विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026: योगी, भजनलाल समेत कई मुख्यमंत्रियों ने तंबाकू छोड़ने की अपील की
सारांश
मुख्य बातें
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर 31 मई 2026 को देशभर में जागरूकता अभियान चलाए गए, जिसमें कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने नागरिकों से तंबाकू एवं धूम्रपान से दूर रहने का आह्वान किया। उत्तर प्रदेश से लेकर महाराष्ट्र और राजस्थान तक, नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश साझा कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर ज़ोर दिया।
मुख्यमंत्रियों के संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'तंबाकू का सेवन न केवल असाध्य बीमारियों का कारण बनता है, बल्कि यह परिवार पर गंभीर आर्थिक एवं सामाजिक प्रभाव भी डालता है। आइए, विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर हम सभी तंबाकू से दूर रहने का संकल्प लें तथा एक स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण हेतु दूसरों को भी इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करें।'
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, 'तम्बाकू न केवल स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि परिवार और समाज की खुशियों को भी प्रभावित करता है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर ही हम एक सशक्त, जागरूक और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।'
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर पोस्ट किया, 'तंबाकू और धूम्रपान से स्वयं दूर रहें और स्वस्थ जीवन के लिए दूसरों को भी प्रेरित करें। तंबाकू का सेवन अनेक गंभीर बीमारियों की जड़ है।'
उपमुख्यमंत्रियों और मंत्रियों की भागीदारी
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा, 'धूम्रपान न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि यह परिवार और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। आइए, इस अवसर पर नशामुक्त और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें।'
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक्स पर लिखा, 'जीवन सुंदर है, इसे तंबाकू की लत से दूषित न होने दें।' बिहार सरकार के मंत्री विश्व विजय कुमार सिन्हा ने 'नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें' का नारा देते हुए नागरिकों को नशामुक्त जीवन की शपथ लेने के लिए प्रेरित किया।
तंबाकू से स्वास्थ्य पर असर
गौरतलब है कि तंबाकू सेवन को कैंसर, हृदय रोग और श्वसन संबंधी बीमारियों का प्रमुख कारण माना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, तंबाकू हर वर्ष वैश्विक स्तर पर लाखों लोगों की मृत्यु का कारण बनता है। भारत में तंबाकू का उपयोग न केवल स्वास्थ्य, बल्कि परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी गहरा प्रभाव डालता है।
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में तंबाकू नियंत्रण कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर विशेषज्ञ अधिक ठोस कदमों की माँग कर रहे हैं। नेताओं की यह सामूहिक अपील जन जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि केवल सोशल मीडिया संदेशों से परे नीतिगत हस्तक्षेप और जमीनी अभियानों की भी आवश्यकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, युवाओं को तंबाकू की लत से बचाने के लिए स्कूल और कॉलेज स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम और अधिक प्रभावी हो सकते हैं।