26 जून 2026
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अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस: तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी और राज्यपाल शुक्ल ने 'ड्रग-फ्री तेलंगाना' का आह्वान किया

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अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस: तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी और राज्यपाल शुक्ल ने 'ड्रग-फ्री तेलंगाना' का आह्वान किया

सारांश

अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और डीजीपी सी.वी. आनंद ने एकस्वर में 'ड्रग-फ्री तेलंगाना' का आह्वान किया — यह संदेश देते हुए कि नशे के खिलाफ जंग केवल पुलिस की नहीं, पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

मुख्य बातें

26 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस पर तेलंगाना के शीर्ष नेतृत्व ने एकजुट संदेश दिया।
रेवंत रेड्डी ने युवाओं में सकारात्मक संस्कार और जागरूकता के ज़रिए 'ड्रग-फ्री तेलंगाना' बनाने की अपील की।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने नशामुक्त समाज को सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया।
आनंद ने एक्स पर पोस्ट कर नागरिकों से जागरूकता फैलाने और नशे की रोकथाम में सहयोग देने का आग्रह किया।
तीनों ने स्पष्ट किया कि नशे के विरुद्ध अभियान केवल पुलिस की नहीं, पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।

अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस (26 जून 2026) के अवसर पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने राज्यवासियों से नशे से दूर रहने और 'ड्रग-फ्री तेलंगाना' के लक्ष्य को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। दोनों नेताओं ने एकजुट होकर नशामुक्त समाज के निर्माण को एक सामूहिक जिम्मेदारी बताया।

मुख्यमंत्री का संदेश: युवाओं में सकारात्मक संस्कार ज़रूरी

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अपने संदेश में कहा कि स्वस्थ समाज की नींव नशामुक्त जीवनशैली पर टिकी होती है। उन्होंने जोर दिया कि युवाओं में सकारात्मक सोच और अच्छे संस्कार विकसित करना ही नशामुक्त समाज की दिशा में सबसे प्रभावी कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा केवल किसी एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को तोड़ देता है। इससे सामाजिक ताने-बाने पर नकारात्मक असर पड़ता है और कानून-व्यवस्था की चुनौतियाँ भी बढ़ती हैं। उन्होंने नशे की लत और अवैध तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए जागरूकता, सतर्कता और सामाजिक जिम्मेदारी को अनिवार्य बताया।

राज्यपाल की अपील: सामूहिक प्रयास से बनेगा नशामुक्त समाज

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने भी इस अवसर पर लोगों से नशे के दुष्प्रभावों को रोकने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए एकजुट होकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण किसी एक व्यक्ति या संस्था के प्रयास से नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के सामूहिक संकल्प से ही संभव है।

डीजीपी का आह्वान: पुलिस अकेले नहीं लड़ सकती यह जंग

तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सी.वी. आनंद ने भी नशे के व्यापक सामाजिक दुष्प्रभावों पर चिंता जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'आइए, हम सभी जागरूकता फैलाएं, नशे की रोकथाम में सहयोग करें और स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली को बढ़ावा दें। मिलकर हम सुरक्षित और मजबूत तेलंगाना का निर्माण कर सकते हैं।'

डीजीपी आनंद ने स्पष्ट किया कि नशे के विरुद्ध यह अभियान केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है — यह पूरे समाज का साझा संघर्ष है। उन्होंने नागरिकों से सतर्क रहने, जागरूकता बढ़ाने और इस मुहिम में सक्रिय भागीदार बनने की अपील की।

आम जनता पर असर और आगे की राह

गौरतलब है कि हर वर्ष 26 जून को संयुक्त राष्ट्र के आह्वान पर अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस मनाया जाता है, जो नशे की समस्या के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने का अवसर है। तेलंगाना सरकार का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब राज्य में नशे की तस्करी और युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। राज्य के शीर्ष नेतृत्व का एकजुट होकर इस मुद्दे पर बोलना नशामुक्ति अभियान को नई गति देने का संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन अपीलों के पीछे ठोस नीतिगत कदम कितने हैं। राज्य में नशे की तस्करी के मामलों में हालिया वृद्धि के बीच, केवल जागरूकता संदेशों से परे पुनर्वास केंद्रों की संख्या, बजट आवंटन और तस्करी-रोधी अभियानों के आँकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए। नशामुक्ति अभियान तभी विश्वसनीय बनता है जब वह जमीनी कार्यक्रमों से जुड़ा हो — सालाना दिवस के भाषणों से नहीं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
हर वर्ष 26 जून को संयुक्त राष्ट्र के आह्वान पर अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य नशे की समस्या के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।
तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी ने नशा विरोधी दिवस पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति का जीवन नहीं, बल्कि पूरे परिवार को बर्बाद करता है और समाज पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने युवाओं में सकारात्मक संस्कार विकसित कर 'ड्रग-फ्री तेलंगाना' के लक्ष्य को हासिल करने में सभी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी माँगी।
तेलंगाना के डीजीपी सी.वी. आनंद ने नशे पर क्या संदेश दिया?
डीजीपी सी.वी. आनंद ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह पूरे समाज का सामूहिक अभियान है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर नागरिकों से जागरूकता फैलाने, नशे की रोकथाम में सहयोग देने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
'ड्रग-फ्री तेलंगाना' अभियान का लक्ष्य क्या है?
'ड्रग-फ्री तेलंगाना' का लक्ष्य राज्य में नशे की लत और अवैध तस्करी पर अंकुश लगाना है। इसके लिए जागरूकता, सतर्कता और सामाजिक जिम्मेदारी को प्रमुख हथियार बताया गया है, और नागरिकों से इस मुहिम में सक्रिय भागीदार बनने का आग्रह किया गया है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने नशामुक्ति पर क्या अपील की?
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण सभी नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने लोगों से नशे के दुष्प्रभावों को रोकने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
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