अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस: तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी और राज्यपाल शुक्ल ने 'ड्रग-फ्री तेलंगाना' का आह्वान किया
सारांश
मुख्य बातें
अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस (26 जून 2026) के अवसर पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने राज्यवासियों से नशे से दूर रहने और 'ड्रग-फ्री तेलंगाना' के लक्ष्य को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। दोनों नेताओं ने एकजुट होकर नशामुक्त समाज के निर्माण को एक सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
मुख्यमंत्री का संदेश: युवाओं में सकारात्मक संस्कार ज़रूरी
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अपने संदेश में कहा कि स्वस्थ समाज की नींव नशामुक्त जीवनशैली पर टिकी होती है। उन्होंने जोर दिया कि युवाओं में सकारात्मक सोच और अच्छे संस्कार विकसित करना ही नशामुक्त समाज की दिशा में सबसे प्रभावी कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा केवल किसी एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को तोड़ देता है। इससे सामाजिक ताने-बाने पर नकारात्मक असर पड़ता है और कानून-व्यवस्था की चुनौतियाँ भी बढ़ती हैं। उन्होंने नशे की लत और अवैध तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए जागरूकता, सतर्कता और सामाजिक जिम्मेदारी को अनिवार्य बताया।
राज्यपाल की अपील: सामूहिक प्रयास से बनेगा नशामुक्त समाज
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने भी इस अवसर पर लोगों से नशे के दुष्प्रभावों को रोकने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए एकजुट होकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण किसी एक व्यक्ति या संस्था के प्रयास से नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के सामूहिक संकल्प से ही संभव है।
डीजीपी का आह्वान: पुलिस अकेले नहीं लड़ सकती यह जंग
तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सी.वी. आनंद ने भी नशे के व्यापक सामाजिक दुष्प्रभावों पर चिंता जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'आइए, हम सभी जागरूकता फैलाएं, नशे की रोकथाम में सहयोग करें और स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली को बढ़ावा दें। मिलकर हम सुरक्षित और मजबूत तेलंगाना का निर्माण कर सकते हैं।'
डीजीपी आनंद ने स्पष्ट किया कि नशे के विरुद्ध यह अभियान केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है — यह पूरे समाज का साझा संघर्ष है। उन्होंने नागरिकों से सतर्क रहने, जागरूकता बढ़ाने और इस मुहिम में सक्रिय भागीदार बनने की अपील की।
आम जनता पर असर और आगे की राह
गौरतलब है कि हर वर्ष 26 जून को संयुक्त राष्ट्र के आह्वान पर अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस मनाया जाता है, जो नशे की समस्या के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने का अवसर है। तेलंगाना सरकार का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब राज्य में नशे की तस्करी और युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। राज्य के शीर्ष नेतृत्व का एकजुट होकर इस मुद्दे पर बोलना नशामुक्ति अभियान को नई गति देने का संकेत है।