15 जुलाई 2026
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विश्व तंबाकू निषेध दिवस: मंत्री वेंकटरमण ने मरीना बीच रैली से की अपील, तमिलनाडु को तंबाकू-मुक्त बनाना सामूहिक जिम्मेदारी

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विश्व तंबाकू निषेध दिवस: मंत्री वेंकटरमण ने मरीना बीच रैली से की अपील, तमिलनाडु को तंबाकू-मुक्त बनाना सामूहिक जिम्मेदारी

सारांश

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर मंत्री वेंकटरमण ने मरीना बीच से दो मोर्चों पर आह्वान किया — तंबाकू-मुक्त तमिलनाडु और PDS में पारदर्शिता। राशन दुकानों में जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी के साथ उन्होंने नागरिकों को सीधे शिकायत दर्ज कराने को कहा।

मुख्य बातें

तमिलनाडु के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री पी.
वेंकटरमण ने 30 मई 2026 को विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर मरीना बीच, चेन्नई पर जागरूकता रैली का उद्घाटन किया।
मंत्री ने तमिलनाडु को तंबाकू-मुक्त राज्य बनाने के लिए जनभागीदारी और लगातार जन-शिक्षा को अनिवार्य बताया।
युवा पीढ़ी को तंबाकू की लत से बचाने के लिए जागरूकता को सबसे प्रभावी साधन बताया गया।
PDS में अनियमितता की शिकायत सीधे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को करने की अपील; जमाखोरी पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन।
सरकार ने वर्षों से लंबित नागरिक शिकायतों को व्यवस्थित तरीके से हल करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

तमिलनाडु के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री पी. वेंकटरमण ने 30 मई 2026 को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर मरीना बीच, चेन्नई पर आयोजित जागरूकता रैली का उद्घाटन करते हुए राज्य को तंबाकू-मुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों से सतर्क रहने और अनियमितताओं की सीधे शिकायत करने की अपील की।

मरीना बीच पर तंबाकू जागरूकता रैली

30 मई को मरीना बीच पर आयोजित तंबाकू जागरूकता रैली का उद्घाटन करने के बाद मंत्री वेंकटरमण ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'तमिलनाडु को एक तंबाकू-मुक्त राज्य बनना चाहिए। तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के बारे में दशकों से पता है। तंबाकू के इस्तेमाल को खत्म करने और एक स्वस्थ समाज बनाने की दिशा में काम करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।' उन्होंने लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाने की ज़रूरत पर बल दिया।

युवा पीढ़ी और तंबाकू की लत: मंत्री की चिंता

मंत्री ने रेखांकित किया कि तंबाकू की लत आबादी के एक बड़े हिस्से को प्रभावित कर रही है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य परिणाम और सामाजिक चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि हालाँकि राज्यभर में नशामुक्ति और पुनर्वास की पहलें जारी हैं, फिर भी युवा पीढ़ी को इस लत में पड़ने से रोकने के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी साधन बनी हुई है।

वेंकटरमण ने कहा, 'केवल लगातार जन-शिक्षा के माध्यम से ही हम एक मजबूत, स्वस्थ और अधिक उत्पादक समाज का निर्माण कर सकते हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत में तंबाकू सेवन से जुड़ी बीमारियाँ सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

PDS में पारदर्शिता और शिकायत तंत्र

राशन दुकानों की कार्यप्रणाली पर मंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अनियमितता की जानकारी सीधे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को दें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी, 'अगर राशन का चावल या PDS की कोई अन्य वस्तु जमाखोरी, हेराफेरी या दुरुपयोग करते हुए पाई जाती है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।'

गौरतलब है कि PDS में अनियमितताओं की शिकायतें तमिलनाडु सहित कई राज्यों में लंबे समय से एक संवेदनशील मुद्दा रही हैं। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि विभाग हर शिकायत की जाँच करेगा।

लंबित शिकायतों के समाधान का आश्वासन

सार्वजनिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए वेंकटरमण ने कहा, 'लोग लगातार ऐसे मुद्दे और माँगें सामने ला रहे हैं जो वर्षों से अनसुलझी हैं। सरकार इन चिंताओं को व्यवस्थित तरीके से हल कर रही है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कल्याणकारी योजनाएँ बिना किसी देरी के लाभार्थियों तक पहुँचें।' राज्य प्रशासन नागरिकों की दीर्घकालिक शिकायतों के समाधान और ज़रूरी सेवाओं की डिलीवरी में सुधार के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

आगे की राह

मंत्री के इस आह्वान के बाद तमिलनाडु सरकार से अपेक्षा है कि वह तंबाकू-विरोधी जागरूकता अभियानों को ज़िला स्तर तक विस्तारित करे और PDS शिकायत निवारण तंत्र को और सुदृढ़ बनाए। विशेषज्ञों का मानना है कि तंबाकू-मुक्त राज्य का लक्ष्य तभी हासिल होगा जब नीतिगत प्रयासों के साथ-साथ समुदाय स्तर पर भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राजनीतिक दृष्टि से सुविधाजनक तो है, लेकिन दोनों के लिए ठोस कार्ययोजना का अभाव उल्लेखनीय है। 'जागरूकता' और 'जनभागीदारी' के आह्वान तब तक प्रभावी नहीं होते जब तक राज्य सरकार तंबाकू की बिक्री पर नियामक सख्ती और PDS शिकायत निवारण के लिए समयबद्ध लक्ष्य नहीं तय करती। तमिलनाडु में PDS की शिकायतें नई नहीं हैं — असली सवाल यह है कि विभाग की शिकायत-से-कार्रवाई की औसत समयसीमा क्या है, जो मंत्री ने नहीं बताई।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 पर तमिलनाडु में क्या हुआ?
30 मई 2026 को चेन्नई के मरीना बीच पर एक तंबाकू जागरूकता रैली आयोजित की गई, जिसका उद्घाटन खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री पी. वेंकटरमण ने किया। उन्होंने तमिलनाडु को तंबाकू-मुक्त राज्य बनाने के लिए जनभागीदारी का आह्वान किया।
मंत्री वेंकटरमण ने PDS के बारे में क्या कहा?
मंत्री ने नागरिकों से राशन दुकानों में किसी भी अनियमितता की शिकायत सीधे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि PDS सामग्री की जमाखोरी या हेराफेरी पाए जाने पर तुरंत और कड़ी कार्रवाई होगी।
तमिलनाडु सरकार तंबाकू सेवन कम करने के लिए क्या कर रही है?
सरकार राज्यभर में नशामुक्ति और पुनर्वास पहलें चला रही है, साथ ही जागरूकता अभियानों के माध्यम से खासकर युवा पीढ़ी को तंबाकू की लत से दूर रखने का प्रयास कर रही है। मंत्री वेंकटरमण के अनुसार लगातार जन-शिक्षा इस दिशा में सबसे प्रभावी साधन है।
राशन दुकान में अनियमितता की शिकायत कैसे करें?
मंत्री वेंकटरमण के अनुसार नागरिक सीधे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। विभाग हर शिकायत की जाँच करेगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
तंबाकू-मुक्त तमिलनाडु का लक्ष्य क्यों महत्वपूर्ण है?
तंबाकू की लत राज्य की आबादी के एक बड़े हिस्से को प्रभावित कर रही है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ और सामाजिक चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं। मंत्री के अनुसार, एक स्वस्थ और उत्पादक समाज के निर्माण के लिए तंबाकू उपयोग को समाप्त करना सामूहिक जिम्मेदारी है।
राष्ट्र प्रेस
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