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केरल: सबरीमाला तंत्री की गिरफ्तारी पर वेणुगोपाल और सतीशन ने सीएम पिनाराई विजयन को घेरा

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केरल: सबरीमाला तंत्री की गिरफ्तारी पर वेणुगोपाल और सतीशन ने सीएम पिनाराई विजयन को घेरा

सारांश

एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सबरीमाला तंत्री की गिरफ्तारी पर राज्य सरकार के रवैये की आलोचना की है। उन्होंने अदालत में सबूतों की कमी की ओर इशारा किया। विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने भी गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए हैं।

मुख्य बातें

गिरफ्तारी पर सवाल उठाए गए हैं।
राज्य सरकार के रवैये पर आलोचना।
विपक्ष की राजनीतिक यात्रा में तेजी।
जमानत पर अदालत के निर्णय का महत्व।
एसआईटी को सबूतों का खुलासा करने की आवश्यकता।

कोच्चि, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को सबरीमाला तंत्री (मुख्य पुजारी) की गिरफ्तारी के संदर्भ में राज्य सरकार के दृष्टिकोण पर सवाल उठाए। उन्होंने यह आरोप लगाया कि अदालत में पेश किए गए सबूतों के अभाव के बावजूद उन्हें दोषी ठहराने की प्रक्रिया में जल्दबाजी की जा रही है।

वेणुगोपाल ने कहा कि यदि सबूत ठोस होते तो गिरफ्तारी पर कोई आपत्ति नहीं करता। हालांकि, उन्होंने बताया कि अदालत ने जमानत के समय कहा था कि तंत्री के खिलाफ एक भी सबूत नहीं है।

उन्होंने कानून मंत्री पी. राजीव द्वारा जमानत आदेश के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए पूछा कि अदालत के फैसले पर सवाल उठाने का क्या उद्देश्य है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी यह तर्क नहीं दिया कि यदि सबूत पर्याप्त हों तो तंत्री को गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कानून को अपना कार्य करने दीजिए, लेकिन अदालत में सबूत प्रस्तुत किए बिना दोषी ठहराने की जल्दबाजी गंभीर सवाल उठाती है। उन्होंने यह भी कहा कि साजिश की आशंकाएं अदालत की टिप्पणियों के बाद ही उभरकर सामने आईं।

वहीं, विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने राज्य भर में अपनी राजनीतिक यात्रा के दौरान सरकार के खिलाफ विपक्ष के अभियान को और तेज किया।

सतीशन ने कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) को गिरफ्तारी के आधार और सबूतों को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए। गिरफ्तारी के अगले दिन 11 जनवरी को विपक्ष ने विधानसभा में अपना रुख स्पष्ट कर दिया था। एसआईटी की जिम्मेदारी है कि वह जनता को बताए कि कौन सा विशिष्ट अपराध हुआ था और तंत्री ने कथित रूप से क्या भूमिका निभाई थी।

विपक्ष विधानसभा का बहिष्कार कर रहा है। इसके साथ ही, देवस्वम मंत्री वी.एन. वासवन के इस्तीफे और मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जांच में कथित हस्तक्षेप को समाप्त करने की मांग कर रहा है। वीडी सतीशन ने उन मंत्रियों पर भी पलटवार किया, जिन्होंने विपक्ष पर तंत्री को बचाने और न्यायपालिका की आलोचना करने का आरोप लगाया था। उन्होंने तर्क दिया कि कानून मंत्री ने ही जमानत दिए जाने पर अदालत की सार्वजनिक रूप से आलोचना की थी।

दोनों नेताओं ने कहा कि तंत्री के लिए कोई विशेष विशेषाधिकार नहीं मांगा जा रहा है, लेकिन उन्हें भी आम नागरिक की तरह कानूनी सुरक्षा का अधिकार प्राप्त है और एसआईटी को जनता का विश्वास बहाल करने के लिए गिरफ्तारी के साक्ष्यों का खुलासा करना चाहिए।

ज्ञात हो कि एसआईटी द्वारा गिरफ्तार किए गए 13 लोगों में से अब तक छह को जमानत मिल चुकी है, जबकि बाकी की जमानत याचिकाओं पर आने वाले दिनों में सुनवाई होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों ही इस मुद्दे को और जटिल बनाते हैं। यह न केवल न्यायपालिका पर विश्वास को चुनौती देता है, बल्कि राजनीतिक संतुलन पर भी असर डालता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सबरीमाला तंत्री की गिरफ्तारी के खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं?
एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल का कहना है कि अदालत ने जमानत के समय कहा था कि तंत्री के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है।
क्या विपक्ष ने विधानसभा का बहिष्कार किया है?
हां, विपक्ष ने विधानसभा का बहिष्कार किया है और देवस्वम मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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