क्या पीएम उज्ज्वला योजना ने 10.33 करोड़ महिलाओं का जीवन आसान किया और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा दिया? : हरदीप पुरी

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क्या पीएम उज्ज्वला योजना ने 10.33 करोड़ महिलाओं का जीवन आसान किया और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा दिया? : हरदीप पुरी

सारांश

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने 10.33 करोड़ महिलाओं के जीवन में परिवर्तन लाया है। यह योजना न केवल महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराती है, बल्कि उनके सशक्तिकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जानिए, इस योजना के प्रभाव और ऊर्जा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी के बारे में।

मुख्य बातें

10.33 करोड़ महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।
ऊर्जा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।
सरकार ने ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
भारत तेल आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रगति कर रहा है।
सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया गया है।

नई दिल्ली, 28 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में भारत के ऊर्जा मिक्स में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। स्वच्छ ईंधन जैसे एलपीजी को बढ़ावा देने से महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है और उनका सशक्तिकरण बढ़ रहा है।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत एलपीजी कनेक्शन के माध्यम से 10.33 करोड़ महिलाओं को सम्मान और सुगमता प्रदान की गई है, जो भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में एक ऐतिहासिक पहल है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश में 1.51 करोड़ पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन हैं। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क देश के 96 प्रतिशत क्षेत्र और 99 प्रतिशत जनसंख्या को कवर करता है, जिससे ऊर्जा की पहुंच में सुधार हुआ है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महिलाएं ऊर्जा उद्योग में नेतृत्वकारी पदों पर कार्य और प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, वे बायोगैस प्लांट्स, रिटेल फ्यूल स्टोर्स और एलपीजी वितरण में भी योगदान दे रही हैं। सरकार ने ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए वित्त वर्ष 2024-2025 में 42,800 टन कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) खरीदी है।

पुरी ने कहा, "आज, भारतीय महिला केवल लाभार्थी नहीं है। वह देश के ऊर्जा भविष्य को आकार देने में अग्रणी है।"

स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता के अलावा, ऊर्जा तक पहुंच के लिए केंद्र सरकार की पहल ने विशेषकर महिलाओं के लिए सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है।

इससे पहले, केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि भारत तेल आत्मनिर्भरता की दिशा में स्थिर और आत्मविश्वास से भरे कदम उठा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, देश कदम दर कदम अपने ऊर्जा भविष्य को सुरक्षित कर रहा है।

पुरी के अनुसार, 99 प्रतिशत "नो-गो" क्षेत्रों से रोक हटा दी गई है और 10 लाख वर्ग किलोमीटर का अपतटीय क्षेत्र अब तेल क्षेत्र अन्वेषण के लिए खुला है। घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों ऊर्जा कंपनियों ने पहले ही ओपन एकरेज लाइसेंसिंग प्रोग्राम (ओएएलपी) के तहत उपलब्ध तेल और गैस ब्लॉकों में रुचि व्यक्त की है, और दसवें राउंड की बोली में निवेश और भागीदारी के लिए नए मानक स्थापित होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह योजना भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक नया युग लेकर आई है, जो महिलाओं को सशक्त बनाती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उद्देश्य क्या है?
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन उपलब्ध कराना है, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके।
इस योजना का लाभ कितनी महिलाओं को मिला है?
इस योजना के तहत 10.33 करोड़ महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।
क्या महिलाएं इस क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभा रही हैं?
जी हां, महिलाएं ऊर्जा उद्योग में नेतृत्वकारी पदों पर कार्य और प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
सरकार ने ग्रीन एनर्जी के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने वित्त वर्ष 2024-2025 में 42,800 टन कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) खरीदी है।
भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में क्या प्रगति हुई है?
भारत ने तेल आत्मनिर्भरता की दिशा में स्थिर और आत्मविश्वास से भरे कदम उठाए हैं।
राष्ट्र प्रेस