अखिलेश यादव के 'जुमलेनाथ' वाले बयान पर BJP विधायकों का पलटवार, सपा पर हिंदू विरोधी मानसिकता का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा भाजपा के घोषणापत्र को 'जुमला' बताने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई तीखी टिप्पणी के बाद गोंडा के भाजपा विधायकों ने 16 अक्टूबर 2026 को कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। विधायकों ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर हिंदू भावनाओं को ठेस पहुँचाने और हिंदू विरोधी मानसिकता रखने का सीधा आरोप लगाया।
विधायक पलटू राम का पलटवार
भाजपा विधायक पलटू राम ने कहा, 'समाजवादी पार्टी की हिंदू देवी-देवताओं और हिंदू धर्म के मठों तथा मंदिरों के प्रति भावना हमेशा बहुत खराब रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय के गोरक्षपीठाधीश्वर हैं और उन्हें 'जुमलेनाथ' कहकर अखिलेश यादव न केवल योगी का विरोध कर रहे हैं, बल्कि नाथ संप्रदाय के करोड़ों अनुयायियों का भी अपमान कर रहे हैं।
भाजपा के घोषणापत्र को लेकर उठाए गए सवालों पर पलटू राम ने दावा किया कि एनडीए और भाजपा का घोषणापत्र जमीन पर पूरा होता दिख रहा है। उन्होंने कहा कि 'भाजपा जो कहती है, वह करती है।'
माफिया राज पर तीखा हमला
अखिलेश यादव के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि बम और विस्फोटकों की बात करना मुख्यमंत्री योगी की पुरानी आदत है, पलटू राम ने पलटवार करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की 'चाल और चरित्र' जनता भली-भाँति जानती है।
उन्होंने आरोप लगाया, 'जब योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की बागडोर संभाली थी, उस समय समाजवादी पार्टी के माफिया ही उत्तर प्रदेश की सरकार चलाते थे। आज उत्तर प्रदेश की सरकार ने उन माफियाओं को मिट्टी में मिलाने का काम किया है। इसलिए अखिलेश यादव को इस तरह की भाषा शोभा नहीं देती।'
विनय द्विवेदी का हिंदू भावनाओं पर हमला
भाजपा विधायक विनय द्विवेदी ने सपा नेताओं पर हिंदू भावनाओं को आहत करने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा के वरिष्ठ नेता रामजी लाल सुमन ने नवरात्र के दौरान नॉन-वेज पार्टी आयोजित की, जो उनकी मानसिकता को उजागर करता है।
द्विवेदी ने यह भी कहा कि सपा नेता हिंदू होने का दिखावा करते हैं, लेकिन उनकी सोच इससे मेल नहीं खाती। उन्होंने सपा के पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) नारे पर भी सवाल उठाया।
कांग्रेस पर भी निशाना
विनय द्विवेदी ने कांग्रेस को भी नहीं बख्शा और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अयोध्या जैसे पवित्र स्थान पर एक सम्मेलन में मछली परोसी, जो हिंदू भावनाओं का अनादर है। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि विपक्षी दलों की धार्मिक संवेदनाओं को लेकर क्या सोच है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी माहौल तैयार हो रहा है और भाजपा तथा सपा के बीच बयानबाजी का सिलसिला तेज हो गया है। गौरतलब है कि अखिलेश यादव लगातार योगी सरकार की नीतियों और घोषणाओं को निशाने पर लेते रहे हैं, जिसके जवाब में भाजपा नेता हिंदू पहचान और सुशासन के मुद्दे पर पलटवार करते आए हैं। आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच यह नोंकझोंक और तेज होने की संभावना है।