एमपीएससी पेपर लीक: मुंबई क्राइम ब्रांच ने 4 और गिरफ्तार, कुल आरोपी हुए 11
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई क्राइम ब्रांच ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की औषध निरीक्षक परीक्षा के पेपर लीक मामले में 25 सितंबर 2026 को चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिससे इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 11 हो गई है। गिरफ्तार लोगों में दो परीक्षा उम्मीदवार और दो बिचौलिए शामिल हैं। जांच में कथित तौर पर ₹12 लाख की डील और एमपीएससी के अंदरूनी अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई है।
नई गिरफ्तारियाँ — कौन, कहाँ से
ताज़ा गिरफ्तारियों में उम्मीदवार साजिद संदे को सांगली से और उम्मीदवार विजय किंगर को बुलढाणा से हिरासत में लिया गया। बिचौलियों के तौर पर काम करने के आरोपी संदीप खलाटे और भैरवनाथ कदम को नवी मुंबई से गिरफ्तार किया गया। चारों पर एमपीएससी की परीक्षा की गोपनीयता भंग करने और अनधिकृत तरीके से प्रश्नपत्र हासिल करने का आरोप है।
मुख्य घटनाक्रम — कैसे हुआ लीक
जांच में सामने आया कि उम्मीदवार ऋतुजा पाटील ने अपने पिता अमृत पाटील से परीक्षा का पेपर हासिल करवाने की बात कही थी। अमृत पाटील कथित बिचौलिए प्रवीण पाटील के संपर्क में आया, जो नंदुरबार में कोचिंग क्लास संचालित करता था और जिसकी पहचान कौटिल्य अकादमी के संचालक के रूप में हुई है।
पुलिस जांच के अनुसार प्रवीण पाटील और एमपीएससी के गिरफ्तार अधिकारियों के बीच करीब ₹5 लाख का लेन-देन हुआ, जबकि पूरी डील कथित तौर पर ₹12 लाख में तय की गई थी। प्रश्नपत्र को लोकसेवक के दायित्व का दुरुपयोग कर आर्थिक लाभ के लिए बाहर निकाला गया।
पहले गिरफ्तार हो चुके हैं ये अधिकारी व उम्मीदवार
इससे पूर्व गिरफ्तार किए गए लोगों में एमपीएससी के अवर सचिव अभिजीत लेंडवे, गोपनीय कक्ष में कार्यरत सहायक कक्ष अधिकारी विश्वेश्वर नकाते, सहायक कक्ष अधिकारी गोपाल मराठे, कौटिल्य अकादमी के संचालक प्रवीण पाटील, बिचौलिए अमृत पाटील, लोकेश उर्फ गौरव पाटील और उम्मीदवार ऋतुजा पाटील शामिल हैं। गौरतलब है कि जांच में ऋतुजा पाटील और गौरव पाटील के बीच प्रेम संबंध होने का भी खुलासा हुआ।
आम उम्मीदवारों पर असर
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। औषध निरीक्षक पद के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाले हजारों ईमानदार उम्मीदवारों की मेहनत इस तरह के लीक से प्रभावित होती है। परीक्षा प्रणाली की साख बनाए रखना एमपीएससी और राज्य सरकार दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
आगे की जांच
मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है। जांचकर्ताओं के अनुसार प्रश्नपत्र लीक नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।