एकनाथ शिंदे और पीएम मोदी की महत्वपूर्ण चर्चा: मिडिल ईस्ट युद्ध और महाराष्ट्र के मुद्दे
सारांश
Key Takeaways
- एकनाथ शिंदे और पीएम मोदी की मुलाकात में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
- विपक्ष पर राजनीति करने के आरोप लगाए गए।
- गैस की कमी के मुद्दे पर सरकार की स्थिति स्पष्ट की गई।
नई दिल्ली, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने ईरान-इजरायल युद्ध, घरेलू परिस्थितियों और महाराष्ट्र के विभिन्न मुद्दों पर गहराई से चर्चा की। इस अवसर पर शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे, नरेश म्हस्के, मिलिंद देवड़ा, धैर्यशील माने, श्रीरंग बारणे और रवींद्र वायकर भी उपस्थित रहे।
एकनाथ शिंदे ने आश्वासन दिया कि युद्ध जैसे हालात में 'एनडीए' की सहयोगी के रूप में शिवसेना, प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का समर्थन करती है और हम देश के साथ खड़े हैं। इस बैठक के बाद, डिप्टी सीएम ने मीडिया से बात की।
डिप्टी सीएम ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति के दौरान भारत में झूठा प्रोपेगेंडा फैलाकर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हेडलाइन बनाने के लिए पाकिस्तान का नाम लेते हैं। बालासाहेब
उन्होंने प्रधानमंत्री को सूचित किया कि युद्ध के कारण कुवैत, दुबई, मस्कट में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया गया है। उन्होंने कोविड के बाद से खाड़ी देशों के साथ बने अच्छे रिश्तों के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि इस मीटिंग में राज्य में विकास कार्यों और अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई।
उन्होंने आगे कहा कि यह दुखद है कि विपक्ष युद्ध के हालात का उपयोग राजनीति के लिए कर रहा है। कांग्रेस और शिवसेना-यूबीटी देश में गैस की कमी की अफवाह फैला रहे हैं, जिससे ब्लैक मार्केट को बढ़ावा मिल रहा है। राजनीति के लिए और भी मुद्दे हैं, लेकिन जब देश को एकजुट रहने की जरूरत है, तब विपक्ष राजनीति कर रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि विपक्ष ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भी ऐसी ही राजनीति की थी।
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने शिवसेना एमपी को गैस की कमी के मुद्दे पर कड़ा स्टैंड लेने और सदन में विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे झूठे प्रोपेगेंडा को नाकाम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। सरकार ब्लैक मार्केट को रोकने के लिए पूरी मेहनत से कार्य कर रही है।