कैसे श्रीराम राघवन ने 'अंधाधुन' की कहानी बनाई? जानें दिलचस्प किस्सा
सारांश
Key Takeaways
- श्रीराम राघवन ने एक छोटी कहानी से बड़ी फिल्म बनाई।
- फिल्म का मुख्य पात्र एक अंधा पियानो वादक है।
- फिल्म में कई प्रसिद्ध कलाकारों ने अभिनय किया।
- अंधाधुन की कहानी को कई भाषाओं में रीमेक किया गया है।
- फिल्म की सफलता ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
मुंबई, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। निर्माता-निर्देशक श्रीराम राघवन, जिन्होंने 'बदलापुर', 'एजेंट विनोद', 'मैरी क्रिसमस' और 'जॉनी गद्दार' जैसी सफल फ़िल्में बनाई हैं, ने अपनी 2018 की सस्पेंस थ्रिलर फिल्म 'अंधाधुन' के बारे में एक दिलचस्प किस्सा साझा किया।
राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि यह सब एक छोटी सी कहानी से शुरू हुआ, जिसने उन पर गहरा प्रभाव डाला। राघवन ने याद किया, “समय रात 10:30 बजे के करीब था और मैं अपने मैसेज इनबॉक्स को चेक कर रहा था। फिल्म निर्माता हेमंत राव ने मुझे एक शॉर्ट फिल्म भेजी थी। मुझे वह इतनी पसंद आई कि मैंने तुरंत उन्हें फोन किया और कहा, 'क्यों न हम इसे एक फीचर फिल्म के रूप में बनाएं?'”
उन्होंने आगे बताया कि जैसे ही उन्होंने कहानी पर विभिन्न संभावनाओं पर विचार करना शुरू किया, उनका उत्साह बढ़ने लगा। एक स्थिति आई और मैंने तुरंत कहा, 'क्या होगा अगर ऐसा हो जाए, क्या होगा अगर वैसा हो जाए?' कुछ ऐसे ही 'क्या होगा अगर' सवालों से कहानी का मध्य भाग बहुत सरल हो गया।”
राघवन ने न केवल इस फ़िल्म का निर्देशन किया, बल्कि हेमंत राव, पूजा लाधा सुरती, अरिजीत बिस्वास और योगेश चांदेकर के साथ मिलकर इसका स्क्रिप्ट भी लिखा। 'अंधाधुन' की कहानी एक अंधे पियानो वादक की है जो एक हत्या के मामले में अनजाने में फंस जाता है। फ़िल्म में आयुष्मान खुराना मुख्य भूमिका में हैं, जबकि तब्बू, राधिका आप्टे और अनिल धवन जैसे कलाकारों ने भी अद्भुत अभिनय किया है।
यह फ़िल्म वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स और मैचबॉक्स पिक्चर्स के बैनर तले बनी है, जिसका सह-निर्माण सुधांशु वत्स, अजीत अंधारे, गौरव नंदा, अशोक वासोदिया, केवल गर्ग और संजय राउत्रे ने किया है।
फिल्म की सफलता के बाद इसकी कहानी को कई भाषाओं में रीमेक किया गया है। तेलुगू में इसका नाम 'मैस्ट्रो' रखा गया, जो 2021 में रिलीज हुआ। मलयालम में 'भ्रामम' और तमिल में 'अंधागन' के नाम से यह रिलीज हुई है।