16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026: योगी, भजनलाल समेत कई मुख्यमंत्रियों ने तंबाकू छोड़ने की अपील की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026: योगी, भजनलाल समेत कई मुख्यमंत्रियों ने तंबाकू छोड़ने की अपील की

सारांश

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर 31 मई को योगी आदित्यनाथ, भजनलाल शर्मा और मोहन यादव समेत कई राज्यों के नेताओं ने एक्स पर तंबाकू छोड़ने की अपील की। नेताओं ने स्वस्थ, नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया।

मुख्य बातें

31 मई 2026 को विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर देशभर में जागरूकता अभियान चलाए गए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर तंबाकू के आर्थिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों पर ज़ोर दिया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और बिहार के मंत्री विश्व विजय कुमार सिन्हा ने भी नशामुक्त जीवन की अपील की।
विशेषज्ञों के अनुसार सोशल मीडिया अपीलों के साथ-साथ नीतिगत और जमीनी अभियानों की भी ज़रूरत है।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर 31 मई 2026 को देशभर में जागरूकता अभियान चलाए गए, जिसमें कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने नागरिकों से तंबाकू एवं धूम्रपान से दूर रहने का आह्वान किया। उत्तर प्रदेश से लेकर महाराष्ट्र और राजस्थान तक, नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश साझा कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर ज़ोर दिया।

मुख्यमंत्रियों के संदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'तंबाकू का सेवन न केवल असाध्य बीमारियों का कारण बनता है, बल्कि यह परिवार पर गंभीर आर्थिक एवं सामाजिक प्रभाव भी डालता है। आइए, विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर हम सभी तंबाकू से दूर रहने का संकल्प लें तथा एक स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण हेतु दूसरों को भी इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करें।'

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, 'तम्बाकू न केवल स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि परिवार और समाज की खुशियों को भी प्रभावित करता है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर ही हम एक सशक्त, जागरूक और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।'

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर पोस्ट किया, 'तंबाकू और धूम्रपान से स्वयं दूर रहें और स्वस्थ जीवन के लिए दूसरों को भी प्रेरित करें। तंबाकू का सेवन अनेक गंभीर बीमारियों की जड़ है।'

उपमुख्यमंत्रियों और मंत्रियों की भागीदारी

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा, 'धूम्रपान न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि यह परिवार और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। आइए, इस अवसर पर नशामुक्त और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें।'

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक्स पर लिखा, 'जीवन सुंदर है, इसे तंबाकू की लत से दूषित न होने दें।' बिहार सरकार के मंत्री विश्व विजय कुमार सिन्हा ने 'नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें' का नारा देते हुए नागरिकों को नशामुक्त जीवन की शपथ लेने के लिए प्रेरित किया।

तंबाकू से स्वास्थ्य पर असर

गौरतलब है कि तंबाकू सेवन को कैंसर, हृदय रोग और श्वसन संबंधी बीमारियों का प्रमुख कारण माना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, तंबाकू हर वर्ष वैश्विक स्तर पर लाखों लोगों की मृत्यु का कारण बनता है। भारत में तंबाकू का उपयोग न केवल स्वास्थ्य, बल्कि परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी गहरा प्रभाव डालता है।

आम जनता पर असर और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में तंबाकू नियंत्रण कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर विशेषज्ञ अधिक ठोस कदमों की माँग कर रहे हैं। नेताओं की यह सामूहिक अपील जन जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि केवल सोशल मीडिया संदेशों से परे नीतिगत हस्तक्षेप और जमीनी अभियानों की भी आवश्यकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, युवाओं को तंबाकू की लत से बचाने के लिए स्कूल और कॉलेज स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम और अधिक प्रभावी हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या ये अपीलें ज़मीन पर कोई बदलाव लाती हैं। भारत में तंबाकू नियंत्रण कानून — कोटपा (COTPA) — दशकों पुराना है, फिर भी इसके क्रियान्वयन में गंभीर खामियाँ बनी हुई हैं। जब तक नेताओं की अपीलें ठोस नीतिगत कदमों — जैसे तंबाकू उत्पादों पर कर वृद्धि, सार्वजनिक स्थानों पर सख्त प्रतिबंध और युवाओं के लिए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम — में नहीं बदलतीं, तब तक ये संदेश महज रस्म अदायगी बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व तंबाकू निषेध दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
विश्व तंबाकू निषेध दिवस हर वर्ष 31 मई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों — जैसे कैंसर, हृदय रोग और श्वसन समस्याओं — के प्रति जागरूकता फैलाना और लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करना है।
31 मई 2026 को किन मुख्यमंत्रियों ने तंबाकू निषेध की अपील की?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर अपील की। इनके अलावा उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य , महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और बिहार के मंत्री विश्व विजय कुमार सिन्हा ने भी संदेश साझा किए।
तंबाकू सेवन से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?
तंबाकू सेवन कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी और अन्य असाध्य रोगों का प्रमुख कारण माना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यह वैश्विक स्तर पर हर वर्ष लाखों मौतों के लिए ज़िम्मेदार है और परिवारों पर आर्थिक बोझ भी डालता है।
भारत में तंबाकू नियंत्रण के लिए क्या कानून हैं?
भारत में तंबाकू नियंत्रण के लिए सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) लागू है, जो सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान और नाबालिगों को तंबाकू बिक्री पर प्रतिबंध लगाता है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि इस कानून का क्रियान्वयन अभी भी पर्याप्त नहीं है।
युवाओं को तंबाकू से बचाने के लिए क्या किया जा सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, स्कूल और कॉलेज स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, तंबाकू उत्पादों पर उच्च कर और सार्वजनिक विज्ञापनों पर सख्त नियंत्रण युवाओं को तंबाकू की लत से बचाने में कारगर हो सकते हैं। सोशल मीडिया अभियानों के साथ-साथ जमीनी स्तर पर हस्तक्षेप भी आवश्यक माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
    विश्व तंबाकू निषेध दिवस: मंत्री वेंकटरमण ने मरीना बीच रैली से की अपील, तमिलनाडु को तंबाकू-मुक्त बनाना सामूहिक जिम्मेदारी
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले