क्या सबरीमाला केस की जांच में तांत्रिक को दोष देकर मंत्री को बचाने की कोशिश हो रही है?

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क्या सबरीमाला केस की जांच में तांत्रिक को दोष देकर मंत्री को बचाने की कोशिश हो रही है?

सारांश

क्या सबरीमाला मंदिर में हुई सोने की चोरी के मामले में तांत्रिक को बलि का बकरा बनाकर किसी मंत्री को बचाने की कोशिश की जा रही है? इस मुद्दे पर कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गंभीर सवाल उठाए हैं। जानिए इस विवादास्पद मामले में क्या है सच।

Key Takeaways

  • तांत्रिक को बलि का बकरा नहीं बनाना चाहिए।
  • जांच में निष्पक्षता होनी चाहिए।
  • राजनीतिक प्रभावों से बचकर जांच करनी चाहिए।
  • किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने का प्रयास नहीं होना चाहिए।
  • कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है।

तिरुवनंतपुरम, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने शनिवार को कहा कि सबरीमाला सोने की चोरी मामले की जांच इस तरह नहीं होनी चाहिए कि केवल तांत्रिक (पुजारी) को दोषी ठहराकर किसी मंत्री को बचा लिया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और इसमें किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।

कांग्रेस और भाजपा दोनों का आरोप है कि सीपीआई (एम) के वरिष्ठ विधायक कडाकम्पल्ली सुरेंद्रन, जो पहले मंत्री रह चुके हैं, उनकी भूमिका की ठीक से जांच होनी चाहिए। दोनों दलों का कहना है कि भले ही एसआईटी ने उनसे पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया हो, लेकिन मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

केरल हाई कोर्ट द्वारा शुक्रवार को नियुक्त एसआईटी ने सबरीमाला मंदिर के तांत्रिक कंटारार राजीव को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।

वेणुगोपाल ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) इस पूरे मामले पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सबरीमाला सोने की चोरी में शामिल हर व्यक्ति तक जांच पहुंचनी चाहिए, चाहे उसका पद या राजनीतिक संबंध कुछ भी हों।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले की जांच की दिशा और प्रक्रिया को प्रभावित करने में राज्य सरकार का स्वार्थ जुड़ा हुआ है और वह स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।

यह जोर देते हुए कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है, वेणुगोपाल ने कहा कि किसी को भी जवाबदेही से बचने नहीं दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह मामला अभी पुलिस और न्यायिक जांच के अधीन है, इसलिए वह इस आरोप पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते कि तांत्रिक को जानबूझकर फंसाया जा रहा है।

हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि जांच केवल किसी एक व्यक्ति को बलि का बकरा बनाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि असली दोषियों तक पहुंचनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान अयप्पा का सोना चुराने वालों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर बचाया गया है और अब मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के खिलाफ नैतिकता की बातें कर रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि सबरीमाला सोने की चोरी के मामले में भाजपा शुरू से ही चुप रही और अब अचानक आरोप लगाने लगी है। इसी बीच, जांच के तहत एसआईटी की एक टीम शनिवार को चेन्गनूर में तांत्रिक के घर पर नियमित जांच के लिए पहुंची।

इससे पहले दिन में तांत्रिक को, जिसे यहां स्पेशल सब-जेल में रखा गया था, बेचैनी की शिकायत के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।

Point of View

NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या सबरीमाला में सोने की चोरी का मामला महत्वपूर्ण है?
हाँ, यह मामला न केवल धार्मिक स्थल से जुड़ा है, बल्कि इसमें राजनीतिक और सामाजिक पहलू भी शामिल हैं।
क्या तांत्रिक को जानबूझकर फंसाया जा रहा है?
इस पर अभी कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की जा सकती, लेकिन जांच निष्पक्ष होनी चाहिए।
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