केसी वेणुगोपाल का सीएम विजयन से सवाल: सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश पर स्पष्टता आवश्यक

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केसी वेणुगोपाल का सीएम विजयन से सवाल: सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश पर स्पष्टता आवश्यक

सारांश

कोच्चि, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से सीधा सवाल किया है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर वह कोई स्पष्ट रुख नहीं अपना रही है।

Key Takeaways

  • केसी वेणुगोपाल का सीएम पर हमला महिलाओं के प्रवेश पर रुख स्पष्ट करने की मांग है।
  • सरकार पर आरोप है कि वह जिम्मेदारी से बच रही है।
  • कांग्रेस का रुख महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ नहीं है, परंपरा का सम्मान आवश्यक है।
  • राजनीतिक बहस में सबरीमाला विवाद का महत्वपूर्ण स्थान है।
  • जनता को चुनाव में इसका जवाब मिलेगा।

कोच्चि, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का विषय एक बार फिर से केरल की राजनीति का केंद्र बन गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से स्पष्ट जवाब की मांग की है।

कोच्चि में केरल पुलैयार महासभा के कार्यक्रम में बोलते हुए वेणुगोपाल ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस संवेदनशील मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में अपने रुख को स्पष्ट नहीं कर रही है। उनका कहना है कि कई अवसरों पर सरकार यह नहीं बता पाई कि वह सभी उम्र की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश के पक्ष में है या विरोध में।

उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जब एक अभिनेता के मामले में लोगों की भावनाएं आहत हुई थीं, तब उन्होंने माफी मांगी थी, लेकिन सबरीमाला जैसे धार्मिक मुद्दे पर अब तक कोई माफी क्यों नहीं आई?

वेणुगोपाल ने यह भी प्रश्न उठाया कि सबरीमाला विरोध प्रदर्शन के दौरान जिन श्रद्धालुओं पर केस दर्ज किए गए थे, उन्हें अभी तक वापस क्यों नहीं लिया गया और प्रभावित लोगों को मुआवजा क्यों नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि सरकार इस मामले में जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने पुराने हलफनामों का जिक्र करते हुए कहा कि 2016 की सरकार ने भी बिना किसी नए सिरे से विचार किए 2007 में वी.एस. च्युतानंदन की सरकार के रुख को ही आगे बढ़ाया।

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार का यह कहना कि वह धार्मिक विद्वानों की राय लेगी और फैसला सुप्रीम कोर्ट पर छोड़ देगी, वास्तव में एक तरह से जिम्मेदारी से बचना है। उन्होंने इस तर्क की भी आलोचना की कि सरकार चाहे तो कानून बना सकती है, लेकिन उसने अब तक कोई ठोस रुख नहीं दिखाया।

कांग्रेस का रुख दोहराते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ नहीं है, लेकिन मंदिर की परंपराओं और रीति-रिवाजों को नजरअंदाज करके कोई फैसला नहीं होना चाहिए। इस मुद्दे को सीधे तौर पर लैंगिक समानता से जोड़ना उचित नहीं है, क्योंकि यह आस्था और परंपरा से भी जुड़ा मामला है।

उन्होंने मुख्यमंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहा कि जनता को साफ 'हां' या 'ना' में जवाब चाहिए। अगर सरकार ऐसा नहीं करती, तो चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।

राज्य में 9 अप्रैल को मतदान होना है और 4 मई को नतीजे आएंगे, ऐसे में सबरीमाला विवाद फिर से राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।

Point of View

बल्कि धर्म और परंपरा के बीच के टकराव को भी दर्शाता है। केसी वेणुगोपाल की प्रतिक्रिया से स्पष्ट होता है कि राजनीतिक दल इस मुद्दे पर अपने रुख को लेकर कितने सजग हैं। यह विषय चुनावी माहौल में और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
NationPress
18/03/2026

Frequently Asked Questions

केसी वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री से क्या सवाल पूछा?
उन्होंने महिलाओं के सबरीमाला मंदिर में प्रवेश पर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।
सबरीमाला मुद्दा क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मामला महिलाओं के अधिकारों और धार्मिक परंपराओं के बीच के जटिल संतुलन को दर्शाता है।
क्या कांग्रेस महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ है?
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ नहीं है, लेकिन परंपराओं का सम्मान होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अभी तक क्या प्रतिक्रिया दी है?
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है।
इस मुद्दे पर चुनावों का क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह मुद्दा आगामी चुनावों में महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि यह मतदाताओं की भावनाओं को प्रभावित कर सकता है।
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