को गधा बना लिया है।' उन्होंने तर्क दिया कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता के पद की गरिमा भूल गए हैं, जबकि उनके साथ 100 सांसद हैं।
गौड़ ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस के पास विपक्ष के नेता के पद के लायक कोई परिपक्व नेता नहीं है।
चुनाव आयोग पर विपक्ष की आलोचना को भाजपा का जवाब
भाजपा प्रवक्ता प्रकाश रेड्डी ने चुनाव आयोग की आलोचना करने वाले विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'जिन लोगों को संविधान की मूल भावना समझ नहीं आई, उन्होंने मीडिया में ऐसे बयान दिए।' प्रकाश रेड्डी ने स्पष्ट किया कि संवैधानिक संशोधन के बाद अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग तीन सदस्यों वाला आयोग है और इसके फैसले बहुमत की राय पर आधारित होंगे।
आगामी चुनावी मौसम को देखते हुए इन बयानों का महत्व बढ़ जाता है — भाजपा और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी जमीन मज़बूत करने में लगे हैं। उत्तर प्रदेश 2027 के चुनावों के नतीजे 2029 के लोकसभा समीकरणों को भी प्रभावित कर सकते हैं।