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एमपीएससी पेपर लीक: एसआईटी ने दो और आरोपी दबोचे, गिरफ्तारियों का आंकड़ा 13 पहुंचा

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एमपीएससी पेपर लीक: एसआईटी ने दो और आरोपी दबोचे, गिरफ्तारियों का आंकड़ा 13 पहुंचा

सारांश

महाराष्ट्र की सरकारी भर्ती परीक्षा में भ्रष्टाचार की परतें एक-एक कर खुल रही हैं। एसआईटी ने अब तक 13 आरोपियों को दबोचा है — अधिकारी, बिचौलिये और उम्मीदवार सभी इस जाल में फंसे हैं। 154 सरकारी पदों की परीक्षा से जुड़ा यह नेटवर्क दर्शाता है कि भर्ती तंत्र की जड़ों तक सेंध लग चुकी है।

मुख्य बातें

एसआईटी ने 23 अक्टूबर 2026 को दो नए आरोपी गिरफ्तार किए; कुल गिरफ्तारियाँ 13 हुईं।
नवीनतम गिरफ्तार आरोपी एमपीएससी के सहायक कक्ष अधिकारी रोहित कोलटकर हैं, जिन्हें नवी मुंबई से पकड़ा गया।
बिचौलिये मयूर ठाकरे को इससे पहले 12 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया था।
परीक्षा 22 मार्च 2026 को 154 पदों के लिए आयोजित हुई थी; मामला 25 अगस्त 2026 को दर्ज किया गया।
आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता , महाराष्ट्र स्पर्धा परीक्षा अधिनियम-2024 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत मामला दर्ज है।
एसआईटी के अनुसार जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की औषध निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 23 अक्टूबर 2026 को दो नए आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले में निर्णायक कार्रवाई की। इस गिरफ्तारी के साथ अब तक पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या 13 हो गई है। जांच अधिकारियों के अनुसार, पेपर लीक नेटवर्क में सरकारी अधिकारियों, बिचौलियों और उम्मीदवारों की मिलीभगत सामने आई है।

मामले की पृष्ठभूमि

एमपीएससी ने 22 मार्च 2026 को विज्ञापन क्रमांक 116/2025 के तहत अन्न एवं औषध प्रशासन संवर्ग में 154 पदों के लिए राज्य के छह परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की थी। बाद में पेपर लीक की शिकायत सामने आने पर एमपीएससी के विधिक प्रतिनिधि मंगेश देसाई की शिकायत के आधार पर 25 अगस्त 2026 को कफ परेड पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 0195/2026 दर्ज किया गया।

आरोप है कि कुछ आरोपियों ने आर्थिक लाभ के लिए गोपनीय कक्ष से प्रश्नपत्रों की प्रतियाँ बाहर निकालकर उन्हें अवैध रूप से बेचा, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता और एमपीएससी की गोपनीयता दोनों गंभीर रूप से भंग हुईं।

नई गिरफ्तारियाँ और आरोपियों की भूमिका

एसआईटी जांच में सामने आया कि एमपीएससी के सहायक कक्ष अधिकारी रोहित कोलटकर ने आरोपी अभिजीत लांडवे से प्रश्नपत्र हासिल किया था। एसआईटी ने कोलटकर को 23 अक्टूबर 2026 को नवी मुंबई से गिरफ्तार किया। इससे पहले बिचौलिये मयूर ठाकरे को 12 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया जा चुका था, जिन पर उम्मीदवारों तक पेपर पहुंचाने का आरोप है।

गौरतलब है कि एसआईटी ने इससे पहले 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें अवर सचिव अभिजीत लांडवे, सहायक कक्ष अधिकारी विश्वेश्वर नकाते और गोपाल मराठे, कौटिल्य अकादमी के संचालक प्रवीण पाटिल, बिचौलिये अमृत पाटिल, लोकेश उर्फ गौरव पाटिल, संदीप खलाटे और भैरवनाथ कदम, तथा उम्मीदवार ऋतुजा पाटिल, साजिद संदे और विजय किंगर शामिल हैं।

कानूनी कार्रवाई

सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के अलावा महाराष्ट्र स्पर्धा परीक्षा (अनुचित साधनों पर प्रतिबंध) अधिनियम-2024 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत मामला दर्ज है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर पहले से ही सार्वजनिक बहस तेज है।

जांच की मौजूदा स्थिति

एसआईटी का कहना है कि पेपर लीक नेटवर्क की पूरी साजिश, आर्थिक लेनदेन और इसमें शामिल अन्य संभावित व्यक्तियों की भूमिका की जांच अभी जारी है। अधिकारियों के अनुसार, आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह मामला राज्य की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली के भीतर गहरी जड़ें जमाए भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है, जो सैकड़ों ईमानदार उम्मीदवारों के भविष्य को प्रभावित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताता है कि यह नेटवर्क अलग-थलग नहीं बल्कि सुनियोजित था। असली सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार केवल गिरफ्तारियों से संतुष्ट होगी या परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार भी लाएगी — जैसे डिजिटल प्रश्नपत्र वितरण और स्वतंत्र तृतीय-पक्ष निगरानी। बिना ऐसे सुधारों के, अगला घोटाला केवल समय की बात होगा।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमपीएससी पेपर लीक मामला क्या है?
यह महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की औषध निरीक्षक भर्ती परीक्षा से जुड़ा मामला है, जिसमें 22 मार्च 2026 को 154 पदों के लिए आयोजित परीक्षा के प्रश्नपत्र गोपनीय कक्ष से चुराकर अवैध रूप से बेचे गए। 25 अगस्त 2026 को कफ परेड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।
एमपीएससी पेपर लीक में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
23 अक्टूबर 2026 तक कुल 13 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें एमपीएससी अधिकारी, सहायक कक्ष अधिकारी, एक कोचिंग संस्थान के संचालक, बिचौलिये और पेपर खरीदने वाले उम्मीदवार शामिल हैं।
रोहित कोलटकर को क्यों गिरफ्तार किया गया?
एसआईटी जांच में सामने आया कि एमपीएससी के सहायक कक्ष अधिकारी रोहित कोलटकर ने आरोपी अभिजीत लांडवे से परीक्षा का प्रश्नपत्र हासिल किया था। उन्हें 23 अक्टूबर 2026 को नवी मुंबई से गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों पर कौन-कौन से कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज है?
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के अलावा महाराष्ट्र स्पर्धा परीक्षा (अनुचित साधनों पर प्रतिबंध) अधिनियम-2024 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत मामला दर्ज है।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ होंगी?
एसआईटी अधिकारियों के अनुसार पेपर लीक नेटवर्क की साजिश, आर्थिक लेनदेन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है। अधिकारियों ने आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया है।
राष्ट्र प्रेस
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