गुजरात सरकार ने औद्योगिक इकाइयों के लिए बल्क LPG आपूर्ति नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए

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गुजरात सरकार ने औद्योगिक इकाइयों के लिए बल्क LPG आपूर्ति नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए

सारांश

गुजरात सरकार ने औद्योगिक इकाइयों को बल्क LPG की आपूर्ति से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। इससे विभिन्न क्षेत्रों की इकाइयों को लाभ मिलेगा। जानें विस्तार से इस नई व्यवस्था के बारे में।

Key Takeaways

  • गुजरात सरकार ने औद्योगिक इकाइयों के लिए LPG नियमों में बदलाव किए हैं।
  • 70%25 तक बल्क LPG आपूर्ति मिलेगी विभिन्न क्षेत्रों की इकाइयों को।
  • पंजीकरण के बिना LPG आपूर्ति नहीं मिलेगी।
  • 98,883 गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं।
  • बुंदिशों के बावजूद, औद्योगिक क्षेत्र सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।

गांधीनगर, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात सरकार ने औद्योगिक इकाइयों के लिए बल्क गैर-घरेलू तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की आपूर्ति से संबंधित नियमों में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी गुरुवार को साझा की।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग के अनुसार, फार्मास्युटिकल, फूड प्रोसेसिंग, पॉलिमर, कृषि, पैकेजिंग, पेंट, स्टील, सिरेमिक, ग्लास और एरोसोल जैसे क्षेत्रों की औद्योगिक इकाइयों को अब मार्च 2026 से पहले के उपभोग के आधार पर अधिकतम 70 प्रतिशत तक बल्क एलपीजी आपूर्ति प्राप्त होगी।

सभी औद्योगिक इकाइयों के लिए कुल आपूर्ति सीमा 0.2 टीएमटी (हजार मीट्रिक टन) प्रति दिन निर्धारित की गई है।

नई व्यवस्था के अनुसार, प्राथमिकता उन इकाइयों को दी जाएगी, जहां उत्पादन के लिए एलपीजी आवश्यक है और जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) एक व्यवहार्य विकल्प नहीं है।

इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए औद्योगिक इकाइयों को सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, उन्हें सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के पास पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करना भी आवश्यक होगा, सिवाय उन मामलों के जहां एलपीजी उत्पादन प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा है।

राज्य सरकार ने गुजरात के औद्योगिक श्रमिकों के लिए 5 किलो के कुल 98,883 गैस सिलेंडर भी उपलब्ध कराए हैं, जो देश में किसी भी राज्य द्वारा दी गई सबसे बड़ी संख्या है।

जिला-वार वितरण में सूरत को 26,183, अहमदाबाद को 19,930, कच्छ को 7,771, भरूच को 6,723 और राजकोट को 6,525 सिलेंडर प्रदान किए गए हैं।

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण एलपीजी आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बावजूद राज्य सरकार का कहना है कि अधिकांश औद्योगिक क्षेत्र सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं।

केवल कुछ इकाइयां अस्थायी रूप से बंद हैं या लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन की समस्याओं के कारण कम क्षमता पर चल रही हैं, जो ईंधन की कमी के कारण नहीं है।

अधिकारियों के अनुसार, राज्य की 4.11 लाख से अधिक पंजीकृत औद्योगिक इकाइयों में से लगभग 1,200 इकाइयां बंद हैं, जबकि लगभग 28,500 इकाइयां कम क्षमता पर काम कर रही हैं। अधिकांश उद्योगों को गैस और अन्य ऊर्जा आपूर्ति नियमित रूप से मिल रही है।

सरकारी प्रतिनिधियों ने बताया कि लॉजिस्टिक्स और नियामकीय जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय बना हुआ है, और घरेलू व वाणिज्यिक उपयोग के लिए PNG सहित आवश्यक ईंधन आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है।

Point of View

क्योंकि यह गुजरात की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। हालांकि, इसे लागू करने में चुनौतियां भी आ सकती हैं, जिन्हें ध्यान में रखना आवश्यक है।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

गुजरात सरकार ने LPG आपूर्ति नियमों में क्या बदलाव किए हैं?
गुजरात सरकार ने औद्योगिक इकाइयों को बल्क LPG की आपूर्ति में अधिकतम 70 प्रतिशत तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।
कौन सी औद्योगिक इकाइयों को प्राथमिकता मिलेगी?
उन इकाइयों को प्राथमिकता मिलेगी, जहां LPG उत्पादन के लिए आवश्यक है और PNG विकल्प नहीं है।
औद्योगिक इकाइयों को LPG का लाभ कैसे मिलेगा?
औद्योगिक इकाइयों को सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ पंजीकरण कराना होगा।
गुजरात में गैस सिलेंडरों का वितरण कैसे हुआ?
गुजरात सरकार ने 5 किलो के कुल 98,883 गैस सिलेंडर जिला-वार वितरित किए हैं।
क्या गुजरात में LPG आपूर्ति में कोई समस्या है?
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, अधिकांश औद्योगिक क्षेत्र सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं।
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