क्या बिहार में सरकारी योजनाओं में बैंकों से लाभार्थियों को लोन देने के मामले में सुधार होगा?
सारांश
Key Takeaways
- बैंकों का प्रदर्शन असंतोषजनक रहा है।
- लाभार्थियों को लोन देने में सुधार की आवश्यकता है।
- बैंकों ने दो महीने में सुधार का आश्वासन दिया है।
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सपना विकसित बिहार है।
- सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाना आवश्यक है।
पटना, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने बिहार में बैंकों की खराब कार्यप्रदर्शन पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि बैंकों से भारत सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों को आवश्यक सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया गया है, जिस पर बैंकों ने आने वाले दो महीनों में इस क्षेत्र में अपनी कार्यप्रदर्शन में सुधार और अधिक लोगों को लाभ पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
दिलीप जायसवाल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "कई बैंकों की कार्यप्रदर्शन बहुत ही खराब रही है। सभी बैंकों से यह अनुरोध किया गया है कि वे अलग-अलग योजनाओं के तहत लाभार्थियों को लोन और वित्तीय सहायता देकर बिहार के लोगों के साथ इंसाफ करें। इस पर बैंकों ने यह विश्वास दिलाया है कि वे अगले दो महीनों में इस क्षेत्र में सुधार करेंगे।"
उन्होंने कहा, "डाटा के अनुसार बिहार में बैंकों का जितना सहयोग होना चाहिए था, उतना नहीं मिला है। बिहार को विकसित बिहार बनाने के लिए बैंकों को जितनी मदद करनी चाहिए थी, उसमें कमी पाई गई है। सरकारी योजनाओं का लोगों को लाभ पहुंचाने में असंतोषजनक स्थिति सामने आई है।"
उन्होंने आगे कहा, "वित्तीय वर्ष के खत्म होने में अभी दो महीने बाकी हैं और विभिन्न योजनाएं, जैसे कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड, शामिल हैं। इन योजनाओं में बैंकों को लाभार्थियों को जो सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए, उसमें कमी देखी गई है।"
उन्होंने बताया, "बैंकों से अनुरोध किया गया है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को विकसित बिहार बनाने और आगे बढ़ाने का जो सपना देखा है, उसमें सहयोग प्रदान करें। बैंकों ने हमें आश्वासन दिया है कि हमारी जो कार्यप्रदर्शन खराब है, वह आने वाले दो महीनों में सुधार जाएगी। हम कार्यप्रदर्शन को अगले दो महीनों में बढ़ाने का प्रयास करेंगे।"